मथुरा के IIT बाबा की खुल गई कुंडली, संत का चोला पहनकर लड़कियों का मोक्ष के नाम पर करता था रेप, खुद को बताता था 'नारायण'
मथुरा में खुद को ‘आदिकर्ता नारायण दास’ बताने वाले अभिषेक मिश्रा पर महिलाओं को आध्यात्मिक जाल में फंसाकर यौन शोषण और ब्लैकमेल करने का आरोप लगा है. IIT रुड़की से पढ़ा यह युवक अब पुलिस जांच के घेरे में है.
अभिषेक मिश्रा…नाम एक इंजीनियर का, लेकिन आरोप ऐसे जिसने पूरे मथुरा को हिला दिया. IIT रुड़की से पढ़ाई, लाखों के पैकेज वाली नौकरी और फिर अचानक अध्यात्म की दुनिया में एंट्री. खुद को ‘आदिकर्ता नारायण दास’ बताने वाला यह युवक अब महिलाओं के यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और फर्जी आध्यात्मिक जाल फैलाने के आरोपों में सलाखों के पीछे पहुंच चुका है.
मथुरा के गोवर्धन और राधाकुंड इलाके में बीते कुछ समय से यह युवक ऑनलाइन प्रवचन, गीता ज्ञान और मोक्ष की बातें करके पढ़े-लिखे युवाओं, खासकर युवतियों के बीच अपनी पहचान बना रहा था. पुलिस जांच में सामने आया है कि अभिषेक सोशल मीडिया के जरिए लोगों को प्रभावित करता, फिर उन्हें “आध्यात्मिक दीक्षा” और “जीवन बदलने” का सपना दिखाकर मथुरा बुलाता था.
IIT से पढ़ाई, फिर क्यों चुनी बाबागिरी?
पुलिस पूछताछ में अभिषेक मिश्रा ने बताया कि उसने Indian Institute of Technology Roorkee से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह एक निजी कंपनी में करीब 20 लाख रुपये सालाना पैकेज पर नौकरी भी कर चुका था. लेकिन कुछ साल बाद उसने नौकरी छोड़ दी और मथुरा पहुंच गया. शुरुआत में किराए के मकान में रहने वाला अभिषेक बाद में राधाकुंड में मकान खरीदकर अपना आश्रमनुमा ठिकाना चलाने लगा.
कैसे बनाता था लोगों को अपना शिकार?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, अभिषेक मिश्रा यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर धार्मिक और आध्यात्मिक वीडियो अपलोड करता था. वह खास तौर पर पढ़ी-लिखी लड़कियों, इंजीनियरों और बड़ी कंपनियों में काम करने वाली युवतियों को टारगेट करता था. आरोप है कि वह 'मोक्ष', 'आध्यात्मिक ऊर्जा' और 'जीवन सुधार' जैसी बातों के जरिए लोगों का ब्रेनवॉश करता था. इसके बाद उन्हें मथुरा बुलाकर अपने प्रभाव में लेता था.
'प्रसाद' के नाम पर नशीला दूध, फिर रेप का आरोप
पूरा मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ की रहने वाली 22 वर्षीय बीएससी नर्सिंग छात्रा ने गोवर्धन थाने में शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता ने आरोप लगाया कि अभिषेक ने उसे 'प्रसाद' बताकर दूध पिलाया, जिसमें कथित तौर पर नशीला पदार्थ मिला हुआ था. युवती के मुताबिक, दूध पीने के बाद वह बेहोश हो गई और इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया. शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए.
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वसूली?
पीड़िता ने आरोप लगाया कि बाद में अभिषेक मिश्रा ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. उसने कथित तौर पर 5 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.
आश्रम से क्या मिला?
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से दो युवतियों और एक युवक को भी बरामद किया. अधिकारियों के अनुसार, इन लोगों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है. पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन से कई पुरुषों और महिलाओं की एक दर्जन से ज्यादा आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी मिले हैं. जांच एजेंसियों को शक है कि पीड़ितों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती है.
‘मोक्ष गैंग’ या आध्यात्मिक जाल?
स्थानीय लोगों के मुताबिक, अभिषेक खुद को बेहद विद्वान और आधुनिक सोच वाला बाबा बताता था. IIT का टैग और अंग्रेजी में आध्यात्मिक बातें करने की वजह से कई युवा जल्दी प्रभावित हो जाते थे. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था या अकेले ही इस पूरे कथित रैकेट को चला रहा था.
पुलिस क्या कह रही है?
अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि आरोपी को जेल भेज दिया गया है. उसके सोशल मीडिया नेटवर्क, संपर्कों और संभावित अन्य पीड़ितों की पहचान को लेकर विस्तृत जांच जारी है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी लंबे समय से इसी तरीके से लोगों को फंसा रहा था.




