Begin typing your search...

कौन हैं अयातुल्ला अराफी, जो खामेनेई के बाद बने ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर? जानें क्यों माने जा रहे अहम चेहरा

अमेरिका इजराइल हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद सीनियर मौलवी अयातुल्ला अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर चुना गया है. जानिए उनका बैकग्राउंड, ताकत और क्यों उन्हें अहम चेहरा माना जा रहा है.

who is ayatollah arafi iran interim supreme leader
X
( Image Source:  @ShaykhSulaiman )

ईरान की सत्ता को लेकर अचानक हलचल तेज हो गई है. फिलहाल, अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका इजरायल हमले में मौत के बाद अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को अंतरिम सुप्रीम लीडर चुन लिया गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अराफी को यह जिम्मेदारी इजरायल के साथ युद्ध के बीच सौंपी गई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अयातुल्ला अराफी कौन हैं, उनका प्रभाव कितना है और ईरान की राजनीति में उनकी एंट्री क्या संकेत देती है. यह मामला सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन का नहीं, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट के सियासी समीकरणों को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है.

कौन हैं Ayatollah Alireza Arafi?

ईरान के प्रमुख धार्मिक नेता अयातुल्ला अलीरेज़ा अराफी एक वरिष्ठ शिया धर्मगुरु हैं, जो लंबे समय से धार्मिक संस्थानों और शिक्षा प्रणाली से जुड़े रहे हैं.

क्या है उनका राजनीतिक और धार्मिक कद?

अराफी को ईरान के धार्मिक ढांचे में प्रभावशाली माना जाता है. वे Assembly of Experts से भी जुड़े रहे हैं, जो सुप्रीम लीडर के चयन में अहम भूमिका निभाती है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौजूदा हालात में अराफी को एक संतुलित और स्वीकार्य चेहरा माना जा रहा है, जो सत्ता के संक्रमण काल में स्थिरता बनाए रख सकते हैं.

ईरान में ‘अंतरिम सुप्रीम लीडर’ की क्या भूमिका होती है?

अंतरिम सुप्रीम लीडर का काम देश के धार्मिक और राजनीतिक संतुलन को बनाए रखना होता है, जब तक स्थायी नेता का चयन न हो जाए. अगर वे इस भूमिका में संतुलन बनाए रखते हैं, तो भविष्य में स्थायी सुप्रीम लीडर के रूप में भी उनका नाम सामने आ सकता है.

ईरान की राजनीति पर इसका क्या असर पड़ेगा?

इस बदलाव से मिडिल ईस्ट की राजनीति पर भी असर पड़ सकता है, खासकर ऐसे समय में जब क्षेत्र में पहले से तनाव बना हुआ है. इस बीच ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन ने खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए इसे "दुनिया भर में मुसलमानों, और खासकर शियाओं के खिलाफ जंग का खुला ऐलान" करार दिया है.

क्या है अंतरिम सुप्रीम लीडर की व्यवस्था?

ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ISNA के मुताबिक वरिष्ठ मौलवी अलीरेजा अराफी संवैधानिक प्रक्रिया से खामेनेई के उत्तराधिकारी चुने जाने तक इस पद पर रहेंगे.ईरान की संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार संकट के समय जब सुप्रीम लीडर की मौत के बाद देश के शीर्ष नेतृत्व की कुर्सी खाली होती है, तब शासन चलाने के लिए अस्थायी नेतृत्व परिषद जिम्मेदार होती है.

ईरान इजरायल युद्धवर्ल्‍ड न्‍यूज
अगला लेख