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Iran के सुप्रीम लीडर Khamenei की मौत पर सुलगा Pakistan, इस्लामाबाद-कराची समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन; अब तक 12 की मौत

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही पाकिस्तान के कराची, लाहौर और इस्लामाबाद समेत कई शहरों में हिंसक विरोध प्रदर्शन भड़क उठे. कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शन हिंसा में बदल गया, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए.

Photo of Violence in Pakistan
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खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन

( Image Source:  @ZakirAliTyagi/@anshuman_sunona )

Iran Israel War, Khamenei Death News, Pakistan Violence: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद इस्लामाबाद, कराची और लाहौर समेत पाकिस्तान के कई शहरों में हालात बेकाबू हो गए. गुस्साए प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अमेरिका के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की. कराची में सैकड़ों लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा हो गए, जहां शुरुआत में शांतिपूर्ण प्रदर्शन बाद में हिंसक हो गया. भीड़ ने गेट तोड़ने की कोशिश की, आगजनी की और सुरक्षा बलों से झड़प हो गई, जिसमें 12 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है.

राजधानी इस्लामाबाद में भी प्रदर्शन तेज हो गए, जहां लोगों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ नारे लगाए. हालात बिगड़ने के बाद भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए. ये घटनाएं अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के बाद हुईं, जिसमें ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया था. इसके जवाब में ईरान ने तेल अवीव और यरूशलम समेत कई इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया.


अब तक क्या-क्या बात सामने आई?

  • कराची, लाहौर और इस्लामाबाद समेत पाकिस्तान के कई शहरों में उस समय हालात बेकाबू हो गए जब अयातुल्ला अली खामेनेई की हमले में मौत की खबर फैली. गुस्साए प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और अमेरिका-विरोधी नारेबाजी शुरू हो गई, जिससे माहौल तेजी से हिंसक हो गया. स्कर्दू में भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन और झड़पों की खबर सामने आई.
  • कराची में सैकड़ों प्रदर्शनकारी अमेरिकी कांसुलेट के बाहर जमा हो गए, जहां शुरू में शांतिपूर्ण मार्च दोपहर बाद हिंसा में बदल गया. भीड़ ने लोहे की रॉड और हथौड़ों से मुख्य गेट तोड़ दिया और परिसर में घुसने की कोशिश की, साथ ही आगजनी भी की गई.
  • झड़पों के दौरान कम से कम 12 लोगों की मौत और कई के घायल होने की खबर है, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने आंसू गैस और लाठीचार्ज किया.
  • इस्लामाबाद और लाहौर में भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और अमेरिका के खिलाफ नारे लगाए. राजधानी में स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए भारी पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए ताकि कराची जैसी हिंसा न फैल सके।
  • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में जलती इमारतें, टूटते गेट और भागती भीड़ के दृश्य देखे गए, जिससे पूरे देश में तनाव बढ़ गया.
  • यह उबाल अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के बाद सामने आया, जिसने मध्य-पूर्व की स्थिति को और विस्फोटक बना दिया. रिपोर्ट्स के मुताबिक इस ऑपरेशन में ईरान के मिसाइल ठिकानों, न्यूक्लियर सुविधाओं और सैन्य मुख्यालयों सहित 500 से अधिक टारगेट्स पर हमला किया गया.हमले में कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने और भारी तबाही के दावे किए गए, जिससे क्षेत्रीय तनाव चरम पर पहुंच गया.
  • जवाब में ईरान ने तेल अवीव और जेरूसलम पर मिसाइल व ड्रोन हमले किए, जिनमें जान-माल का नुकसान हुआ. इसके अलावा सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत जैसे खाड़ी देशों पर भी हमले किए जाने की खबरें आईं. जॉर्डन ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया, जबकि अमेरिकी ठिकाने भी निशाने पर रहे.
  • लगातार बढ़ते हमलों के कारण पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया और कई देशों ने अपना एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया.



ईरान ने साफ कहा है कि वह हर कार्रवाई का “कड़ा और निर्णायक” जवाब देगा, जिससे बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका गहरा गई है. पाकिस्तान सहित पूरे दक्षिण एशिया और मध्य-पूर्व में इस संघर्ष के असर को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं.

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