तो राइफलें न्यूयॉर्क तक पहुंचेंगी..! कहां है अमेरिका को धमकाने वाला मादुरो का बेटा 'द प्रिंस' Nicolas Maduro Guerra?
वेनेजुएला की राजनीति उस वक्त हिल गई जब 3 दिसंबर को अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने कराकस में एक सनसनीखेज ऑपरेशन कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया. मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म और ड्रग तस्करी समेत कई गंभीर आरोप हैं और वह इस समय मैनहैटन कोर्ट में पेश किए जा रहे हैं. इस केस में मादुरो के बेटे निकोलस अर्नेस्टो मादुरो गुएरा उर्फ “निकोलासिटो” भी अमेरिकी जांच एजेंसियों के रडार पर है.
3 दिसंबर की सुबह वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हालात अचानक जंग जैसे हो गए. तेज धमाकों और गोलियों की आवाज़ के बीच अमेरिकी डेल्टा फोर्स ने एक सनसनीखेज ऑपरेशन को अंजाम दिया. इस कार्रवाई में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में लेकर देश से बाहर ले जाया गया. मादुरो इस वक्त अमेरिका की हिरासत में हैं और न्यूयॉर्क के मैनहैटन कोर्ट में उन पर नार्को-टेररिज्म समेत कई गंभीर आरोपों में सुनवाई चल रही है. लेकिन इस पूरे मामले में सिर्फ मादुरो ही नहीं, बल्कि उनका बेटा भी अमेरिकी एजेंसियों के निशाने पर है.
अमेरिकी अभियोग पत्र में मादुरो के बेटे निकोलस अर्नेस्टो मादुरो गुएरा का नाम भी शामिल है. उस पर अमेरिका में कोकीन तस्करी की साजिश रचने, ड्रग नेटवर्क चलाने और नार्को-आतंकवाद में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं. अमेरिकी अभियोजकों का दावा है कि निकोलस अर्नेस्टो ने एक राज्य-समर्थित ड्रग नेटवर्क में अहम भूमिका निभाई, जो वेनेजुएला से भारी मात्रा में नशीले पदार्थ अमेरिका तक पहुंचाता था.
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कौन है निकोलस अर्नेस्टो मादुरो गुएरा?
निकोलस अर्नेस्टो मादुरो गुएरा, जिसे वेनेजुएला में “निकोलासिटो” या “द प्रिंस” के नाम से जाना जाता है, का जन्म 21 जून 1990 को काराकास में हुआ था. वह निकोलस मादुरो और उनकी पहली पत्नी एड्रियाना गुएरा अंगुलो का इकलौता बेटा है. सत्ता के गलियारों में उसकी पहचान शुरू से ही एक ताकतवर राजनीतिक परिवार के वारिस के तौर पर रही.
अपने करियर की शुरुआत में उसने 2014 तक वेनेजुएला के पब्लिक मिनिस्ट्री में काम किया. इसके बाद पिता के राष्ट्रपति बनने के साथ ही उसका राजनीतिक कद तेजी से बढ़ा. 2013 में उसे राष्ट्रपति कार्यालय के विशेष निरीक्षक दल का प्रमुख बनाया गया. 2014 में बिना किसी फिल्म निर्माण अनुभव के उसे नेशनल फिल्म स्कूल का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया, जिसे लेकर देश में काफी विवाद भी हुआ.
राजनीति में तेजी से उभार
2017 में निकोलस अर्नेस्टो को संविधान सभा का सदस्य चुना गया, जहां उसने अमेरिका के खिलाफ बेहद आक्रामक बयान देकर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं. एक भाषण में उसने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो “राइफलें न्यूयॉर्क तक पहुंचेंगी.” 2021 से वह यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य के तौर पर नेशनल असेंबली में भी सक्रिय रहा.
अमेरिकी ऑपरेशन के बाद फरार
“ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व” के तहत अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने जब मादुरो को गिरफ्तार किया, उस वक्त निकोलस अर्नेस्टो वहां मौजूद नहीं था. फिलहाल वह फरार बताया जा रहा है और उसकी लोकेशन सार्वजनिक नहीं है. 5 जनवरी को उसने एक ऑडियो संदेश जारी कर अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे अमेरिका की “सैन्य आक्रामकता” बताया.
अपने बयान में उसने कहा, “वेनेजुएला अमेरिका सरकार की इस गंभीर सैन्य आक्रामकता की कड़ी निंदा करता है. यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन है. गद्दारों को धिक्कार है. हमें इस मुश्किल घड़ी में डटकर मुकाबला करना होगा.” उसने लोगों से सड़कों पर उतरने और अमेरिका के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की.
अमेरिका ने किन अपराधों में घेरा?
अमेरिका के मैनहैटन कोर्ट में दाखिल अभियोग पत्र के मुताबिक, निकोलस अर्नेस्टो मादुरो गुएरा पर कोकीन को अमेरिका में आयात करने की साजिश, नार्को-टेरर नेटवर्क का हिस्सा बनने और हथियारों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप हैं. अमेरिकी अभियोजकों का दावा है कि वह वेनेजुएला के कुख्यात “कार्टेल दे लॉस सोल्स” और मैक्सिकन ड्रग कार्टेल्स के साथ मिलकर ड्रग तस्करी में शामिल था.
आरोपों के अनुसार, उसने मियामी समेत अमेरिका के कई हिस्सों तक कोकीन की खेप पहुंचाने की व्यवस्था की. यहां तक कि राज्य के स्वामित्व वाले विमानों, जिनमें PDVSA की फ्लाइट भी शामिल थी, के जरिए ड्रग्स की तस्करी की गई. अभियोग पत्र में यह भी कहा गया है कि उसके पास मशीन गन और विस्फोटक उपकरण थे, जिनका इस्तेमाल इस नेटवर्क की सुरक्षा के लिए किया जाता था.
पिता के पाप, बेटे पर आरोप
अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि जिस तरह निकोलस मादुरो पर नार्को-आतंकवाद के आरोप हैं, उसी नेटवर्क में उनका बेटा भी गहराई से शामिल रहा है. अगर आरोप साबित होते हैं तो निकोलस अर्नेस्टो को अमेरिका में उम्रकैद तक की सजा हो सकती है. इस पूरे घटनाक्रम ने वेनेजुएला की राजनीति को झकझोर दिया है. एक तरफ देश का राष्ट्रपति अमेरिकी हिरासत में है, दूसरी तरफ उसका बेटा फरार है और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की तलाश में. आने वाले दिनों में यह मामला न सिर्फ वेनेजुएला, बल्कि वैश्विक राजनीति और अमेरिका-लैटिन अमेरिका संबंधों पर भी गहरा असर डाल सकता है.





