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मादुरो के बाद अब कौन, क्या क्‍यूबा-मेक्सिको और कोलंबिया होगा अगला निशाना? ट्रंप में है इतनी हिम्मत!

सद्दाम हुसैन, मैनुअल नोरिएगा, जीन-बर्ट्रेंड अरिस्टाइड, जुआन ऑरलैंडो हर्नान्डेज, चार्ल्स टेलर और अब निकोलस मादुरो के बाद भी कई और देशों के प्रमुखों के साथ ट्रंप की तनातनी है. इनमें से कई को ट्रंप धमका भी चुके हैं. सवाल यह है कि अब ट्रंप की नजर किस पर है? क्या क्‍यूबा, मेक्सिको और कोलंबिया के राष्ट्रपति भी अमेरिकी कार्रवाई का खतरा है?

मादुरो के बाद अब कौन, क्या क्‍यूबा-मेक्सिको और कोलंबिया होगा अगला निशाना? ट्रंप में है इतनी हिम्मत!
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( Image Source:  ANI )

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला के खिलाफ कार्रवाई से पूरी दुनिया आश्चर्यचकित है. खासकर रूस,चीन और ईरान के लिए यह घटना सकते में डालने वाली है. ट्रंप ने इस मिशन को अंजाम देकर यह साफ कर दिया कि जब वो कुछ सोच लेते हैं, तो उसे अंतिम मुकाम तक पहुंचाते हैं. चाहे उसका नतीजा कुछ भी क्यों न हो? डोनाल्ड ट्रंप ने निकोलस मादुरो को उन्होंने अपनी ‘लिस्ट’ में पहले ही डाल दिया था. तो क्या अब उनकी नजर क्‍यूबा, मेक्सिको और कोलंबिया पर क्यों है?

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क्या अगला बड़ा राजनीतिक खेल शुरू होने वाला है? ऐसा इसलिए कि इन देशों के प्रमुखों पर भी वही आरोप हैं, जो मादुरो पर ट्रंप ने लगाया था. मादुरो की तरह इन देशों के प्रमुखों को भी अमेरिका चेता चुका है. क्यूबा, मेक्सिको और कोलंबिया सभी नशीली दवाओं के निर्माण और उसके कार्टेल को पनाह देते हैं. अमेरिका का इन देशों पर भी आरोप है कि यूएस नागरिकों को नष्ट करने के लिए अमेरिका में ड्रग्स भेजने के आरोप लगाते आये हैं. जिन दावों का इस्तेमाल उन्होंने वेनेजुएला में कार्रवाई को सही ठहराने के लिए किया था, वहीं आरोप अमेरिका की ओर से मेक्सिको, क्यूबा और कोलंबिया पर भी लंबे अरसे से लगाए जा रहे हैं.

क्लाउडिया शिनबाम नहीं, ड्रग कार्टेल से चलता है मेक्सिको

तीन जनवरी को फॉक्स न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि मेक्सिको को उसकी राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम नहीं, बल्कि शक्तिशाली ड्रग कार्टेल चला रहे हैं. उन्होंने कहा, "मेक्सिको के साथ कुछ करना होगा."

क्यूबा विफल राष्ट्र कैसे?

क्लाडिया शिनबाम मेक्सिको चला रहे हैं. मैंने उनसे कई बार पूछा है कि क्या आप चाहते हैं कि हम कार्टेल को खत्म कर दें. 'नहीं, नहीं, नहीं, मिस्टर प्रेसिडेंट, नहीं, नहीं, नहीं, कृपया.' इसलिए हमें कुछ करना होगा." ट्रंप ने क्यूबा के बारे में भी इसी तरह की टिप्पणी की. वह क्यूबा को एक असफल राष्ट्र बता चुके हैं. ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि क्यूबा में कुछ ऐसा होने वाला है जिसके बारे में हम बात करेंगे, क्योंकि क्यूबा अभी एक विफल राष्ट्र है."

अमेरिकी वेब पोर्टल एक्सियोस ने ट्रंप के हवाले से कहा, "हम लोगों की मदद करना चाहते हैं. यह इस मायने में बहुत समान है कि हम क्यूबा में लोगों की मदद करना चाहते हैं, लेकिन हम उन लोगों की भी मदद करना चाहते हैं, जिन्हें क्यूबा से बाहर निकाल दिया गया था और जो इस देश में रह रहे हैं."

कोलंबिया ने US हमले को बताया था आतकी कार्रवाई

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोलंबिया का जिक्र करते हुए कहाकि वहां कम से कम तीन प्रमुख कोकीन कारखाने हैं. कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो का जिक्र करते हुए, ट्रंप ने कहा कहा कि, "वह कोकीन बना रहा है. वे इसे संयुक्त राज्य अमेरिका भेज रहे हैं. इसलिए उसे अपनी जान की फिक्र करनी होगी." कोलंबिया देशों में शामिल है, जिसने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमलों की निंदा की थी. साथ ही अमेरिकी हमले को 'राज्य आतंकवाद' बताया था.

कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो सरकार ने एक बयान में कहा, "क्षेत्र के सभी देशों को सतर्क रहना चाहिए, क्योंकि खतरा सभी पर मंडरा रहा है." पेट्रो ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे पूरे दक्षिण अमेरिका के खिलाफ हमला बताया और संभावित शरणार्थियों के आने को रोकने के लिए कोलंबिया की वेनेजुएला के साथ सीमा पर सैनिकों को तैनात करने की घोषणा की.

क्यूबा, कोलंबिया और मेक्सिकों की चर्चा हम यहां पर इसलिए कर रहे हैं कि अमेरिकी सेना ने तीन जनवरी को काराकास पर हवाई हमले किए. इतना नहीं, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़ लिया और उन्हें न्यूयॉर्क ले गए. ताकि उन पर ट्रंप के बताए अनुसार "नारको-टेररिज्म" के आरोप लगाए जा सके.

यूएस का मकसद तेल पर कब्जा करना है

वेनेजुएला ने अमेरिकी दावों को खारिज कर दिया है. साथ ही कहा कि सैन्य कार्रवाई के पीछे असली मकसद तेल से भरपूर देश को लूटना और उसके प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करना था.

क्‍यूबा, मेक्सिको और कोलंबिया में सता पर काबिज कौन?

  • क्‍यूबा कम्युनिस्ट शासन है. वहां के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल हैं. अमेरिकी प्रतिबंधों और क्यूबा की विदेशी नीति अमेरिका के लिए चुनौती बने हुए हैं.
  • मेक्सिको के राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम है. यह देश अमेरिका का पड़ोसी मुल्क है. मेक्सिको के साथ अमेरिका का ड्रग कार्टेल और ट्रैफिक नीतियों को लेकर अक्सर टकराव देखने को मिलता रहता है.
  • कोलंबिया के कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो हैं. उनका भी ट्रंप से वैचारिक मतभेद है. नारको पॉलिटिक्स और अमेरिका की सुरक्षा रणनीति में अहम भूमिका है.

क्या हो सकता है अगला कदम?

डोनाल्ड ट्रंप इन देशों के खिलाफ आर्थिक और सैन्य दबाव बढ़ा सकते हैं. गिरफ्तारी की धमकी या कूटनीतिक ब्लैकमेल की रणनीति पर भी जोर देने का विकल्प है. ट्रंप ऐसा इसलिए करेंगे कि उन्होंने अपने देश के नागरिकों से अमेरिका को महान राष्ट्र बनाने का वादा कर रखा है.

वर्ल्‍ड न्‍यूजडोनाल्ड ट्रंप
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