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सद्दाम हुसैन, लादेन और अब मादुरो, अमेरिका ने कैसे खत्म किए अपने दुश्मन, अब अगला नंबर किसका?

अमेरिका ने अब तक कई देशों के मौजूदा या पूर्व शासकों को गिरफ्तार किया है. अंतरराष्ट्रीय राजनीति के हिसाब से इनमें से कोई भी ताकतवर नेता शामिल नहीं हैं. जिन नेताओं को अब तक गिरफ्तार किया, उन्हें या तो अमेरिका बुलाकर, ट्रैप कर, प्रत्यर्पण (Extradition) से मंगवा कर या अमेरिकी अदालतों में सजा दिलवाकर दुनिया को बड़ा संदेश जरूर दिया है. ट्रंप ने भी निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी कर वैसा ही किया है.

सद्दाम हुसैन, लादेन और अब मादुरो, अमेरिका ने कैसे खत्म किए अपने दुश्मन, अब अगला नंबर किसका?
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अमेरिका जब भी किसी देश को दुनिया के लिए खतरा घोषित करता है, तो वो सिर्फ बयान नहीं होता, वो एक टाइमलाइन होती है, जिसका आखिरी सीन या तो जेल होता है या मौत. ऐसे देशों के खिलाफ वह पहले आरोप लगाता है. फिर दबाव, फिर पूरी दुनिया से अलग-थलग और अंत में उसका निकोलस मादुरो और सद्दाम हुसैन की तरह खेल खत्म कर देता है. ऐसा अमेरिका इससे पहले कई बार कर चुका है.

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अमेरिका अक्सर ऐसे अपहरण को सही ठहराने के लिए केर-फ्रिसबी सिद्धांत नामक कानूनी सिद्धांत का इस्तेमाल करता है. इसी प्रक्रिया के तहत महीनों की बयानबाजी, सैन्य जमावड़े और शब्दों के युद्ध के बाद ट्रंप प्रशासन ने शनिवार को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया. इसी के साथ मादुरो के लगभग 13 साल के विवादास्पद शासन का अंत हो गया. मादुरो को उनकी पत्नी के साथ, वेनेजुएला से बाहर अमेरिका ले जाया गया है. अमेरिकी फेडरल कोर्ट में उनके खिलाफ ड्रग तस्करी से संबंधित कई वाद चलाए जाएंगे. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस एक्शन से मौजूदा राष्ट्राध्यक्ष मादुरो को अमेरिका द्वारा पकड़े जाने से पूरी दुनिया में सदमे की लहर दौड़ गई है.

दरअसल, 1886 (केर बनाम इलिनोइस और 1952 फ्रिसबी बनाम कोलिन्स) के दो समान मामलों में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था कि एक अवैध रूप से अगवा किए गए प्रतिवादी पर अभी भी उस क्षेत्राधिकार में मुकदमा चलाया जा सकता है. जानें, अमेरिका ने अब तक किस-किस के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की है.

1. मैनुअल नोरिएगा

ऐसा पहला मामला पनामा के पूर्व सैन्य तानाशाह मैनुअल नोरिएगा से जुड़ा है. नोरिएगा 1983 से 1989 तक पनामा के वास्तविक शासक थे. हालांकि, उन्होंने कभी आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति के रूप में कार्य नहीं किया. नोरिएगा कभी अमेरिका और CIA के करीबी थे और उन्होंने लैटिन अमेरिका में वाशिंगटन समर्थित बलों को हथियार और नकदी की तस्करी में मदद की थी. नोरिएगा ड्रग तस्करी में भी शामिल थे और अमेरिका के साथ उनके मतभेद के बाद, उन पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाए गए.

दिसंबर 1989 में 27,000 सैनिकों और 300 विमानों की एक विशाल अमेरिकी सेना ने पनामा पर हमला किया. आक्रमण के पांचवें दिन, नोरिएगा ने वेटिकन दूतावास में शरण ली. होली सी के दूतावास के अंदर दस दिनों तक छिपे रहने के बाद, नोरिएगा ने आखिरकार 3 जनवरी, 1990 को आत्मसमर्पण कर दिया. उन्हें मियामी ले जाया गया, जहां उन पर मुकदमा चलाया गया और दोषी ठहराया गया. नोरिएगा को 40 साल जेल की सजा सुनाई गई थी, लेकिन 2010 में उन्हें फ्रांस और बाद में 2011 में पनामा भेज दिया गया. 2017 में ब्रेन ट्यूमर से उनकी मौत हो गई.

2. सद्दाम हुसैन

2003 में इराक पर अमेरिकी हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को पद से हटा दिया गया. उन्हें दिसंबर 2003 में टिकरित के पास अमेरिकी सेना ने पकड़ लिया था. मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए मुकदमे के बाद 2006 में उन्हें फांसी दे दी गई.

3. जीन-बर्ट्रेंड अरिस्टाइड

2024 में हैती के तत्कालीन राष्ट्रपति जीन-बर्ट्रेंड अरिस्टाइड ने दावा किया कि उन्हें अमेरिका ने किडनैप कर लिया था, जिसने विद्रोहियों के करीब आने पर खून-खराबे की धमकी देकर उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया और उन्हें देश निकाला दे दिया. अमेरिका ने राजनीतिक अपहरण के आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उसने एक सक्रिय विद्रोह के दौरान खून-खराबा रोकने के लिए केवल उनकी मर्जी से देश छोड़ने में मदद की थी.

4. जुआन ऑरलैंडो हर्नान्डेज

एक और खास मामला होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नान्डेज का है. इस लिस्ट में दूसरों से अलग, हर्नांडेज को अमेरिका ने अगवा नहीं किया था. हर्नांडेज को फरवरी 2022 में होंडुरास में गिरफ्तार किए जाने के बाद अमेरिका भेजा गया था. अप्रैल 2022 में हर्नांडेज को अमेरिका भेजा गया. जून 2024 में उन्हें ड्रग तस्करी के आरोप में 45 साल जेल की सजा सुनाई गई. हालांकि, नवंबर 2025 में, उन्हें डोनाल्ड ट्रंप ने माफ कर दिया और अमेरिकी जेल से रिहा कर दिया गया.

5. चार्ल्स टेलर

लाइबेरिया के राष्ट्रपति चार्ल्स टेलर को अमेरिका ने वॉर क्राइम्स और नरसंहार के आरोप में गिरफ्तार किया था. चार्ल्स टेलर की गिरफ्तारी में अमेरिका ने अहम भूमिका निभाई थी. टेलर को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने 50 साल जेल की सजा सुनाई गई थी. इसके अलावा, अमेरिका ने पेरू के राष्ट्रपति अल्बर्ट फुजीमोरी, सर्बिया के स्लोबोदान मिलोसेविच और मलेशिया के नाजिब रजाक व अन्य के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है.

6. ओसामा बिन लादेन

अमेरिका ने 11 सितंबर 2001 को अल-कायदा के आतंकियों द्वारा न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और वॉशिंगटन डीसी के पेंटागन पर हमला कराने का आरोप लगाया था. ओसामा​​​ बिन लादेन बिन लादेन अल कायदा का संस्थापक और नेता था और अमेरिका ने उन्हें सीधे हमले का जिम्मेदार माना था. ओसामा बिन लादेन ने अमेरिकी सैन्य और आर्थिक प्रभाव को मध्यपूर्व में चुनौती देने के लिए कई हमले किए थे. उन्होंने अमेरिका की विदेश नीतियों, विशेषकर सऊदी अरब और इजराइल के प्रति समर्थन के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दिया था. अमेरिका ने बिन लादेन को पकड़ने या मारने के लिए 'ऑपरेशन नीयोअल' (Operation Neptune Spear) 28 मई 2011 को अंजाम दिया. यह पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में उनकी सुरक्षित जगह पर Navy SEALs का मिशन था. बिन लादेन इस ऑपरेशन में मारा गया. अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को अपने देश की सुरक्षा के लिए खतरा माना था.

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