मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर: ब्रुकलिन जेल धरती पर क्यों है 'नर्क' का दूसरा नाम? यहीं कटेगी मादुरो की बाकी जिंदगी!
ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) जेल धरती पर लाइव नर्क माना जाता है. इस जेल में कैदियों को अमानवीय हालातों में रखा जाता है. भीषण ठंड, गंदा खाना, इलाज की कमी और दुनिया के माहौल से दूर रखा जाता है. कई मानवाधिकार संगठनों ने MDC ब्रुकलिन को मेंटल टॉर्चर सेंटर तक बताया है. इसे कैदियों के लिए “Hell on Earth” कहा जाता है.
वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को ट्रंप की सेना ने 3 जनवरी को उनके आवास से ही गिरफ्तार किया था. मादुरो को गिरफ्तार करने वाली एजेंसियां उन्हें वेनेजुएला से सीधे न्यूयॉर्क लेकर पहुंची. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन पर मानवाधिकार हनन और अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट चलाने का मुकदमा चलेगा. फिलहाल, उनको ट्रंप प्रशासन ने उन्हें ब्रुकलिन स्थित मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) में रखने का फैसला लिया है. एमडीसी (MDC) अमेरिका की सबसे कुख्यात फेडरल जेलों में से एक है. यहां आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय अपराध और हाई-प्रोफाइल मामलों के आरोपियों को रखा जाता है.
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मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर नर्क क्यों?
मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (MDC) ब्रुकलिन को अक्सर अमानवीय रहने की स्थितियों, बड़े पैमाने पर हिंसा, कर्मचारियों की भारी कमी और आधिकारिक भ्रष्टाचार के लंबे इतिहास के कारण जीता-जागता नर्क या धरती पर नर्क कहा जाता है. जेल की खराब स्थितियों को मुकदमों, सरकारी रिपोर्ट और कैदियों और उनके वकीलों की शिकायतों में दर्ज किया गया है, जिसके कारण कुछ संघीय न्यायाधीशों ने आरोपियों को इस सुविधा में सजा देने से इनकार कर दिया है.
हाई-प्रोफाइल जेल
ब्रुकलिन मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर जेल हाई प्रोफाइल जेल है. इस जेल में अंतरराष्ट्रीय आतंक के आरोपियों, बड़े ड्रग सिंडिकेट के सरगनाओं, अरबों डॉलर के फ्रॉड केस के आरोपियों को रखा जाता है. यानी अगर मादुरो को यहां रखा गया, तो वो किसी आम जेल में नहीं, बल्कि अमेरिका की सबसे क्रूर हिरासत रहने को मजबूर होंगे.
मादुरो के लिए क्यों खतरनाक ब्रुकलिन जेल?
अगर किसी राजनीतिक या अंतरराष्ट्रीय मामले में मादुरो को MDC ब्रुकलिन में रखा जाता है, तो उनकी परेशानी इस हद तक बढ़ जाएगी की, जान को भी खतरा हो सकता है.यह जेल पूरी तरह से बाहरी दुनिया से कटा है. इसमें रहने वाले अपराधी या राजनीतिक बंदियों को मानसिक दबाव का सामना करना पड़ता है. इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है. डिटेंशन सेंटर या फिर जेल शरीर से पहले दिमाग तोड़ती है.
मानवाधिकार संगठन जता चुके हैं गंभीर चिंता
अमेरिका के कई मानवाधिकार संगठन के लोग इस जेल पर सवाल उठा चुके हैं. संयुक्त राष्ट्र ने भी इसकी शिकायत अमेरिका से कई बार की है. अमेरिकी कोर्ट भी जेल की अमानवीय स्थिति को लेकर परेशान है, लेकिन सिस्टम जस का तस बना हुआ है. क्योंकि MDC ब्रुकलिन डर पैदा करने के लिए बनाई गई जेल मानी जाती है. मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर सिर्फ एक जेल नहीं है. यह इंतजार में पड़ी सजा है. यहां इंसान जिंदा रहते हुए हर रोज टूटता है. अगर मादुरो को वाकई अपनी जिंदगी के दिन यहां काटने पड़े तो ये सिर्फ केद नहीं, धीमी सजा होगी.
ऐसे हुआ तानाशाह का अंत!
कम्युनिस्ट नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला में बस ड्राइवर से लेकर यूनियन नेता और वेनेजुएला के राष्ट्रपति तक सफर में मादुरो तानाशाह बन गए. भुखमरी और आर्थिक तंगी से परेशान वेनेजुएला में उन्होंने हर विरोध की आवाज को दबाया. साल 2024 के चुनावों में धांधली की और बतौर राष्ट्रपति खुद को असीमित शक्तियां दे दी. विपक्षी नेताओं को फर्जी मामलों में जेल में डाला. ड्रग्स के पैसों के लालच में करप्ट पुलिस और सेना ने भी मदुरो का साथ दिया. उनके कर्मों ने मदुरो कि नियति तय कर रखी थी कि उसके घर में घुसकर अमेरिका ने उसे गिरफ्तार कर लिया. अब आजीवन जेल या मौत की सजा.





