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कौन हैं निकोलस मादुरो, जिन्हें ट्रंप की सेना ने बनाया बंधक? जानें क्या करती हैं वेनेजुएला के राष्ट्रपति की पत्नी

Venezuela Crisis : अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप प्रशासन ने शनिवार को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो उनके घर में घुसकर हिरासत में ले लिया. मादुरो को पत्नी के साथ देश से बाहर भेज दिया गया है. जानें कौन निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, जिनकी सत्ता को डोनाल्ड ट्रंप ने खुली चुनौती दी? जानिए मादुरो की पूरी कहानी और उनकी पत्नी सिलिया एडेला मादुरो की भूमिका.

कौन हैं निकोलस मादुरो, जिन्हें ट्रंप की सेना ने बनाया बंधक? जानें क्या करती हैं वेनेजुएला के राष्ट्रपति की पत्नी
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Venezuelan President Nicolas Maduro : वेनेजुएला का नाम आते ही दुनिया दो खेमों में बंट जाती है. एक तरफ अमेरिका और दूसरी तरफ निकोलस मादुरो. दोनों के बीच पिछले एक साल के दौरान विवाद चरम पर पहुंच गया था. ट्रंप ने मादुरों को चेतावनी दी थी, वह, मादुरो को सत्ता से बेदखल करेंगे. उसी चेतावनी पर अमल करते हुए डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने तीन जनवरी 2026 को “मादुरो को उसके ही घर में घुसकर गिरेबान पकड़ बाहर निकाल दिया. यह कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि अमेरिकी दबाव, प्रतिबंधों और सत्ता परिवर्तन की धमकियों की राजनीति माना जा रहा है.

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अब सवाल यह है कि कौन हैं निकोलस मादुरो, जो ट्रंप से सीधे टक्कर ले बैठे? कौन हैं उनकी पत्नी सिलिया एडेला मादुरो, जिन्हें सत्ता के गलियारों में ‘Power Behind the Throne’ कहा जाता है?

दरअसल, निकोलस मादुरो मोरोस (Nicolás Maduro Moros) अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति पद से बेदखल किए गए दुनिया के चर्चित शख्स हैं. वह दिवंगत नेता ह्यूगो चावेज के राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं. डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में अमेरिका ने मादुरो को लेकर तीखी टकराव वाली नीति अपनाई, जिसकी वजह से लंबे समय से दोनों देशों के बीच सियासी तनाव चल रहा है. इस बीच अमेरिकी सेना वेनेजुएला में अचानक दाखिल हुई और मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर देश से बाहर ले गई. इसे आप कह सकते हैं कि ट्रंप प्रशासन ने मादुरो के घर में घुसकर उनका गिरेबान पकड़ा और देश से बाहर भेज दिया.

कौन हैं निकोलस मादुरो?

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का जन्म 23 नवंबर 1962 देश के कराकास क्षेत्र में हुआ था. शुरुआत में वह पेशे से ट्रेड यूनियन लीडर थे. वामपंथी श्रमिक आंदोलन के अगुआ थे और उसी के रास्ते राजनीति में आए. उन्होंने यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ वेनेजुएला बनाई और 2013 में वेनेजुएला के राष्ट्रपति बने. वह समाजवादी विचाराधारा के पक्षधर और एंटी-अमेरिकन हैं. वह साम्राज्यवाद की नीतियों का भी शुरू से ही विरोध करते आए हैं. उनके मेंटॉर ह्यूगो चावेज थे.

सत्ता तक कैसे पहुंचे मादुरो?

निकोलस मादुरो ह्यूगो चावेज के करीबी रहे. वह पहले विदेश मंत्री, फिर उपराष्ट्रपति बने और चावेज की मौत 2013 के बाद राष्ट्रपति चुनाव जीते. उसके बाद से वह लगातार चुनाव जीतते आए है।. हालांकि, उनका चुनाव हमेशा विवादों में रहा.

‘गिरेबान पकड़ने’ वाली राजनीति क्या है?

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने मादुरो को अवैध राष्ट्रपति घोषित किया था. विपक्षी नेता जुआन गुएदो को अंतरिम राष्ट्रपति का समर्थन करते रहे हैं. यही वजह है वेनेजुएला पर अमेरिकी प्रशासन ने सख्त आर्थिक प्रतिबंध (Sanctions) लगा रखा है. ट्रंप और मादुरो के बीच पिछले कुछ समय के दौरान बयानबाजी चरम पर पहुंच गया था. ट्रंप मादुरो से काफी नाराज चल रहे थे. उसी का नतीजा है कि आज अमेरिका ने मादुरो को सत्ता से खींचकर बाहर कर दिया.

कौन हैं सिलिया एडेला फ्लोरेस डी मादुरो?

निकोलस मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस निकोलस मादुरो की पत्नी और वेनेजुएला की सबसे ताकतवर महिलाओं में से एक हैं. वह पेशे से वकील हैं. वेनेजुएला नेशनल असेंबली की स्पीकर और अटॉर्नी जनरल रह चुकी है. वेनेजुएला की राजनीति में उनकी पहचान 'हार्डलाइन चाविस्टा' की है. सिलिया फ्लोरेस सत्ता के हर बड़े फैसले में दखल देने की वजह से विवादों में रहती हैं. विपक्ष उन्हें “Power Behind the Throne” कहता आया है. उन पर सत्ता का दुरुपयोग और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप है.

वेनेजुएला की राजनीति में निकोलस मादुरो कोई साधारण नेता नहीं, बल्कि अमेरिका-विरोधी धुरी का चेहरा माने जाते हैं. डोनाल्ड ट्रंप के दौर में उन्हें सत्ता से हटाने की कोशिशें तेज हुई. पहले प्रतिबंध लगाया गया. फिर कूटनीति और बयानबाजी तक सीमित रहीं, लेकिन टकराव इतना तीखा था कि वह आज ट्रंप ने उनके 'घर में घुसकर देश से बाहर निकाल दिया. इस सत्ता संघर्ष में सिलिया फ्लोरेस उनकी सबसे मजबूत ढाल और रणनीतिक सहयोगी हैं.

पैमाने पर हमला' किया है और इस कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर भेज दिया गया है. ट्रंप ने यह दावा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर किया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई. वहीं इस बीच वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी लापता है.

ट्रंप के इस बयान के कुछ घंटों पहले ही वेनेजुएला की राजधानी कराकास के कई इलाकों में तेज धमाकों और बेहद नीचे उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज़ें सुनी गई थीं. हालांकि, ट्रंप के दावों की तत्काल कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और वेनेजुएला सरकार की ओर से भी शुरुआती तौर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.

मादुरो और उनकी पत्नी हिरासत में

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को Truth Social पर लिखा कि 'संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर हमला किया. इस कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर भेज दिया गया है. कहां भेजा गया, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है. यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर अंजाम दिया गया है. कहा जा रहा है कि मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिकी एजेंसियों की हिरासत में हैं.

मादुरो पर था 25 मिलियन डॉलर देने का इनाम

अमेरिका ने साल 2020 में मादुरो के ऊपर 15 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया था. इसके बावजूद अमेरिका लगातार मादुरो के राष्ट्रपति शासन के चुनौती देता रहा है. मादुरो के ऊपर ह्यूमन राइट्स के उल्लंघन, चुनावी धांधली को अंजाम देने और नॉर्को टेररिज्म फैलाने के आरोप हैं. जनवरी 2025 में उनके ऊपर रखे इनाम की राशि को बढ़ाकर 25 मिलियन डॉलर कर दिया गया. इसके अलावा वेनेजुएला के शीर्ष अधिकारियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए.

अब अमेरिका ने कहा कि महीनों से दबाव बनाए जाने के बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ लिया है. वहीं, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रॉड्रिग्ज ने कहा कि मादुरो, उनकी पत्नी के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं. उन्होंने कहा कि हम उनके जीवित होने का सबूत चाहते हैं.

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