US Attack On Venezuela: ट्रंप के गले की फांस कैसे बन गए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो? पढ़ें Top Updates
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो लंबे समय से अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के लिए सिरदर्द बने हुए थे. अमेरिका मादुरो पर ड्रग तस्करी, चुनावों में धांधली और तानाशाही शासन के आरोप लगाता रहा है, जबकि मादुरो इन आरोपों को खारिज कर अमेरिका पर देश के विशाल तेल भंडार पर कब्जे की साजिश रचने का आरोप लगाते हैं. ट्रंप प्रशासन ने मादुरो पर कड़े प्रतिबंध लगाए, सैन्य दबाव बढ़ाया और अंततः वेनेजुएला संकट अमेरिकी विदेश नीति का बड़ा मुद्दा बन गया.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तड़के एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर 'बड़े पैमाने पर हमला' किया है और इस कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर भेज दिया गया है. ट्रंप ने यह दावा अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर किया, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई. वहीं इस बीच वेनेजुएला के उपराष्ट्रपति का बयान सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी लापता है.
ट्रंप के इस बयान के कुछ घंटों पहले ही वेनेजुएला की राजधानी कराकास के कई इलाकों में तेज धमाकों और बेहद नीचे उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज़ें सुनी गई थीं. हालांकि, ट्रंप के दावों की तत्काल कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और वेनेजुएला सरकार की ओर से भी शुरुआती तौर पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.
ट्रंप का बड़ा दावा: मादुरो और उनकी पत्नी हिरासत में
डोनाल्ड ट्रंप ने Truth Social पर लिखा कि 'संयुक्त राज्य अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ सफलतापूर्वक बड़े पैमाने पर हमला किया है. इस कार्रवाई में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर देश से बाहर भेज दिया गया है. यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर अंजाम दिया गया'. ट्रंप ने यह भी कहा कि यह ऑपरेशन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर किया गया है और इसकी पूरी जानकारी Mar-a-Lago में सुबह 11 बजे (स्थानीय समय) होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जाएगी.
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो लंबे समय से अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के लिए सिरदर्द बने हुए थे. अमेरिका मादुरो पर ड्रग तस्करी, चुनावों में धांधली और तानाशाही शासन के आरोप लगाता रहा है, जबकि मादुरो इन आरोपों को खारिज कर अमेरिका पर देश के विशाल तेल भंडार पर कब्जे की साजिश रचने का आरोप लगाते हैं. ट्रंप प्रशासन ने मादुरो पर कड़े प्रतिबंध लगाए, सैन्य दबाव बढ़ाया और अंततः वेनेजुएला संकट अमेरिकी विदेश नीति का बड़ा मुद्दा बन गया.
कराकास में तड़के धमाके, आसमान में लड़ाकू विमान
AFP और Associated Press के पत्रकारों के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब 2 बजे (स्थानीय समय) कराकास के कई इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए. Associated Press के एक रिपोर्टर ने बताया कि कम से कम सात धमाके हुए और राजधानी के कई इलाकों के ऊपर नीची उड़ान भरते विमान देखे गए. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में शहर की कई इमारतों में आग और कुछ इलाकों में बिजली गुल होने की भी खबरें सामने आईं.
अमेरिकी मीडिया का दावा: US मिलिट्री थी हमलों के पीछे
अमेरिकी मीडिया संस्थानों Fox News और CBS News ने ट्रंप प्रशासन के अज्ञात अधिकारियों के हवाले से दावा किया कि कराकास पर हुए हमलों के पीछे अमेरिकी सेना थी. हालांकि, पेंटागन या व्हाइट हाउस की ओर से तत्काल कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया.
न्यूयॉर्क टाइम्स से फोन पर बोले ट्रंप: 'ऑपरेशन शानदार था'
ट्रंप ने The New York Times को दिए गए एक संक्षिप्त फोन इंटरव्यू में इस ऑपरेशन को “brilliant” बताया. उन्होंने कहा कि 'इसमें बेहतरीन योजना बनाई गई थी और शानदार, बेहद काबिल सैनिकों तथा महान लोगों ने इसमें अहम भूमिका निभाई. ट्रंप के इस बयान से साफ है कि वह इस कार्रवाई को अमेरिकी सैन्य क्षमता की बड़ी सफलता के तौर पर पेश कर रहे हैं.
1989 के बाद लैटिन अमेरिका में सबसे बड़ा अमेरिकी हस्तक्षेप?
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर ट्रंप का दावा सही साबित होता है तो यह 1989 में पनामा पर अमेरिकी हमले के बाद लैटिन अमेरिका में अमेरिका का सबसे सीधा सैन्य हस्तक्षेप होगा. उस समय अमेरिका ने पनामा पर हमला कर तत्कालीन शासक मैनुएल नोरिएगा को गिरफ्तार किया था. ट्रंप के बयान से कुछ समय पहले ही वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रीनो ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि देश विदेशी सैनिकों की मौजूदगी का डटकर विरोध करेगा. पाद्रीनो ने आरोप लगाया कि शनिवार सुबह हुए अमेरिकी हमले में नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया है और सरकार मृतकों व घायलों का ब्योरा जुटा रही है.
अमेरिका बनाम मादुरो: पुराना टकराव
वॉशिंगटन लंबे समय से निकोलस मादुरो पर “नार्को-स्टेट” चलाने और चुनावों में धांधली का आरोप लगाता रहा है. मादुरो, जिन्होंने 2013 में ह्यूगो शावेज़ के बाद सत्ता संभाली, इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं. मादुरो का कहना है कि अमेरिका वेनेजुएला के तेल भंडार पर कब्जा करना चाहता है, जो दुनिया में सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडारों में गिने जाते हैं.
अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी
पिछले कुछ हफ्तों में ट्रंप वेनेजुएला के ड्रग कार्टेल्स पर ग्राउंड स्ट्राइक की धमकी देते रहे थे. अमेरिका ने कैरेबियन क्षेत्र में भारी नौसैनिक और हवाई ताकत तैनात की थी, जिसमें दुनिया का सबसे उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R Ford भी शामिल था. सितंबर से अब तक अमेरिकी बलों ने ड्रग तस्करी के आरोप में कई नौकाओं पर हमले किए हैं, जिनमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत का दावा किया गया है. फिलहाल हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं. ट्रंप के दावों, कराकास में धमाकों और वेनेजुएला सरकार की प्रतिक्रियाओं के बीच पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते किस दिशा में जाते हैं.





