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दुनिया का सबसे सस्ता सोना! इस देश में एक T-Shirt की कीमत पर खरीद लेंगे गोल्ड

क्या आपने कभी सोचा है कि जिस सोने को भारत में लोग सालों की बचत और कर्ज लेकर खरीदते हैं, वही सोना दुनिया के एक देश में एक टी-शर्ट से भी सस्ता हो सकता है? दक्षिण अमेरिका के एक देश में आप यूं ही सोना खरीद सकते हैं. यहां गोल्ड की चमक पूरी तरह से फीकी पड़ चुकी है.

दुनिया का सबसे सस्ता सोना! इस देश में एक T-Shirt की कीमत पर खरीद लेंगे गोल्ड
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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 8 Jan 2026 1:29 PM IST

सोचिए, जिस सोने को भारत में खरीदने के लिए लोग महीनों की सैलरी जोड़ते हैं, वही सोना अगर एक साधारण टी-शर्ट की कीमत में मिल जाए तो? सुनने में यह किसी ऑफर या अफवाह जैसा लग सकता है, लेकिन दुनिया में एक ऐसा देश है जहां यह हकीकत बन चुकी है.

यहां सोने की कीमत इतनी गिर चुकी है कि जितने पैसों में आप एक टी-शर्ट खरीदते हैं, उतने में गोल्ड लेना मुमकिन है. यह कहानी किसी खुशहाली की नहीं, बल्कि उस देश की चरमराई अर्थव्यवस्था, कमजोर करेंसी और गहरे आर्थिक संकट की तस्वीर पेश करती है. चलिए ऐसे में जानते हैं आखिर कौन सा है यह देश और क्यों वहां सोना दुनिया में सबसे सस्ता हो गया है?

कहां मिल रहा सस्ता गोल्ड?

यह देश और कोई नहीं बल्कि वेनेजुएला है. यहां एक ग्राम गोल्ड की कीमत टी-शर्ट जितनी ही है. हैरान न हो. यह बात एकदम सच है.

181 रुपये में 1 ग्राम सोना

भारत में जहां 24 कैरेट के एक ग्राम सोने की कीमत 13,800 रुपये है. वहीं वेनेजुएला में वही शुद्ध सोना भारतीय पैसों में सिर्फ करीब 181 रुपये प्रति ग्राम में मिल जाएगा. 22 कैरेट सोने की कीमत भी ज्यादा अलग नहीं है और वहां यह करीब 166 रुपये प्रति ग्राम के आसपास मिल रहा है.

क्यों इतना सस्ता हुआ सोना?

वेनेजुएला में सोना सस्ता इसलिए नहीं है क्योंकि वहां सब कुछ बेहतर है, बल्कि इसलिए क्योंकि देश की मुद्रा वेनेजुएलन बोलिवर (VES) की कीमत लगभग मिट्टी के मोल हो चुकी है. महंगाई, आर्थिक कुप्रबंधन और राजनीतिक अस्थिरता ने हालात ऐसे बना दिए कि सोने जैसी कीमती धातु भी अपनी असली कीमत खो बैठी.

स्विट्जरलैंड भेजा गया सोना

अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2013 से 2016 के बीच करीब 113 मीट्रिक टन सोना चुपचाप स्विट्जरलैंड भेजा गया. सरकार ने कर्ज चुकाने और अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अपने गोल्ड रिजर्व का लगातार इस्तेमाल किया. इसका नतीजा यह हुआ कि जो देश कभी सोने के भंडार के लिए जाना जाता था, वहां सरकारी तिजोरी धीरे-धीरे खाली होती चली गई. आंकड़े बताते हैं कि 2024 तक वेनेजुएला के पास सिर्फ 161 टन सोना ही बचा था. भ्रष्टाचार और बेलगाम महंगाई ने सरकारी खजाने को खाली कर दिया है.

जमीन के नीचे 8000 टन सोना

वेनेजुएला संसाधनों से गरीब नहीं है. दुनिया के कुल कच्चे तेल भंडार का करीब 17% इसी देश के पास है. इसके अलावा ‘ओरिनोको माइनिंग आर्क’ क्षेत्र में 8,000 टन से ज्यादा सोना, हीरे और बॉक्साइट दबे होने के आधिकारिक दावे हैं. अगर इन संसाधनों का सही तरीके से दोहन होता, तो वेनेजुएला आज दुनिया के अमीर देशों में शुमार होता. लेकिन कमजोर नीतियां, अव्यवस्थित खनन और कुप्रबंधन ने इस खजाने को भी बेकार बना दिया.

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