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वेनेजुएला में US कार्रवाई से हिली दुनिया, क्‍या रूस को यूक्रेन और चीन को ताइवान पर कब्‍जा करने का बहाना मिल गया? जानें एक्सपर्ट की चेतावनी

US Venezuela Operation: अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के अभियान ने विश्व की राजनीति में भूचाल ला दिया है. इस एकतरफा कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में न सिर्फ अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठे हैं, बल्कि इसके दूरगामी असर रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन-ताइवान तनाव तक जाते दिख रहे हैं.

वेनेजुएला में US कार्रवाई से हिली दुनिया, क्‍या रूस को यूक्रेन और चीन को ताइवान पर कब्‍जा करने का बहाना मिल गया? जानें एक्सपर्ट की चेतावनी
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( Image Source:  X/ @FurkanGozukara @_TruthZone_ @Shadaya_Knight )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 5 Jan 2026 12:48 PM

US Venezuela Operation: अमेरिकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के अभियान ने विश्व की राजनीति में भूचाल ला दिया है. इस एकतरफा कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय में न सिर्फ अमेरिका की भूमिका पर सवाल उठे हैं, बल्कि इसके दूरगामी असर रूस-यूक्रेन युद्ध और चीन-ताइवान तनाव तक जाते दिख रहे हैं.

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विदेश नीति के जानकारों और वैश्विक मामलों के एक्सपर्ट का मानना है कि वेनेजुएला में अमेरिका की इस आक्रामक पहल ने दुनिया को एक खतरनाक संदेश दिया है. उनका कहना है कि मादुरो की गिरफ्तारी ने रूस और चीन जैसे देशों को अपने-अपने रणनीतिक एजेंडे को और तेजी से आगे बढ़ाने का नैतिक आधार दे दिया है, जिससे वर्ल्ड वार का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है.

मादुरो की गिरफ्तारी और अंतरराष्ट्रीय चिंता

अमेरिका द्वारा ड्रग्स की तस्करी और भ्रष्टाचार के आरोपों में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है और आशंका जताई है कि इससे शक्तिशाली देशों को छोटे और कमजोर देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की खुली छूट मिल सकती है. एक्सपर्ट का कहना है कि इस कार्रवाई से खास तौर पर छोटे देश डर में हैं.

अमेरिका की कार्रवाई पर विरोध

जहां कुछ देश इस कदम को एक कथित भ्रष्ट नेता के खिलाफ साहसिक कार्रवाई मान रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में देशों ने इसे वैश्विक स्थिरता के लिए घातक बताया है. यूरोपीय संघ (EU) ने स्थिति पर चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है. रूस ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे सशस्त्र आक्रामकता करार दिया है. चीन ने भी इस पर कड़ा विरोध जताया है. ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमेरिकी बमबारी और मादुरो की गिरफ्तारी को अस्वीकार्य बताया है.

यूक्रेन युद्ध पर पड़ सकता है असर

एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूक्रेन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अमेरिकी कदम को अपने सैन्य अभियान को और तेज करने के संकेत के तौर पर देख सकते हैं. इससे यूक्रेन में संघर्ष और अधिक हिंसक रूप ले सकता है. इसको लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने कहा कि "अगर आप तानाशाहों के साथ इतनी आसानी से ऐसा कर सकते हैं, तो अमेरिका जानता है कि आगे क्या करना है." जेलेंस्की का ये इशारा कहीं न कहीं पुतिन की तरफ था.

ताइवान पर चीन की नजर

चीन ने अमेरिका की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए एक खतरनाक मिसाल है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीजिंग इस घटनाक्रम को ताइवान पर अपने क्षेत्रीय दावों को और मजबूत करने के अवसर के रूप में भी देख सकता है. वेनेजुएला में अमेरिकी हस्तक्षेप दक्षिण चीन सागर और ताइवान को लेकर चीन के खिलाफ अमेरिका के तर्कों को कमजोर कर सकता है.

पेंडोरा बॉक्स खुलने की चेतावनी

कई विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका ने इस कार्रवाई के जरिए अंतरराष्ट्रीय कानून की अनदेखी करते हुए एक पेंडोरा बॉक्स खोल दिया है. उनका कहना है कि इसके परिणाम आने वाले सालों तक महसूस किए जाएंगे और यह वैश्विक व्यवस्था को और अधिक अस्थिर बना सकता है.

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