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जर्मनी में अमेरिका की कितनी और क्यों है फौज, ट्रंप अब वापस बुला रहे 5000 सैनिक

अमेरिका ने करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का आदेश जारी किया है, जिसे अगले 6 से 12 महीनों में तरीके से लागू किया जाएगा.

US troops withdrawal Germany
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US troops withdrawal Germany

( Image Source:  X/ @disclosetv, @Archer83Able )

अमेरिका ने जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अमेरिका ने करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का आदेश जारी किया है, जिसे अगले 6 से 12 महीनों में तरीके से लागू किया जाएगा. पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल के मुताबिक, यह निर्णय यूरोप में अमेरिकी सैन्य तैनाती की व्यापक समीक्षा के बाद लिया गया है.

फिलहाल जर्मनी में 36,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो यूरोप में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य मौजूदगी का हिस्सा हैं. हालांकि यह तैनाती कोई नई नहीं, बल्कि दशकों पुरानी है, जिसकी जड़ें द्वितीय विश्व युद्ध के समय तक जाती हैं.

कब हुई थी सैनिकों की तैनाती?

1945 में नाजी जर्मनी की हार के बाद अमेरिका ने जर्मनी में अपने सैनिकों की तैनाती शुरू की थी. शुरुआती दौर में करीब 16 लाख अमेरिकी सैनिक वहां मौजूद थे, जिनकी संख्या समय के साथ घटती चली गई और 3 लाख से नीचे आ गई. उस समय इन सैनिकों की भूमिका केवल सैन्य नहीं थी, बल्कि वे जर्मनी के एक हिस्से के प्रशासनिक नियंत्रण में भी शामिल थे.

1949 में नाटो की स्थापना के बाद जर्मनी में अमेरिकी सैन्य ठिकाने स्थायी हो गए. शीत युद्ध के चरम पर यहां करीब 50 बड़े बेस और 800 से अधिक सैन्य ठिकाने सक्रिय थे. 1960 से 1980 के बीच कई बार 2.5 लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक जर्मनी में तैनात रहे.

क्या मर्ज के बयान से बढ़ा तनाव?

तनाव की एक बड़ी वजह जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज का हालिया बयान माना जा रहा है. उन्होंने ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि "अमेरिका के पास कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है." उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरानी नेतृत्व ने अमेरिकी वार्ताकारों को अपमानित किया है.

जर्मनी में अमेरिका के कितने सैनिक और बेस?

वर्तमान में भी जर्मनी यूरोप में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य केंद्र बना हुआ है. आंकड़ों के अनुसार, यूरोप में तैनात करीब 68,000 अमेरिकी सैनिकों में से लगभग 36,400 जर्मनी में ही मौजूद हैं. ये सैनिक 20 से 40 अलग-अलग सैन्य ठिकानों पर तैनात हैं. इनमें रामस्टीन एयर बेस सबसे बड़ा एयरबेस है, जहां करीब 8,500 एयरफोर्स के जवान तैनात रहते हैं. इसके अलावा स्टुटगार्ट स्थित मुख्यालय में अमेरिका का यूरोप और अफ्रीका कमांड सेंटर भी संचालित होता है.

अमेरिका के लिए क्यों अहम?

जर्मनी में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने केवल यूरोप की सुरक्षा तक सीमित नहीं हैं. ये बेस दुनिया के अन्य हिस्सों में अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं. इराक, अफगानिस्तान और हालिया ईरान से जुड़े ऑपरेशनों में इन ठिकानों ने अहम भूमिका निभाई है.

अमेरिका समय-समय पर जर्मनी से अपनी सैन्य मौजूदगी घटाने की बात करता रहा है. 2020 में भी करीब 12,000 सैनिकों को हटाने का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया. अब एक बार फिर सैनिकों की संख्या घटाने का फैसला सामने आने से यह मुद्दा चर्चा में है.

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