उनके पास न सेना और न ही नेतृत्व, ईरान पर क्या बोले ट्रंप? पीस डील पर दिया चौंकाने वाला बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु खतरे पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि B2 बॉम्बर्स से इसे रोका गया. ईरान की सैन्य क्षमता और नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पीस डील को लेकर भी अनिश्चितता जताई.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (स्थानीय समय) कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ सैन्य कार्रवाई इसलिए की गई ताकि खाड़ी क्षेत्र, खासकर इज़रायल, को उस खतरे से बचाया जा सके जो तेहरान के परमाणु हथियार हासिल करने पर पैदा हो सकता था.
फ्लोरिडा के द विलेजेस में बोलते हुए ट्रंप ने ईरान के साथ टकराव की गंभीरता को रेखांकित किया. उन्होंने कहा, “हमें एक खूबसूरत देश ईरान की ओर थोड़ा सफर करना पड़ा, और हमें यह सुनिश्चित करना था कि उनके पास परमाणु हथियार न हो. उन्होंने आगे कहा, "हमने उन्हें B2 बॉम्बर्स के जरिए रोक दिया. अगर हमने ऐसा नहीं किया होता, तो उनके पास परमाणु हथियार होता. इज़रायल, मध्य पूर्व और यूरोप तबाह हो सकते थे."
ईरान की सैन्य क्षमता पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है और वहां की नेतृत्व क्षमता भी प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा, “ईरान बुरी तरह कमजोर हो रहा है. उनके पास न नौसेना है, न वायुसेना, न एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम, न रडार और न ही नेतृत्व; उनके नेता अब नहीं रहे."
ईरान के साथ बातचीत पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही बातचीत उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ रही है. उन्होंने कहा, “वे उस तरह का समझौता नहीं कर रहे हैं जैसा हमें चाहिए, लेकिन हम इस मुद्दे को सही तरीके से सुलझाएंगे.” उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका इस संघर्ष को समय से पहले खत्म नहीं करेगा. ट्रंप ने कहा, “हम जल्दी नहीं हटेंगे और ऐसा नहीं होने देंगे कि तीन साल बाद फिर यही समस्या खड़ी हो जाए.”
इससे पहले, व्हाइट हाउस के साउथ लॉन पर फ्लोरिडा रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने इस संघर्ष को वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा से भी जोड़ा. उन्होंने कहा, "पेट्रोल की कीमतें ज्यादा हैं, बाकी कीमतें कम हैं, लेकिन जब यह सब खत्म होगा, तो दुनिया में ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा. अगर ईरान को परमाणु हथियार रखने दिया गया, तो दुनिया बड़े खतरे में पड़ जाएगी. ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. जैसे ही युद्ध खत्म होगा, पेट्रोल की कीमतें कम हो जाएंगी."
मौजूदा प्रस्ताव पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने संघर्ष खत्म करने के लिए ईरान के ताजा प्रस्ताव पर असंतोष जताया और इस बात पर भी संदेह जताया कि क्या अंतिम समझौता हो पाएगा. उन्होंने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं उससे संतुष्ट नहीं हूं. देखते हैं आगे क्या होता है.”
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि प्रस्ताव के कौन से पहलू उन्हें स्वीकार्य नहीं हैं, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि तेहरान के अंतिम समझौते तक पहुंचने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
ट्रंप ने कहा, “उन्होंने कुछ प्रगति की है, लेकिन मुझे नहीं पता कि वे अंत तक पहुंच पाएंगे या नहीं.”
ईरान की लीडरशिप पर ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के नेतृत्व के भीतर आंतरिक मतभेदों की ओर भी इशारा किया और कहा कि इससे बातचीत प्रभावित हो सकती है. उन्होंने कहा, “वहां का नेतृत्व काफी बंटा हुआ है. दो-तीन, शायद चार गुट हैं और नेतृत्व पूरी तरह असंगठित है. इसके बावजूद सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन स्थिति उलझी हुई है.”




