यह ग्राउंड रिपोर्ट नोएडा के सेक्टर 18 से सामने आई है, जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड कार्ट चलाने वालों की कमर तोड़ दी है. पहले जहां रोज 4–5 सिलेंडर की खपत होती थी, अब एक सिलेंडर जुटाना भी मुश्किल हो गया है और कई लोग ब्लैक में महंगे दामों पर खरीदने को मजबूर हैं. दुकानदारों का कहना है कि बढ़ती लागत, किराया और स्टाफ की सैलरी के बीच बिज़नेस चलाना मुश्किल हो गया है, वहीं ग्राहक भी महंगे दाम देने को तैयार नहीं हैं. कई छोटे कारोबारी अपना काम बंद करने तक की नौबत में आ गए हैं. इस महंगाई का असर सिर्फ व्यापारियों पर ही नहीं, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी साफ दिख रहा है, जहां खाने-पीने का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है. यह रिपोर्ट दिखाती है कि कैसे एक फैसले का असर सीधे जमीनी स्तर पर हजारों लोगों की रोज़ी-रोटी पर पड़ रहा है.