कितनी खतरनाक है 'Dark Eagle' हाइपरसोनिक मिसाइल, जिसे मिडिल ईस्ट में उतार सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप, कितनी मचेगी ईरान में तबाही?
अमेरिका अब अपनी अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली ‘डार्क ईगल’ को मिडिल ईस्ट में तैनात करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है. आखिर कितनी खतरनाक है 'Dark Eagle' हाइपरसोनिक मिसाइल?
Dark Eagle Hypersonic Missile
Iran-US War: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी जंग को 60 दिन हो गए हैं. 60 दिन होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की तरफ से कहा गया कि 'हम युद्ध में नहीं है.' भले अब मिडिली ईस्ट में युद्ध पहले तरह नहीं चल रहा हो लेकिन तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है. जहां एक तरफ ईरान ने होर्मुज को बंद करके रखा है तो वहीं अमेरिका ने होरमुज की नाकेबंदी कर रखी है. इसी बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ बढ़ते तनाव और सैन्य रणनीति को लेकर कठिन स्थिति का सामना करना पड़ रहा है. 1973 के युद्ध शक्ति संकल्प के तहत उनके पास 1 मई तक का समय है, जिसके भीतर उन्हें ईरान के खिलाफ चल रहे अमेरिकी सैन्य अभियान को लेकर फैसला करना होगा. इस दौरान या तो वे कांग्रेस की मंजूरी हासिल करें या फिर सैनिकों को वापस बुलाएं.
तेहरान के साथ वार्ता में जारी गतिरोध और समय की कमी ने ट्रंप प्रशासन को नई सैन्य रणनीतियों पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अब अपनी अत्याधुनिक हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली ‘डार्क ईगल’ को पश्चिम एशिया में तैनात करने की संभावना पर गंभीरता से विचार कर रहा है.
क्या है ‘डार्क ईगल’ हाइपरसोनिक मिसाइल?
‘डार्क ईगल’ अमेरिका की लंबी दूरी की हाइपरसोनिक मिसाइल प्रणाली है, जो अभी विकास के चरण में है और पूरी तरह से ऑपरेशनल नहीं हुई है. इसकी मारक क्षमता 1,725 मील (करीब 2,776 किलोमीटर) से अधिक बताई जाती है, हालांकि इसकी पूरी तकनीकी जानकारी अभी गोपनीय रखी गई है.
क्या है इसकी खासियत?
इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत इसकी गति और चपलता है. डार्क ईगल ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक रफ्तार से उड़ान भर सकती है और ऊपरी वायुमंडल में जाकर अपने मार्ग को बदलने की क्षमता रखती है. इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मन के उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा दे सके.
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कितनी है मिसाइल की कीमत?
इस अत्याधुनिक हथियार को अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन ने विकसित किया है. बताया जाता है कि प्रत्येक मिसाइल की कीमत लगभग 15 मिलियन डॉलर है, जबकि एक बैटरी में अधिकतम आठ मिसाइलें हो सकती हैं, जिससे यह एक बेहद महंगा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हथियार बन जाता है.
क्या है अमेरिका की योजना?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस मिसाइल प्रणाली को पश्चिम एशिया में तैनात करने का अनुरोध किया है, ताकि ईरान के खिलाफ जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके. मौजूदा सैन्य क्षमताएं ईरान के गहरे और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं हैं, ऐसे में ‘डार्क ईगल’ एक गेमचेंजर साबित हो सकती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान पर शक्तिशाली हमलों की योजना बना रहा है, जिसमें प्रमुख बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है. यह रणनीति ईरान पर दबाव बढ़ाने और उसे बातचीत की मेज पर वापस लाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है.




