PoJK में क्यों भड़की हिंसा? पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर बरसाई गोलियां, युवा क्रिकेटर समेत 4 लोगों की मौत
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई तेज हो गई है. रावलकोट में हुई फायरिंग में युवा क्रिकेटर वाजिद हयात समेत कई लोगों की मौत हो गई. प्रदर्शनकारी राजनीतिक अधिकारों और आर्थिक सुधारों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं.
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में प्रदर्शन करते लोग
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. मंगलवार को पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने रावलकोट के मटियालमीरा बस टर्मिनल पर चल रहे धरने को हटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया. इस दौरान हुई फायरिंग में युवा क्रिकेटर वाजिद हयात समेत कम से कम चार प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई. वहीं, अलग-अलग इलाकों में हुई झड़पों में जाहिद मुगल और सरदार अरसलान की भी जान चली गई. स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उस समय शुरू हुई, जब जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अपना धरना खत्म करने से इनकार कर दिया. इसके बाद मंगलवार सुबह पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन स्थलों को खाली कराने के लिए बल प्रयोग किया, जिससे हालात हिंसक हो गए.
सरकार और सेना ने JAAC के सामने क्या प्रस्ताव रखा?
दरअसल, रावलाकोट के हुसैनकोट में JAAC के प्रतिनिधियों और पाकिस्तान सरकार व सेना के अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत हुई थी. बातचीत में पाकिस्तान की ओर से संगठन पर लगाया गया प्रतिबंध हटाने, पुराने और नए दर्ज मामलों (FIR) को वापस लेने, चौथी अनुसूची (Fourth Schedule) समाप्त करने और हिंसा में मारे गए लोगों के परिवारों को मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा गया. इतना ही नहीं, पाकिस्तान प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो चुनाव टालने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की जा सकती है, ताकि JAAC चुनावी प्रक्रिया में भाग ले सके.
JAAC ने प्रस्तावों पर क्या कहा?
हालांकि, JAAC ने इन प्रस्तावों को पर्याप्त नहीं माना. संगठन की मुख्य मांग थी कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर विधानसभा में प्रवासी कश्मीरियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त किया जाए. संगठन का आरोप है कि इन सीटों के जरिए पाकिस्तान की बड़ी राजनीतिक पार्टियां स्थानीय राजनीति में दखल देती हैं. इसके अलावा संगठन बिजली की कीमतों में कमी और अन्य आर्थिक सुधारों की भी मांग कर रहा है.
JAAC की स्थापना कब हुई?
JAAC की स्थापना 2023 में हुई थी और देखते ही देखते यह PoJK में नागरिक अधिकारों की प्रमुख आवाज बन गया. 2024 के बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद यह संगठन लगातार धरना, हड़ताल और जन आंदोलन चला रहा है. रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक दो दर्जन से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल बताए जा रहे हैं. हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.




