Vietnam Boat Accident: फोटो खींच रहे थे भारतीय टूरिस्ट, तभी पलट गई बोट... चश्मदीद ने बयां किया वियतनाम हादसे का दर्दनाक मंजर
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट पलटने से 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को बचा लिया गया. शुरुआती जानकारी के मुताबिक बोट किनारे से महज 300-400 मीटर दूर पहुंची थी कि तेज लहरों के बीच हादसे का शिकार हो गई.
वियनताम में दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी
Vietnam Boat Tragedy: वियतनाम घूमने गए भारतीय पर्यटकों के लिए छुट्टियों का सफर कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गया. दक्षिणी वियतनाम के मशहूर पर्यटन स्थल फु क्वोक (Phu Quoc) द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट पलटने से 15 भारतीयों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. बताया जा रहा है कि बोट पर कुल 32 भारतीय सवार थे. हादसा इतना अचानक हुआ कि यात्रियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
चश्मदीदों के मुताबिक, बोट किनारे से महज 300 से 400 मीटर ही आगे बढ़ी थी कि अचानक तेज लहरों और खराब मौसम के बीच पलट गई. उस समय अधिकांश यात्री तस्वीरें खींचने और वीडियो बनाने में व्यस्त थे. किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ सेकंड बाद पूरा दृश्य बदल जाएगा.
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा वियतनाम के An Thoi Archipelago के Hon May Rut Ngoai द्वीप के पास हुआ. स्थानीय समय के अनुसार दोपहर करीब 1:30 बजे बोट समुद्र में निकली थी. शुरुआती जानकारी के अनुसार अचानक समुद्र में ऊंची लहरें उठीं और बोट का संतुलन बिगड़ गया. कुछ ही पलों में पूरी नाव पलट गई.
पास से गुजर रही दूसरी नौकाओं के लोगों ने सबसे पहले बचाव अभियान शुरू किया. इसके बाद वियतनाम की कोस्ट गार्ड, नौसेना, बॉर्डर गार्ड और रेस्क्यू एजेंसियां मौके पर पहुंचीं. कई यात्री नाव के अंदर फंस गए थे, इसलिए बचाव अभियान काफी मुश्किल रहा.
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'हम फोटो ले रहे थे, तभी सब खत्म हो गया'
आंध्र प्रदेश के गुंटूर निवासी आशीष कुमार, जो इस हादसे में बच गए, ने बताया कि बोट मुश्किल से कुछ सौ मीटर ही चली थी. उन्होंने कहा, "हम सभी फोटो खींच रहे थे। अचानक बोट पलट गई. हमें संभलने का भी मौका नहीं मिला. हर तरफ चीख-पुकार मच गई थी."
किन राज्यों के लोग हुए हादसे का शिकार?
भारतीय दूतावास के मुताबिक, मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु से, 3 लोग आंध्र प्रदेश से और 2 लोग केरल से हैं. बताया जा रहा है कि मृतकों में कई लोग Lava International के चैनल पार्टनर और कर्मचारी भी शामिल थे. कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह पीड़ित परिवारों के संपर्क में है और हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
वियतनाम नाव हादसे में मारे गए लोगों में से एक के भाई कार्तिकेयन ने केंद्र और राज्य सरकार से शव वापस लाने की अपील की है. कार्तिकेयन ने कहा, "मेरे छोटे भाई, मुरुगाप्रभु अरुमुगम, तीन दिन पहले वियतनाम गए थे. हमें यह दुखद खबर मिली कि नाव दुर्घटना में उनकी मौत हो गई है. हम राज्य और केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि उनके शव को भारत वापस लाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं."
भारत सरकार और दूतावास ने क्या कदम उठाए?
हादसे के तुरंत बाद हो ची मिन्ह सिटी और हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं ताकि प्रभावित परिवारों की मदद की जा सके. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारतीय दूतावास वियतनाम प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी हादसे पर शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की अपील की.
वियतनाम सरकार ने दिए जांच के आदेश
वियतनाम के प्रधानमंत्री ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. अधिकारियों को यह पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं कि दुर्घटना की असली वजह क्या थी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही समुद्री पर्यटन और जलमार्ग सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी.
अब सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
फिलहाल भारतीय दूतावास मृतकों के शवों को भारत लाने और घायलों के इलाज में सहायता कर रहा है. वहीं जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसा केवल खराब मौसम की वजह से हुआ या फिर सुरक्षा नियमों की अनदेखी भी इसकी वजह बनी. यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि पर्यटन स्थलों पर भी सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है. कुछ मिनटों की लापरवाही या प्राकृतिक आपदा कभी-कभी दर्जनों परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल देती है.




