Begin typing your search...

प्लीज भारत से बात कर लीजिए... कराची में धारा-144, PoK में इमरजेंसी; डर के माहौल के बीच कौन सी तैयारी कर रहा पाकिस्तान?

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के कड़े तेवरों ने पाकिस्तान में अफरा-तफरी मचा दी है. कराची में धारा-144 लागू कर दी गई है और इस्लामाबाद में आपात बैठकें हो रही हैं. पाकिस्तान के विदेश मंत्री मुस्लिम देशों से समर्थन मांग रहे हैं, वहीं PoK में स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं. भारतीय सेना अलर्ट पर है और किसी भी घुसपैठ को नाकाम करने के लिए तैयार है.

प्लीज भारत से बात कर लीजिए... कराची में धारा-144, PoK में इमरजेंसी; डर के माहौल के बीच कौन सी तैयारी कर रहा पाकिस्तान?
X
नवनीत कुमार
Curated By: नवनीत कुमार4 Mins Read

Published on: 27 April 2025 12:36 PM

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के तेवरों ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है. पांच दिन बीत जाने के बावजूद पाकिस्तान किसी संभावित भारतीय कार्रवाई से भयभीत है. कराची जैसे बड़े शहर में धारा-144 लागू करना और इस्लामाबाद में लगातार आपात बैठकें इस घबराहट का संकेत हैं. हर स्तर पर पाकिस्तान तनाव और दबाव के हालात से जूझ रहा है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार हर दिन कई बैठकें कर रहे हैं, जिससे स्पष्ट है कि आंतरिक मोर्चे पर हालात सामान्य नहीं हैं. डार ने अपनी बांग्लादेश यात्रा तक रद्द कर दी है. उधर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर भी अलग-अलग बैठकों में हालात की समीक्षा कर रहे हैं. पाकिस्तान की पूरी सरकार और सेना हाई अलर्ट पर है.

कराची में नहीं जुटेंगे लोग

कराची में धारा-144 लागू करना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान को अपने ही नागरिकों पर भरोसा नहीं रहा. कराची पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनज़र अगले तीन महीने तक सार्वजनिक जमावड़े पर रोक लगा दी है. कराची, जो पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी है, वहां यह फैसला इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान को घरेलू स्तर पर भी भारी अस्थिरता का डर है.

मुस्लिम देशों से मांग रहे समर्थन

अपने कूटनीतिक प्रयासों में पाकिस्तान अब मुस्लिम देशों से समर्थन जुटाने में लगा है. विदेश मंत्री ने सऊदी अरब, कतर, ईरान और तुर्की से बातचीत कर भारत पर दबाव बनाने की गुहार लगाई है. पाकिस्तान यह चाहता है कि भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय माहौल बनाया जाए, लेकिन अब तक उसे अपेक्षित समर्थन नहीं मिला है.

भारत नहीं करना चाहता बातचीत

पाकिस्तान की बेचैनी इस बात से भी झलकती है कि उसने अमेरिका और ईरान जैसे देशों से सीधे हस्तक्षेप करने की अपील की है. पाकिस्तान बार-बार कह रहा है कि अगर भारत बातचीत के लिए नहीं बैठा तो हालात और बिगड़ सकते हैं. लेकिन भारत ने इस वक्त सख्त रुख अपना रखा है और किसी दबाव में नहीं दिख रहा.

सता रहा सैन्य कार्रवाई का डर

पाकिस्तान को भारत की सैन्य कार्रवाई का डर सता रहा है, क्योंकि अतीत में उरी और पुलवामा हमलों के 10 से 12 दिन के भीतर भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर जवाब दिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "आतंकवाद को जड़ से मिटाने" के संकल्प ने पाकिस्तान की चिंता को और गहरा कर दिया है.

PoK में इमरजेंसी

भारत ने पहलगाम हमले के बाद न केवल आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन तेज कर दिया है, बल्कि नियंत्रण रेखा (LoC) पर भी कड़ी सतर्कता बढ़ा दी है. PoK प्रशासन ने इस डर से स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और आपातकालीन आदेश जारी कर दिए हैं. स्वास्थ्य केंद्रों में चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.

अलर्ट पर भारतीय सेना

भारतीय सेना ने पहलगाम और अनंतनाग क्षेत्रों में गश्त और घेराबंदी को बढ़ा दिया है. नियंत्रण रेखा के पास संभावित घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए सेना अलर्ट पर है. भारत का यह कड़ा रुख पाकिस्तान और उसके आतंकी आकाओं को स्पष्ट संदेश दे रहा है कि आतंक के हर मंसूबे को कुचलने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है.

आतंकी हमलापाकिस्तान
अगला लेख