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Middle East War में अब लगेगा 'मंगल दोष'! नरक वाली ललकार के बाद अब तबाही की बारी, 48 घंटे में क्या करने वाले हैं Trump?

मिडिल ईस्ट में तनाव लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंचता जा रहा है, जहां Donald Trump के हालिया बयानों ने हालात और भड़का दिए हैं. ईरान को ‘नरक जैसी हालत’ की चेतावनी देने के बाद ट्रंप ने साफ संकेत दिया है कि अगर 48 घंटे के भीतर समझौता नहीं हुआ या होर्मुज नहीं खोला गया, तो अमेरिका कड़े सैन्य कदम उठा सकता है.

Trump iran uranium seize plan
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ट्रंप ने तैयार किया ईरान के परमाणु भंडार को कब्जे में लेने का प्लान

सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Updated on: 6 April 2026 12:00 AM IST

मीडिल ईस्ट में तनाव अब खतरनाक मोड़ ले चुका है. डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच तीखी बयानबाजी ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है. होर्मुज को लेकर जारी टकराव अब सिर्फ कूटनीतिक विवाद नहीं रह गया, बल्कि यह वैश्विक संकट का रूप लेता दिखाई दे रहा है. ट्रंप की 48 घंटे धमकी की बाद ये चर्चा काफी तेज हो गई है अब ट्रंप मंगलवार को क्या करने वाले हैं कहीं इससे ज्यादा और तबाही तो नहीं ये कह पाना मुश्किल है या फिर बडबोले तेवर तक सीमित.

ट्रंप के आक्रामक और विवादित बयान के बाद तेहरान ने भी कड़ा जवाब दिया है. ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिका की ये नीति पूरे क्षेत्र को 'जिंदा नरक' में बदल सकती है. इस बयानबाजी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है कि कहीं यह टकराव बड़े युद्ध में न बदल जाए.

क्या कहा ट्रंप ने और क्यों भड़का विवाद?

ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए 6 अप्रैल तक समझौता करने या State of Hormuz को खोलने की चेतावनी दी थी. उन्होंने धमकी दी कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो अमेरिका उसके पावर प्लांट और पुलों पर हमला कर सकता है.

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘Truth Social’ पर लिखा कि 'मंगलवार ईरान के लिए ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ होगा. सब कुछ एक साथ. ऐसा कुछ पहले कभी नहीं देखा होगा!!! इस हरामखोरी वाले होर्मूज को खोल दो, तुम पागल लोगों, वरना तुम नर्क जैसी हालत में जीने को मजबूर हो जाओगे- बस देखते जाओ! अल्लाह की प्रशंसा हो." इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट में सिर्फ इतना लिखा कि मंगलवार, रात 8:00 बजे (ईस्टर्न टाइम)!

ईरान ने कैसे दिया करारा जवाब?

ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद-बाघेर ग़ालिबाफ़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने ट्वीट कर कहा कर लिखा कि, 'तुम्हारे लापरवाह कदम हर एक परिवार के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका को एक जीते-जागते नर्क में धकेल रहे हैं और पूरा क्षेत्र जलने वाला है क्योंकि तुम Benjamin Netanyahu के आदेशों का पालन करने पर अड़े हो. यह बात साफ समझ लो. तुम युद्ध अपराधों के जरिए कुछ भी हासिल नहीं कर पाओगे.' ईरान ने साफ इशारा दिया कि वह किसी भी दबाव में आने वाला नहीं है और जवाब देने के लिए तैयार है.

थाईलैंड में ईरानी दूतावास ने क्यों उड़ाया मजाक?

ट्रंप के बयान पर ईरानी दूतावास थाईलैंड ने भी तंज कसा. उन्होंने X (ट्विटर) पर लिखा कि 'POTUS जिस तरह एक किशोर की तरह गाली-गलौज कर रहे हैं, उससे लगता है कि अमेरिका उम्मीद से पहले ही पाषाण युग में पहुंच गया है.' इस रिएक्शन से ये पता चलता है कि ईरान सिर्फ राजनीतिक ही नहीं बल्कि कूटनीतिक स्तर पर भी अमेरिका को घेरने की कोशिश कर रहा है.

क्या ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई का भी संकेत दिया?

ट्रंप ने Fox News को दिए इंटरव्यू में और भी सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि 'अगर वे जल्दी कोई समझौता नहीं करते, तो मैं सब कुछ उड़ा देने और तेल पर कब्ज़ा करने पर विचार कर रहा हूं' ट्रंप ने यह भी बताया कि ईरानी वार्ताकारों को सीमित छूट दी गई है लेकिन अगर समझौता नहीं हुआ तो वह बड़े कदम उठा सकते हैं, जिसमें रणनीतिक ठिकानों को नष्ट करना और तेल संसाधनों पर कब्जा करना शामिल हो सकता है.

क्या यह टकराव बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है?

एक्सपर्ट का कहना है कि होर्मुज को लेकर बढ़ता तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकता है. तेल आपूर्ति पर असर पड़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में उथल-पुथल हो सकती है. अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो यह संघर्ष सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे मध्य पूर्व को अपनी चपेट में ले सकता है.

डोनाल्ड ट्रंपअमेरिकाईरान इजरायल युद्ध
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