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Ivanka को मारने की प्लानिंग करने वाला गिरफ्तार! कौन है मोहम्मद बाकर जिसने Trump के परिवार को खत्म करने की खाई कसम

अमेरिका में ईरान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े आरोपी Mohammad Al-Saadi की गिरफ्तारी के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. रिपोर्ट के मुताबिक, अल सादी इवांका का मारने का प्लान बना रहा था.

Ivanka को मारने की प्लानिंग करने वाला गिरफ्तार! कौन है मोहम्मद बाकर जिसने Trump के परिवार को खत्म करने की खाई कसम
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( Image Source:  X-@ANI )

अमेरिका में ईरान समर्थित आतंकी नेटवर्क से जुड़े एक बड़े आरोपी की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की बेटी Ivanka Trump की हत्या की साजिश रची थी. बताया जा रहा है कि यह साजिश ईरानी सैन्य कमांडर Qasem Soleimani की हत्या का बदला लेने के लिए बनाई गई थी.

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 32 वर्षीय Mohammad Baqer Saad Dawood Al-Saadi के रूप में हुई है. वह इराक का नागरिक है. रिपोर्ट के मुताबिक, उसे पहले तुर्की में पकड़ा गया और बाद में अमेरिका को इसे सौंप दिया गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी ने Ivanka Trump की हत्या करने की कसम खाई थी और उसके पास फ्लोरिडा स्थित उनके घर का नक्शा भी मिला था, जहां वह अपने पति Jared Kushner के साथ रहती हैं.

कब बनाया था ट्रंप के परिवार को टारगेट करने का प्लान?

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने 2020 में बगदाद में हुए अमेरिकी ड्रोन हमले के बाद ट्रंप परिवार को निशाना बनाने की योजना बनाई थी. इसी हमले में ईरान के प्रभावशाली सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हुई थी. वॉशिंगटन स्थित इराकी दूतावास के पूर्व उप सैन्य अटैची Entifadh Qanbar ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत में दावा किया कि अल-सादी खुले तौर पर बदला लेने की बातें करता था. उन्होंने कहा, “कासिम सुलेमानी की मौत के बाद वह लोगों से कहता था कि हमें इवांका को मारना चाहिए, ताकि ट्रंप के घर को उसी तरह जलाया जा सके, जैसे उन्होंने हमारा घर जलाया.”

कानबर ने यह भी दावा किया कि आरोपी के पास फ्लोरिडा में इवांका ट्रंप के घर का प्लान मौजूद था. रिपोर्ट में कहा गया है कि अल-सादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर फ्लोरिडा के उस इलाके की तस्वीर भी पोस्ट की थी, जहां इवांका ट्रंप और जैरेड कुशनर का करीब 24 मिलियन डॉलर का घर है. उस पोस्ट में अरबी भाषा में लिखा गया था, “न आपके महल और न ही सीक्रेट सर्विस आपको बचा पाएगी.” साथ ही उसने दावा किया था कि निगरानी और विश्लेषण पहले से किया जा चुका है.

कौन है अल-सादी?

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अल-सादी इराक-ईरान आतंकी नेटवर्क का बड़ा सदस्य है और उसका संबंध Kata’ib Hezbollah तथा ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) से रहा है. अमेरिकी न्याय विभाग ने उसके खिलाफ यूरोप और अमेरिका में हुए 18 आतंकी हमलों और हमले की कोशिशों से जुड़े मामले दर्ज किए हैं.

किन-किन हमलों में शामिल होने का आरोप?

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पर एम्स्टर्डम में Bank of New York Mellon पर फायरबॉम्ब हमला करने, लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला करने और टोरंटो स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी करने के आरोप हैं.

इसके अलावा उस पर बेल्जियम के Liège शहर में एक यहूदी आराधनालय में बम धमाके की योजना बनाने और रॉटरडैम में एक मंदिर में आग लगाने की साजिश रचने का भी आरोप है. अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि आरोपी अमेरिका में मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़े कई असफल हमलों की योजनाओं में शामिल था.

कैसे बना आतंकी नेटवर्क का हिस्सा?

रिपोर्ट के मुताबिक, अल-सादी का कासिम सुलेमानी से काफी करीबी रिश्ता था. वह उन्हें अपने पिता जैसा मानता था. उसके असली पिता Iranian brigadier general Ahmad Kazemi की 2006 में मौत हो गई थी. बताया गया कि वह अपनी इराकी मां के साथ बगदाद में बड़ा हुआ, लेकिन बाद में उसे ईरान भेज दिया गया, जहां IRGC के साथ सैन्य प्रशिक्षण दिया गया.

Entifadh Qanbar के मुताबिक, बाद में अल-सादी ने धार्मिक यात्राओं से जुड़ी एक ट्रैवल एजेंसी भी चलाई. इसी के जरिए वह अलग-अलग देशों में घूमता था और आतंकी नेटवर्क से संपर्क बनाता था. तुर्की में 15 मई को गिरफ्तारी के समय उसके पास इराकी सर्विस पासपोर्ट भी मिला था, जो आमतौर पर सरकारी कर्मचारियों और प्रधानमंत्री की मंजूरी से जारी किया जाता है.

क्या सोशल मीडिया पर था एक्टिव?

हालांकि उस पर गंभीर आतंकी गतिविधियों के आरोप हैं, लेकिन वह सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था. उसकी तस्वीरें पेरिस के Eiffel Tower और कुआलालंपुर के Petronas Twin Towers जैसी जगहों पर भी पोस्ट की गई थीं. अदालती दस्तावेजों में कुछ तस्वीरें भी शामिल हैं, जिनमें वह कथित तौर पर कासिम सुलेमानी के साथ सैन्य ठिकाने पर नक्शे और उपकरणों का अध्ययन करता दिखाई दे रहा है.

2020 में सुलेमानी की मौत के बाद उसने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह “अमेरिकी दुश्मन की हार तक” सोशल मीडिया छोड़ रहा है. हालांकि अभियोजकों का कहना है कि बाद में वह फिर ऑनलाइन लौट आया और ईरानी सैन्य नेताओं की तारीफ वाले पोस्ट करता रहा.

अमेरिकी न्याय विभाग ने क्या कहा?

अमेरिकी न्याय विभाग ने आधिकारिक बयान में कहा कि Mohammad Baqer Saad Dawood Al-Saadi, Kata’ib Hizballah का वरिष्ठ सदस्य है, जिसे अमेरिका पहले ही विदेशी आतंकी संगठन घोषित कर चुका है. न्याय विभाग ने बताया कि उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े छह गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इनमें यूरोप और अमेरिका में करीब 20 हमलों और हमले की कोशिशों में शामिल होने के आरोप शामिल हैं. अमेरिकी अदालत में पेशी के दौरान उसे ट्रायल तक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है.

अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा विभाग के सहायक अटॉर्नी जनरल John A. Eisenberg ने कहा, “अल-सादी ने केवल तीन महीनों के भीतर पूरे यूरोप में बम धमाकों, आगजनी और हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम देने में भूमिका निभाई.”

ईरान इजरायल युद्ध
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