Iran War: US का Iran में सीक्रेट ऑपरेशन कैसे हुआ लीक? ट्रंप ने दिया अल्टीमेटम, बोले- सोर्स बताओ या जेल जाओ
अमेरिका के सीक्रेट ऑपरेशन की जानकारी बाहर आने के बाद ट्रंप भड़क गए हैं, उन्होंने मीडिया को जेल में जाने की धमकी दी है. ट्रंप का कहना है या तो सोर्स बताओ या फिर जेल जाओ.
Iran War: ईरान में मार गिराए गए एक अमेरिकी विमान के पायलट ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पहाड़ की एक दरार में छिपकर खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश की. बाद में उसे अमेरिकी रेस्क्यू टीम ने बचा लिया. यह जानकारी The Guardian की एक रिपोर्ट में सामने आई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, जब अमेरिकी रेस्क्यू टीम उस पायलट को निकालने पहुंची, तो उन पर भारी गोलीबारी भी हुई. यह घटना उस समय सामने आई जब खबरें आई थीं कि विमान गिराए जाने के बाद एक और अमेरिकी सैनिक लापता हो गया है. हालांकि बाद में उस एयरमैन को सुरक्षित बरामद कर लिया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने रविवार को इस रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी दी.
क्यों नाराज हुए डोनाल्ड ट्रंप?
इस बीच, व्हाइट हाउस में सोमवार को बोलते हुए ट्रंप ने “लीक” करने वाले शख्स के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी. उन्होंने उन पत्रकारों पर कानूनी कार्रवाई की बात कही, जिन्होंने लापता एयरमैन की खबर प्रकाशित की थी. ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार मीडिया संस्थानों पर दबाव डालेगी कि वे अपने स्रोतों का खुलासा करें.
ट्रंप ने कहा, “हम उस मीडिया कंपनी के पास जाएंगे जिसने यह खबर जारी की और कहेंगे- नेशनल सिक्योरिट के नाम पर जानकारी दो, वरना जेल जाओ.” उनका कहना था कि इस रिपोर्ट के कारण ईरान को उस फंसे हुए एयरमैन की मौजूदगी का पता चल गया, जिससे उसकी जान को खतरा बढ़ सकता था. उन्होंने यह भी कहा, “उन्हें नहीं पता था कि कोई लापता है, जब तक इस लीक ने जानकारी नहीं दी.”
हालांकि ट्रंप ने किसी पत्रकार या मीडिया संस्थान का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने कहा कि अधिकारियों को विश्वास है कि लीक के स्रोत की पहचान कर ली जाएगी. इस बयान के बाद प्रेस की आजादी को लेकर चिंता बढ़ गई है. आलोचकों का कहना है कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में मीडिया के साथ उनका टकराव और तेज हो गया है, जो प्रेस की स्वतंत्रता के लिए खतरा बन सकता है.
क्या कहा है अमेरिका का कानून?
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक वहीं, Seth Stern, जो Freedom of the Press Foundation से जुड़े हैं, ने पत्रकारों के अधिकारों का बचाव किया. उन्होंने कहा कि पत्रकारों को लीक हुई जानकारी प्रकाशित करने का अधिकार है और यह अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन के तहत सुरक्षित है.
उन्होंने कहा, “पत्रकार सरकार के लिए काम नहीं करते और उन्हें सरकारी लीक प्रकाशित करने का अधिकार है. सरकार का काम अपने रहस्यों को सुरक्षित रखना है, न कि पत्रकारों का.” व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस लीक मामले की जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन फिलहाल इससे जुड़ी और कोई जानकारी साझा नहीं की गई है.




