कोई समझौता नहीं होगा! Sarke Chunar विवाद में कोर्ट ने किया Nora Fatehi और Sanjay Dutt को तलब
'सरके चुनर तेरी' गाने के बोलों पर बवाल बढ़ता जा रहा है, जिसे लेकर NCW ने सख्त रुख अपनाया है. नोरा फतेही और संजय दत्त को तलब किया गया, जबकि गाना विवाद के बाद यूट्यूब से हटा दिया गया.
अपकमिंग फिल्म 'केडी: द डेविल' का एक गाना 'सरके चुनर तेरी' हाल के दिनों में काफी चर्चा में रहा है. लेकिन यह चर्चा अच्छी नहीं, बल्कि निगेटिविटी रही है. गाने के बोलों को बहुत अश्लील और आपत्तिजनक माना जा रहा है. इस वजह से राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस गाने से जुड़े सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है.
आयोग का कहना है कि महिलाओं की इज्जत और गरिमा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. इसी मामले में आयोग ने फिल्म में काम करने वाली एक्ट्रेस नोरा फतेही और एक्टर संजय दत्त को तलब किया है, यानी उन्हें आयोग के सामने आने के लिए बुलाया है.
आयोग की सुनवाई और कार्रवाई
आयोग ने इस मामले का खुद-ब-खुद संज्ञान लिया और 6 अप्रैल को सुनवाई की. नोरा फतेही की तरफ से उनके वकील आयोग के सामने पहुंचे थे. लेकिन आयोग ने वकील के जरिए जवाब देने से मना कर दिया. आयोग ने साफ कहा कि नोरा फतेही को खुद आना होगा. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, आयोग ने अब नोरा फतेही को 27 अप्रैल 2026 को आयोग के सामने पेश होने का आखिरी मौका दिया है. सुनवाई की अध्यक्षता एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया राहटकर ने की.
गाने के बोल पर नाराजगी
उन्होंने गाने के बोलों पर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि यह गाना सिर्फ आपत्तिजनक नहीं है, बल्कि महिलाओं की गरिमा को सीधे तौर पर ठेस पहुंचाता है. जो लोग कह रहे थे कि उन्हें गाने के बोलों का मतलब पता नहीं था, उनकी दलीलों को आयोग ने पूरी तरह खारिज कर दिया. राहटकर ने कहा कि ऐसे बहाने गाने के गलत प्रभाव को सही नहीं ठहरा सकते.
संजय दत्त को होना पड़ेगा पेश
सुनवाई के दौरान गीतकार रकीब आलम, फिल्म के निर्देशक प्रेम और प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शंस के प्रतिनिधि आयोग के सामने हाजिर हुए. उन्होंने लिखित माफी पत्र सौंपा और माना कि गाने का समाज पर बुरा असर पड़ा है. साथ ही उन्होंने अगले तीन महीनों तक महिला सशक्तिकरण के लिए कुछ काम करने का वादा किया और आयोग को इसकी रिपोर्ट देने का भी भरोसा दिया. आयोग ने संजय दत्त को भी 8 अप्रैल को अपने सामने पेश होने का निर्देश दिया है, जिससे इस मामले की गंभीरता साफ दिख रही है.
आलोचनाओं के बाद हटा गाना
निर्देशक प्रेम का बयानगाना यूट्यूब पर रिलीज होते ही अपने अश्लील बोलों की वजह से विवाद में घिर गया. काफी आलोचना के बाद इसे यूट्यूब से हटा दिया गया. निर्देशक प्रेम ने इस विवाद को प्रचार का स्टंट बताने से इनकार कर दिया. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि यह गाना सिर्फ एक हल्का-फुल्का पार्टी गाना बनाया गया था. इसका मकसद किसी को नाराज करना या आक्रोशित करना नहीं था. प्रेम ने यह भी बताया कि गाने का मूल कन्नड़ वर्जन उन्होंने खुद लिखा था, जबकि हिंदी बोलों का ट्रांसलेशन रकीब आलम ने किया था. उन्होंने स्वीकार किया कि हिंदी वर्जन के सारे शब्दों की उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी, जिसकी वजह से बाद में आलोचना हुई.
साउथ में आया पसंद लेकिन बॉलीवुड में नहीं
उन्होंने आगे कहा कि कन्नड़ वर्जन को लेकर कहीं कोई समस्या नहीं हुई थी. कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों में इस गाने को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी. उनके अनुसार, यह पूरा विवाद भाषा के अंतर और सांस्कृतिक संदर्भ की गलतफहमी की वजह से पैदा हुआ है. संक्षेप में, एक पार्टी गाने के रूप में शुरू हुआ मामला अब महिलाओं की गरिमा, सेंसर बोर्ड, आयोग की कार्रवाई और सार्वजनिक बहस तक पहुंच गया है. यह देखना होगा कि आगे इस मामले में क्या होता है.




