कौन हैं Raqueeb Alam? बिहार से निकलकर A. R. Rahman के लिए किया काम, बॉलीवुड से दूरी लेकिन साउथ में धाक
गाने के अश्लील बोलों को लेकर विवाद बढ़ने पर सरकार ने कार्रवाई की और गाना हटाया गया. रकीब आलम ने खुलासा किया कि उन्होंने पहले ही ऐसे बोल लिखने से इनकार कर दिया था.
नोरा फतेही (Nora Fatehi) हाल ही में एक बड़े विवाद में फंस गई हैं. यह सब 'केडी: द डेविल' फिल्म के एक गाने 'सरके चुनर तेरी सरके' की वजह से हुआ है. इस गाने के बोल और वीडियो को लेकर लोगों ने खूब आलोचना की, क्योंकि कई लोगों को यह बहुत अश्लील और आपत्तिजनक लगा. इसके बाद सरकार ने भी कार्रवाई की और गाने को सभी प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया. नोरा फतेही और गीतकार रकीब आलम (Raqueeb Alam) ने भी इस गाने से अपना नाम अलग कर लिया और सफाई दी.
अब ज़ूम के साथ एक खास इंटरव्यू में गीतकार रकीब आलम ने पूरी बात साफ की है. उन्होंने कहा कि उन्हें ये बोल बिल्कुल पसंद नहीं आए थे. उन्होंने निर्देशक प्रेम से साफ मना किया था कि ऐसे गाने नहीं लिखेंगे, क्योंकि ये उनकी छवि के खिलाफ हैं और बहुत गलत परिणाम होंगे. रकीब ने बताया कि निर्देशक ने उनसे कहा कि बस मूल कन्नड़ गाने का वर्ड टू वर्ड हिंदी ट्रांसलेट कर दो.
लिखना नहीं चाहते थे गाना
रकीब ने जवाब दिया कि यह तो गाना नहीं, सिर्फ ट्रांसलेशन होगा, आप किसी और से करवा लो. लेकिन निर्देशक ने जिद की कि तुमने पहले गाने लिखे हैं, अब किसी और से कैसे लिखवाऊं? आखिरकार रकीब ने अपना एक वर्जन लिखकर भेजा, लेकिन निर्देशक को वह पसंद नहीं आया. उन्होंने फिर कहा कि हर लाइन, हर शब्द वैसा ही चाहिए जैसा ऑरिजनली में है. रकीब ने फिर मना कर दिया और कहा कि मैं ऐसा नहीं लिखूंगा. उन्होंने निर्देशक को चेतावनी भी दी कि "ये गाना नहीं चलेगा, बहुत हंगामा मचेगा, बुरे नतीजे होंगे.'
क्यों छोड़ दिया बॉलीवुड में गाने लिखना?
लेकिन निर्देशक ने कहा कि वे सब संभाल लेंगे, तुम चिंता मत करो. रकीब ने यह भी कहा था कि उनके नाम का क्रेडिट इस गाने में न डाला जाए. इसके अलावा रकीब ने गीतकार के तौर पर अपनी स्थिति पर भी दुख जताया. उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में गीतकारों को पैसा तो मिल जाता है, लेकिन सम्मान और सही क्रेडिट नहीं मिलता. उन्होंने कई बड़े गाने लिखे हैं, लेकिन बॉलीवुड से किसी ने उन्हें कभी नहीं बुलाया. अंदरूनी राजनीति और पक्षपात की वजह से उन्होंने बॉलीवुड में गाने लिखना छोड़ दिया और अब ज्यादातर दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम कर रहे हैं.
कौन हैं रकीब आलम?
रकीब आलम एक प्रसिद्ध भारतीय गीतकार (lyricist) और सिंगर भी हैं. वे मुख्य रूप से बॉलीवुड और साउथ सिनेमा (तेलुगु, तमिल, कन्नड़, मलयालम) में काम करते हैं. वे खासतौर पर साउथ फिल्मों के हिंदी वर्जन (डब्ड वर्जन) के गानों के बोल लिखने के लिए जाने जाते हैं, जिससे पैन-इंडिया हिट्स बने हैं.
उनका बैकग्राउंड और करियर
रकीब आलम मूल रूप से बिहार से हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए चेन्नई गए थे. लेकिन वहां ए.आर. रहमान जैसे बड़े म्यूजिक डायरेक्टर से जुड़ गए और गीत लेखन में आ गए. उनका करियर काफी पुराना है. उन्होंने कई बड़ी फिल्मों में काम किया है, जैसे स्लमडॉग मिलेनियर (ऑस्कर विनिंग फिल्म) में मशहूर गाना 'रिंग रिंग' लिखा. वे ए.आर. रहमान के साथ भी कई प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके हैं, जैसे 'वाटर', 'गैंगस्टर' आदि फिल्मों में. हाल के सालों में वे साउथ सिनेमा में बहुत एक्टिव हैं. वे कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों के हिंदी गाने लिख चुके हैं.
रकीब ने लिखें अब तक ये गानें
- पुष्पा: द राइज और पुष्पा 2: द रूल- श्रीवल्ली, ऊ बोलेगा या ऊ ऊ बोलेगा, अंगारों, किस्सिक, पीलिंग्स आदि हिंदी वर्जन.
- जेलर, लियो, कंगुवा, थंगालान, वरिसु, दासारा, मास्टर आदि फिल्मों के हिंदी गाने.
- हाल ही में द राजसाब, पेड्डी आदि के गाने जैसे नाचे नाचे, चिकिरी चिकिरी.
- पुराने काम: रिंग रिंगा (स्लुम्दोग मिलियनेयर), कई अन्य ए० आर० रहमान कंपोजिशन.




