Begin typing your search...

ईरान की हलक से निकाल लाए पायलट, कैसे हो गई CIA पास, IRGC फेल- संघर्ष, संयम और सफलता की Cocktail Story

अमेरिका के एक पायलट ने दुश्मन के इलाके में लगभग 48 घंटे तक अकेले संघर्ष करते हुए जिस तरह जीवित रहने की मिसाल पेश की. उसने सैन्य प्रशिक्षण की वास्तविक ताकत को दुनिया के सामने ला दिया है.

US pilot rescue
X

US pilot rescue

( Image Source:  X/ @_NafayFarooq )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर4 Mins Read

Updated on: 6 April 2026 10:26 AM IST

मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग आए दिन बढ़ती जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को नई-नई चेतावनी दे रहे हैं लेकिन ईरान झुकने को बिल्कुल तैयार नहीं है. ईरान भी लगातार अमेरिका और इजरायल को मुंहतोड़ जवाब दे रहा है. हाल ही में ईरान ने अमेरिका के 2 फाइटर जेट को मार गिराया था. जिसके बाद फाइटर जेट के पायलट वहीं ईरान में गिर गए थे. हालांकि अमेरिका ने दावा किया है कि उन्होंने अपने दोनों पायलट को सुरक्षित ईरान से निकाल लिया है.

दूसरी तरफ अमेरिका के एक पायलट ने दुश्मन के इलाके में लगभग 48 घंटे तक अकेले संघर्ष करते हुए जिस तरह जीवित रहने की मिसाल पेश की. उसने सैन्य प्रशिक्षण की वास्तविक ताकत को दुनिया के सामने ला दिया है. दक्षिण-पश्चिमी ईरान के पहाड़ी क्षेत्र में मार गिराए गए F-15E स्ट्राइक ईगल विमान की यह घटना किसी हॉलीवुड फिल्म की कहानी जैसी प्रतीत होती है.

ईरान में कैसे बिताए 48 घंटे?

विमान गिरने के बाद पायलट ने तुरंत छिपने और लगातार स्थान बदलने की रणनीति अपनाई. वह पहाड़ी दरारों में छिपता रहा और खोज में जुटी सेनाओं से बचने के लिए लगातार चलता रहा. एक समय पर उसने 7,000 फीट ऊंची पहाड़ी पर चढ़कर खुद को घेर रही टुकड़ियों से दूरी बना ली. उसके पास केवल एक हैंडगन, सीमित संसाधन और प्रशिक्षण था. दिलचस्प बात यह रही कि 24 घंटे से अधिक समय तक अमेरिकी एजेंसियां भी उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक नहीं कर पाईं.

CIA ने कैसे लगाया पता?

पायलट के पास एक संचार उपकरण और ट्रैकिंग बीकन मौजूद था, लेकिन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण उसे ढूंढना आसान नहीं था. आखिर में CIA तकनीकी का उपयोग करते हुए उसकी स्थिति का पता लगाया. जैसे ही उसकी लोकेशन की पुष्टि हुई, जानकारी व्हाइट हाउस, पेंटागन और अमेरिकी सेना के साथ साझा की गई. इसके बाद विशेष बलों की टीम को तत्काल ऑपरेशन के लिए भेजा गया.

रविवार को पायलट को सुरक्षित बचा लिया गया. हालांकि उसे कुछ चोटें आई थीं, लेकिन उसकी हालत स्थिर बताई गई. राहत की बात यह रही कि इस पूरे अभियान में बचाव दल का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ.

क्या बोले राष्ट्रपति ट्रंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन की सराहना करते हुए कहा "यह बहादुर योद्धा ईरान के दुर्गम पहाड़ों में दुश्मन की सीमा के पीछे था, जिसका हमारे दुश्मन पीछा कर रहे थे, जो हर घंटे करीब आते जा रहे थे." उन्होंने इस अभियान को अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी खोज और बचाव अभियानों में से एक बताया.

क्या है SERE प्रशिक्षण?

इस घटना ने अमेरिकी सैन्य प्रशिक्षण ‘SERE’ (Survival, Evasion, Resistance, Escape) की अहमियत को साबित कर दिया. यह प्रशिक्षण पायलटों को दुश्मन के इलाके में जीवित रहने, बचाव से बचने, बंदी बनने का विरोध करने और सुरक्षित निकलने के लिए तैयार करता है. इस प्रशिक्षण में केवल उपकरणों पर निर्भर रहने के बजाय मानसिक मजबूती, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने पर जोर दिया जाता है.

पायलटों को इजेक्शन सीट के साथ एक सर्वाइवल किट दी जाती है, जिसमें जरूरी उपकरण होते हैं. इसके अलावा वे एक विशेष जैकेट पहनते हैं, जिसमें रेडियो, हथियार और अन्य जरूरी चीजें शामिल होती हैं.

ईरान इजरायल युद्ध
अगला लेख