Iran vs US-Israel: कयामत की होगी आज की रात...माफी के बाद भी नहीं बचेगा ईरान, कहर बनकर टूटेगी ट्रंप की ललकार
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि आज ईरान पर बड़ा हमला हो सकता है, जबकि तेहरान ने खाड़ी देशों से माफी मांगी है.
28 फरवरी को शुरू हुआ इजरायल अमेरिका VS ईरान के बीच युद्ध एक अहम नए मोड़ पर आ पहुंच चुका है. अब जंग के 8वें दिन अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद कड़ी चेतावनी दी है और कहा है कि आज ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला हो सकता है.
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने खाड़ी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि ईरान अब पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया कि तेहरान किसी भी कीमत पर आत्मसमर्पण नहीं करेगा.
क्या ट्रंप ने ईरान को दी सबसे कड़ी चेतावनी?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ईरान को “मध्य पूर्व का हारने वाला देश” बताया. ट्रंप ने लिखा कि 'ईरान, जो इस समय बुरी तरह पिट रहा है, उसने अपने मध्य पूर्व के पड़ोसी देशों से माफी मांग ली है और उनके सामने झुकते हुए वादा किया है कि अब वह उन पर गोलीबारी नहीं करेगा. यह वादा केवल इसलिए किया गया है क्योंकि अमेरिका और इजराइल के लगातार हमलों का उस पर भारी दबाव पड़ा है.'
उन्होंने दावा किया कि ईरान की माफी अमेरिका और Israel के लगातार हमलों का नतीजा है. ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि आज ईरान को बहुत बड़ा झटका दिया जाएगा और कई नए ठिकानों को निशाना बनाने पर विचार किया जा रहा है.
क्या ईरान को 'मिडिल ईस्ट का बुली' से 'लूजर' बना दिया गया?
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि ईरान पहले मध्य पूर्व का दबंग देश था, लेकिन अब उसकी स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है. उन्होंने कहा कि 'ईरान अब ‘मिडिल ईस्ट का दबंग’ (Bully) नहीं रहा है, बल्कि अब वह ‘मिडिल ईस्ट का हारने वाला देश’ (Loser) बन गया है। और जब तक वह आत्मसमर्पण नहीं करता. या अधिक संभावना है कि पूरी तरह ढह नहीं जाता- तब तक आने वाले कई दशकों तक उसकी यही स्थिति बनी रहेगी.' ट्रंप का दावा है कि हजारों साल के इतिहास में यह पहली बार है जब ईरान अपने आसपास के देशों के सामने इतना कमजोर पड़ा है.
क्या अमेरिका चाहता है ईरान का 'Unconditional Surrender”?
रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि ईरान ऐसा करता है और नई नेतृत्व व्यवस्था स्थापित करता है तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने में मदद करेंगे. ट्रंप ने कहा कि इस स्थिति में ईरान को “विनाश के कगार से वापस लाकर” आर्थिक रूप से पहले से अधिक मजबूत बनाया जा सकता है.
क्या ईरान ने पड़ोसी देशों से माफी मांग ली है?
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने खाड़ी देशों से माफी मांगते हुए कहा कि तेहरान अब उन देशों पर मिसाइल या ड्रोन हमले नहीं करेगा, जब तक कि वहां से ईरान पर हमला नहीं होता. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि ईरान किसी भी हालत में आत्मसमर्पण नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि 'ईरानी जनता के आत्मसमर्पण की इच्छा रखने वाले हमारे दुश्मनों को अपनी यह ख्वाहिश अपने साथ कब्र तक ले जानी होगी.'
क्या युद्ध में अब तक भारी नुकसान हो चुका है?
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के सैन्य ठिकानों, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है.
- सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस युद्ध में अब तक
- ईरान में 1200 से अधिक लोगों की मौत
- लेबनान में 200 से ज्यादा लोगों की मौत
- इजराइल में 11 लोगों की मौत
- 6 अमेरिकी सैनिक भी मारे गए
बताया जा रहा है कि इजराइल ने ईरान की लगभग 80% एयर डिफेंस प्रणाली को नष्ट कर दिया है और उसे लगभग पूर्ण हवाई बढ़त मिल चुकी है.
क्या दुबई में भी सुनाई दिए धमाके?
इस बीच Dubai में शनिवार सुबह कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं.
स्थिति को देखते हुए सरकार ने एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया. Dubai International Airport पर यात्रियों को सुरक्षा के लिए भूमिगत सुरंगों में ले जाया गया.
क्या युद्ध अब और खतरनाक होने वाला है?
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent ने संकेत दिया है कि इस युद्ध का सबसे बड़ा बमबारी अभियान अभी बाकी है. वहीं अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि पिछले कुछ दिनों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमले 90 प्रतिशत तक घट गए हैं, जबकि ड्रोन हमलों में 83 प्रतिशत की कमी आई है.




