इजरायल-अमेरिका पर यूं ही भारी नहीं पड़ा ईरान, चीन ने ऐसे पहुंचाई मदद, होर्मुज में जब्त जहाज ने खोल दी ड्रैगन की पोल
निक्की हेली ने बड़ा दावा किया है. उनका कहना है कि जिस जहाज को यूएस ने जब्त किया था उसमें मिसाइल बनाने का केमिकल मिला है. यह जहाज चीन से ईरान आ रहा था.
Iran: अमेरिका की रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना द्वारा होर्मुज में जब्त किया गया पहला ईरानी जहाज चीन से ईरान जा रहा था और उसमें मिसाइलों के लिए केमिकल सामग्री ले जाई जा रही थी. उन्होंने यह बयान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दिया.
निक्की हेली ने कहा, “इस हफ्ते के आखिर में होर्मुज में जिस जहाज को अमेरिका ने रोका, वह चीन से ईरान जा रहा था और मिसाइलों से जुड़े केमिकल की खेप ले जा रहा था. उसे रुकने के लिए कई बार आदेश दिए गए, लेकिन उसने इनकार कर दिया.” उन्होंने आगे यह भी कहा कि चीन द्वारा ईरान को सैन्य मदद देने की संभावना अब “नजरअंदाज नहीं की जा सकती”.
क्या अमेरिका ने ईरान का कंटेनर जहाज किया जब्त
अमेरिका ने ईरान के झंडे वाले कंटेनर जहाज “Touska” को जब्त किया था. यह जहाज ओमान की खाड़ी में ईरान के चाबहार बंदरगाह के पास रोका गया था. यह जहाज ईरान की शिपिंग कंपनी IRISL से जुड़ा बताया गया है, जिस पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध लगे हुए हैं.
ईरान ने क्या कहा?
ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को “सशस्त्र समुद्री डकैती” बताया है और कहा है कि जब तक नाकाबंदी हटाई नहीं जाती, वह इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत में शामिल नहीं होगा. ईरानी सैन्य पक्ष ने यह भी कहा कि जहाज चीन से आ रहा था और वह अमेरिकी सेना से टकराव के लिए तैयार थे, लेकिन जहाज पर मौजूद क्रू के परिवारों की मौजूदगी के कारण वे सीमित रहे.
वहीं अमेरिकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में यह आशंका जताई गई है कि जहाज में “डुअल-यूज़” यानी ऐसे सामान हो सकते हैं जिनका उपयोग नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पहले भी ऐसे कई सामानों की सूची जारी की है, जिनमें धातु, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं, जो सैन्य उपयोग में आ सकते हैं.
बातचीत का क्या हुआ?
कल ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर की समयसीमा खत्म हो रही है और आज पाकिस्तान में बातचीत होनी तय मानी जा रही थी. हालांकि बीती रात ईरान ने बयान जारी करते हुए कहा कि तेहरान किसी दबाव में आकर बात नहीं करेगा. ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान का कोई भी अधिकारी पाकिस्तान में हो रही बातचीत में नहीं पहुंचा है.




