मिल गया जंग खत्म करने का रास्ता! पहले होर्मुज़, बाद में न्यूक्लियर डील- ईरान के अमेरिका को भेजे प्रस्ताव में क्या?
ईरान ने अमेरिका को नया प्रस्ताव देते हुए पहले युद्ध खत्म करने और होर्मुज़ खोलने की बात कही है, जबकि परमाणु बातचीत बाद में करने का सुझाव दिया है.
Iran-US Tension: ईरान और अमेरिका के बीच बने तनाव को धीरे-धीरे कम करने की कोशिशें हो रही हैं. ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है, जिसमें युद्ध खत्म करने और होर्मुज़ को फिर से खोलने की बात कही गई है. हालांकि इस प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी बातचीत को बाद के लिए टालने की बात भी शामिल है.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है, जो इस पूरे मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. Axios की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह प्रस्ताव खास तौर पर रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज़ को लेकर पैदा हुए संकट और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करने पर केंद्रित है.
ईरान के अमेरिका को दिए प्रस्ताव में क्या है?
ईरान द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य होर्मुज़ को दोबारा खोलना है, जिसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है. इसके साथ ही युद्ध समाप्त करने और परमाणु वार्ता को फिलहाल टालने की बात कही गई है. यह जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी और मामले से जुड़े दो सूत्रों के हवाले से दी गई है. इस प्रस्ताव के तहत युद्धविराम को लंबी अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है या फिर तेहरान और वॉशिंगटन के बीच स्थायी रूप से संघर्ष खत्म करने पर सहमति बन सकती है.
कब होगी परमाणु मुद्दे पर बात?
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में शुरू होगी, जब होर्मुज़ फिर से खुल जाएगा और ईरान के बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक पाबंदियां हटा दी जाएंगी. बताया जा रहा है कि व्हाइट हाउस को यह प्रस्ताव मिल चुका है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन इस पर आगे बातचीत करेगा या नहीं.
व्हाइट हाउस ने क्या कहा?
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ओलिविया वेल्स ने Axios से कहा कि अमेरिका ऐसे “संवेदनशील कूटनीतिक” मुद्दों पर मीडिया के जरिए बातचीत नहीं करेगा. उन्होंने कहा, “जैसा कि राष्ट्रपति पहले ही कह चुके हैं, अमेरिका के पास बढ़त है और वह वही समझौता करेगा जो अमेरिकी जनता के हित में होगा, और कभी भी ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा.”
अमेरिका-ईरान वार्ता में आई रुकावट
यह नया प्रस्ताव ऐसे समय पर सामने आया है जब कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति वार्ता के एक नए दौर के लिए अपने दूतों का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया था. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के पाकिस्तान से रवाना होने के बाद ट्रंप ने विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी. ट्रंप ने कहा था, “मौजूदा हालात में उन्हें 18 घंटे की उड़ान पर भेजने का कोई मतलब नहीं है, इसमें बहुत समय बर्बाद होता है.” उन्होंने यह भी कहा था, “अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उसे बस हमें कॉल करना होगा.”




