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बंगाल चुनाव: रैलियों का 'सुपर मंडे'! मंदिर-गाय से लेकर मोदी की 5 गारंटी और ममता के पलटवार तक, आखिरी दिन खूब चले जुबानी तीर

बंगाल चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए 27 अप्रैल की शाम 5 बजे चुनाव प्रचार का शोर थम गया. प्रचार के इस आखिरी दिन यानी 'सुपर मंडे' को भाजपा और टीएमसी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ताबड़तोड़ रैलियां कर माहौल गरमा दिया.

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पीएम मोदी, अमित शाह, सीएम योगी और ममता बनर्जी

( Image Source:  ANI )

Bengal Vidhan Sabha Chunav 2026: 27 अप्रैल (सोमवार) को शाम 5 बजते ही बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के लिए प्रचार थम गया. आखिरी दिन सभी दलों सियासी दिग्गजों ने पूरे दमखम के साथ मैदान संभाला और जनता को साधने के लिए बड़े-बड़े वादे और तीखे हमले दोनों देखने को मिले. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की तो बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी की तरफ से जवाबी हमला करते हुए अपनी ताकत दिखाई.

बीजेपी की रैलियों में मंदिर, गौ-रक्षा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए. पीएम मोदी ने कई जनसभाओं में '5 गारंटी' का ऐलान करते हुए महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के हित, रोजगार और विकास को लेकर वादे किए. उन्होंने टीएमसी सरकार पर ‘जंगलराज’, भ्रष्टाचार और महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर निशाना साधा. इसके बाद प्रधानमंत्री ने एक ऑडियो संदेश भी जारी किया.

वहीं, योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था और ‘माफिया मुक्त शासन’ का मुद्दा उठाते हुए बीजेपी मॉडल को बंगाल में लागू करने की बात कही. अमित शाह ने भी संगठनात्मक ताकत और बूथ मैनेजमेंट पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरा.

दूसरी तरफ ममता बनर्जी ने अपनी रैलियों में बीजेपी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने केंद्र सरकार पर बंगाल के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में शांति, विकास और कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने के लिए टीएमसी को दोबारा मौका देना जरूरी है. टीएमसी नेताओं ने भी बीजेपी के मंदिर और गाय जैसे मुद्दों को ‘ध्रुवीकरण की राजनीति’ बताते हुए जनता से विकास और सामाजिक सौहार्द के नाम पर वोट देने की अपील की.

पीएम मोदी: मंदिर दर्शन और 'शपथ ग्रहण' का दावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिन की शुरुआत कोलकाता के ऐतिहासिक ठन्ठनिया कालीबाड़ी मंदिर (Thanthania Kalibari) में पूजा-अर्चना के साथ की. इसके बाद बैरकपुर में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने बड़ा दावा किया कि वे 4 मई (नतीजों के दिन) के बाद भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए वापस आएंगे.

पीएम मोदी की 5 बड़ी गारंटियां (विशेषकर युवाओं के लिए)

पीएम मोदी ने आज बंगाल के युवाओं और जनता के लिए '5 विशेष गारंटियों' का ऐलान किया, जो इस चुनाव का एक बड़ा 'टर्निंग पॉइंट' मानी जा रही हैं:

  1. समयबद्ध सरकारी भर्तियां: राज्य में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी और तय समय पर पूरी की जाएगी.
  2. रिक्त पदों पर नियुक्ति: सभी खाली पड़े सरकारी पदों को तुरंत भरा जाएगा.
  3. 7वां वेतन आयोग: सरकारी कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) का पूरा लाभ मिलेगा.
  4. क्रिएटिव इकोनॉमी: युवाओं के लिए स्कूलों और कॉलेजों में 'कंटेंट क्रिएटर लैब्स' बनाई जाएंगी.
  5. ग्रामीण रोजगार (125 दिन): गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी और पीएम विश्वकर्मा जैसी योजनाओं को सख्ती से लागू किया जाएगा.

मंदिर पर क्या बोले पीएम मोदी?

पीएम मोदी ने कहा- जब जनवरी 2024 में अयोध्या में राम लल्ला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह हुआ था, तो मैंने ग्यारह दिनों का अनुष्ठान किया था और उपवास रखा था. मैंने दक्षिण भारत के कई मंदिरों में जाकर देवी-देवताओं का आशीर्वाद लिया था. इस चुनाव में भी मुझे वैसी ही भावना महसूस हुई, जैसी किसी देवी मंदिर में जाने पर होती है. इसके पीछे बंगाल से मेरा जुड़ाव है..."

सीएम योगी और अमित शाह: गाय और घुसपैठ का मुद्दा

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी रैलियों में हिंदुत्व और कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाया. उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य में बड़े पैमाने पर गोकशी (Cow Slaughter) होने का आरोप लगाया और कहा कि यूपी की तरह बंगाल में भी राम राज्य और कानून का राज स्थापित होगा. योगी ने कहा कि बुलडोजर को सुनकर टीएमसी के गुंडे अभी से अंडर ग्राउंड होने लगे हैं.

वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी सभाओं में 'सिंडिकेट राज' पर हमला बोला और संदेशखाली जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए महिला सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाया. उन्होंने कहा- ममता दीदी जा रही हैं, अब गुंडे रिस्क नहीं लेंगे, क्योंकि जाने वालों की कोई नहीं सुनता.

ममता बनर्जी का पलटवार: 'भिक्षा नहीं, हक चाहिए'

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी रैलियों में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. ममता ने पीएम मोदी की गारंटियों को 'जुमला' बताते हुए कहा कि केंद्र ने बंगाल का मनरेगा और आवास योजना का फंड रोक रखा है. उन्होंने अपनी 'दीदी की गारंटी' (लक्ष्मी भंडार जैसी योजनाएं) को असली और जमीनी बताया.

अब आगे क्या?

प्रचार के आखिरी दिन जिस तरह से सभी दलों ने पूरी ताकत झोंकी, उससे साफ है कि यह चुनाव बेहद कड़ा और निर्णायक होने जा रहा है. शाम 5 बजे प्रचार का शोर थम गया है. अब राज्य की जनता 29 अप्रैल को वोटिंग के जरिए इन वादों और दावों पर अपना फैसला सुनाएगी, जिसके नतीजे 4 मई को आएंगे.

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