समय पर इलाज न मिलने से भारतीय नाविक की मौत, शव को सड़ने से बचाने के लिए पानी की बोतलों का सहारा ले रहे क्रू मेंबर्स; वीडियो वायरल
तमिलनाडु के 35 वर्षीय सेकंड ऑफिसर निशांत उर्थनाथन की कथित तौर पर MT Celestial जहाज पर तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई. अब उनके शव को सड़ने से बचाने के लिए क्रू मेंबर्स पानी की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे हैं. जहाज के कप्तान ने वीडियो बनाकर मदद न मिलने का आरोप लगाया है.
तमिलनाडु के 35 वर्षीय सेकंड ऑफिसर निशांत उर्थनाथन की जहाज पर मौत
Indian Seafarer Nishanth Uirthanathan Dies Off Oman Coast: समंदर में तैनात जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविक अक्सर महीनों तक अपने परिवार से दूर रहकर देश और दुनिया की समुद्री व्यवस्था को चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन समुद्र की लहरों के बीच एक भारतीय नाविक की मौत ने मानवीय संवेदनाओं और सिस्टम की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. तमिलनाडु के 35 वर्षीय सेकंड ऑफिसर निशांत उर्थनाथन की ओमान तट के पास जहाज MT Celestial पर तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई.
आरोप है कि समय पर मेडिकल मदद नहीं मिलने के कारण 11 जून को उनकी जान चली गई. इसके बाद भी उनका शव जहाज पर अभी तक रखा हुआ है. फ्रीजर जैसी सुविधा नहीं होने के कारण क्रू मेंबर्स ने ठंडे पानी की बोतलों की मदद से शव को सुरक्षित रखने की कोशिश की है.
जहाज के कप्तान ने जारी किया वीडियो
जहाज के कप्तान ने वीडियो जारी कर भारतीय अधिकारियों से मदद की अपील की है. वहीं फॉरवर्ड सीमेंस यूनियन ऑफ इंडिया (FSUI) ने इस पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है.
FSUI ने क्या कहा?
FSUI के मुताबिक, निशांत की तबीयत खराब हुई थी और उन्हें समय पर मेडिकल सहायता नहीं मिल सकी. यूनियन का आरोप है कि अगर समय पर इलाज या मेडिकल इवैक्यूएशन की व्यवस्था हो जाती, तो शायद उनकी जान बच सकती थी. सबसे ज्यादा भावुक करने वाली बात यह है कि मौत के बाद भी उनका शरीर कई दिनों तक जहाज पर ही रहा. यूनियन ने दावा किया कि उचित रेफ्रिजरेशन की सुविधा नहीं होने के कारण क्रू मेंबर्स को पानी की बोतलों से शव को सुरक्षित रखने की कोशिश करनी पड़ी. यह स्थिति न सिर्फ दर्दनाक थी, बल्कि जहाज पर मौजूद अन्य कर्मचारियों के लिए भी मानसिक रूप से बेहद कठिन रही.
FSUI ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें MT Celestial के कप्तान कथित तौर पर इस स्थिति को दिखाते हुए भारतीय अधिकारियों से मदद की अपील करते नजर आ रहे हैं. यूनियन का आरोप है कि जहाज मालिक ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई और क्रू को मुश्किल हालात में छोड़ दिया. यूनियन ने भारतीय दूतावास मस्कट, विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई अधिकारियों को टैग करते हुए निशांत के पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने और क्रू को सहायता देने की मांग की है.
भारतीय नाविकों में डर का माहौल
बता दें कि ओमान और ईरान में काम करने वाले भारतीय नाविकों में इस समय डर का माहौल है. वे अपनी पीड़ा वीडियो के जरिए बयां कर रहे हैं. आरोप है कि उनके दर्द को कोई नहीं समझ रहा.
हालांकि, इस पूरे मामले में अभी सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. शिप मालिक और संबंधित एजेंसियों की ओर से आधिकारिक जवाब सामने आना बाकी है, लेकिन इस घटना ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है- समुद्र में देश की अर्थव्यवस्था संभालने वाले नाविकों की सुरक्षा और आपातकालीन मदद के लिए व्यवस्था कितनी मजबूत है?




