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क्या चेतावनियों को जहाज ने किया इग्नोर, US के पास मिसाइल दागने के अलावा क्या थे विकल्प, 3 भारतीयों की मौत के बाद कई सवाल?

ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई. इसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनमें से एक अहम बात यह भी है कि जब लगातार अमेरिका की तरफ से वॉर्निग दी जा रही थी तो जहाज क्यों नहीं रोका गया.

क्या चेतावनियों को जहाज ने किया इग्नोर, US के पास मिसाइल दागने के अलावा क्या थे विकल्प, 3 भारतीयों की मौत के बाद कई सवाल?
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Indian Sailor Killed: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ओमान तट के पास अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है. भारत सरकार ने इस घटना पर अमेरिका के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है और स्पष्ट किया है कि इस तरह के हमले बंद होने चाहिए. गुरुवार (11 जून 2026) को भारत ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि अमेरिकी नौसेना ने पिछले चार दिनों में भारतीय चालक दल वाले तीन व्यापारी जहाजों को निशाना बनाया, जिसमें तीन भारतीय नागरिकों की जान चली गई.

इस हमले के बाद डेक कैडेट आदित्य शर्मा, इंजन फिटर शिवानंद चौरसिया और मुख्य इंजीनियर पतनाला सुरेश लापता हो गए थे. बाद में भारतीय अधिकारियों ने तीनों की मौत की पुष्टि कर दी.

अमेरिकी हमले में जान गंवाने वालों में हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के गलोड़ क्षेत्र के हदीता गांव के रहने वाले 23 वर्षीय आदित्य शर्मा भी शामिल थे. आदित्य महज छह महीने पहले ही समुद्री सेवा से जुड़े थे और डेक कैडेट के रूप में काम कर रहे थे. वह पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी सेटेबेलो पर सवार 24 भारतीय चालक दल के सदस्यों में शामिल थे.

जान गवाने वाले के पिता ने क्या कहा?

आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया कि उनकी बेटे से लगभग हर दिन बात होती थी. उन्होंने कहा कि रविवार को व्हाट्सएप कॉल के दौरान आदित्य ने बताया था कि पिछले दो हफ्तों में उनके जहाज को अमेरिकी नौसेना की ओर से कम से कम दो बार चेतावनी मिली थी. इसके बावजूद जहाज होर्मुज जलमार्ग की ओर बढ़ रहा था.

राजेश शर्मा के मुताबिक, आदित्य उस समय हालात को लेकर चिंतित था. उसने बताया था कि उसी दिन उनके जहाज के आसपास मौजूद एक अन्य जहाज पर हमला हुआ था. हालांकि आदित्य ने परिवार को यह कहकर आश्वस्त किया था कि उस जहाज पर सवार सभी चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया है. उस बातचीत के बाद परिवार को उम्मीद थी कि सब कुछ ठीक रहेगा, लेकिन कुछ ही दिनों बाद यह दुखद खबर आ गई.

अमेरिका ने क्या कहा?

अमेरिका का कहना है कि एमटी सेटेबेलो पर की गई कार्रवाई एक "सटीक सैन्य हमला" थी. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह जहाज पलाऊ के झंडे के तहत संचालित हो रहा था और इसके चालक दल ने बार-बार दिए गए निर्देशों का पालन नहीं किया था.

वॉशिंगटन ने आरोप लगाया कि यह जहाज ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए अमेरिकी सैन्य प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था. अमेरिका ने अप्रैल से ही यह नाकेबंदी लागू कर रखी है ताकि ईरान की आय के स्रोतों को सीमित किया जा सके और तेहरान पर दबाव बनाया जा सके.

भारतीय सरकार ने क्या कहा?

घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. सरकार ने एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को तलब कर अपना विरोध दर्ज कराया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, "इस तरह के हमले बंद होने चाहिए. हम संवाद और कूटनीति के जरिए जल्द से जल्द क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने की अपील करते हैं."

भारत सरकार ने यह भी कहा है कि वह खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय चालक दल वाले सभी जहाजों और भारतीय नाविकों की गतिविधियों पर करीबी नजर रख रही है. सरकार लगातार हालात की समीक्षा कर रही है और क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्क है.

अमेरिका के पास क्या थे ऑप्शन?

भारतीय नाविक संगठन के महासचिव मनोज यादव ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, "मुझे पूरा विश्वास है कि अमेरिकी नौसेना को पता था कि जहाज पर कितने भारतीय और अन्य विदेशी नागरिक मौजूद थे. यदि जहाज ने निर्देशों का पालन नहीं किया था तो उसे जब्त किया जा सकता था, लेकिन मिसाइल हमला जरूरी नहीं था."

क्या कहते हैं कानून?

  • अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (Law of Armed Conflict)

यदि किसी क्षेत्र में सशस्त्र संघर्ष चल रहा हो, तो सैन्य बलों को नागरिक और सैन्य लक्ष्यों के बीच अंतर करना होता है. केवल सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले लक्ष्यों पर हमला वैध माना जा सकता है. नागरिक जहाजों को निशाना बनाने पर कड़े कानूनी प्रश्न उठ सकते हैं. हालांकि, ये सिर्फ कागज़ी कानून मालूम होते हैं, किसी के खिलाफ कोई एक्शन की जानकारी नहीं मिलती है.

  • जेनेवा कन्वेंशन

Geneva Conventions के सिद्धांतों के अनुसार नागरिकों और गैर-लड़ाकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए. समुद्र में भी अनुपातिकता (proportionality) और सावधानी (precaution) जैसे सिद्धांत लागू होते हैं.

  • समुद्री नाकाबंदी (Naval Blockade) के नियम

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कुछ परिस्थितियों में कोई देश समुद्री नाकाबंदी लागू कर सकता है. लेकिन नाकाबंदी लागू करने के दौरान भी नागरिक जहाजों के साथ व्यवहार और बल प्रयोग को लेकर नियम होते हैं. यदि कोई जहाज आदेशों का पालन नहीं करता, तो उसे रोका, तलाशी ली या जब्त किया जा सकता है. लेकिन ऐसे हालातों में घातक बल का इस्तेमाल अंतिम उपाय माना जाता है और उसकी वैधता परिस्थितियों पर निर्भर करती है.

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