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कैसा है मेड-इन इंडिया ट्रांसपोर्ट विमान C-295, मिसाइल अलर्ट सिस्टम से लेकर आर्मर्ड कॉकपिट तक, जानें 5 खासियत

भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है. गुजरात के वडोदरा स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) की फैक्टरी में निर्मित पहले ड-इन इंडिया ट्रांसपोर्ट विमान ने सफलतापूर्वक अपनी पहली परीक्षण उड़ान भरी है.

C-295 aircraft
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कैसा है मेड-इन इंडिया ट्रांसपोर्ट विमान C-295

( Image Source:  x-@IAF_MCC )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 12 Jun 2026 11:18 AM IST

भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. गुजरात के वडोदरा स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड की फैक्टरी में बने पहले मेड-इन-इंडिया C-295 सैन्य परिवहन विमान ने सफलतापूर्वक अपनी पहली परीक्षण उड़ान पूरी कर ली है. भारतीय वायुसेना ने इसे देश की बढ़ती एयरोस्पेस क्षमता और स्वदेशी रक्षा उत्पादन की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है. खास बात यह है कि यह विमान आधुनिक तकनीकों से लैस है, जो इसे सेना के लिए बेहद उपयोगी बनाती हैं.

भारतीय वायुसेना ने एयरबस के साथ 56 C-295 विमानों की खरीद के लिए करीब 21,935 करोड़ रुपये की डील की है. इस हिसाब से एक विमान की औसत लागत लगभग 392 करोड़ रुपये बैठती है, हालांकि इसमें प्रशिक्षण, उपकरण और अन्य सुविधाएं भी शामिल हैं. मिसाइल अलर्ट सिस्टम, नाइट विजन क्षमता, आर्मर्ड कॉकपिट और छोटे रनवे से उड़ान भरने जैसी खूबियों से लैस C-295 को दुनिया के सबसे भरोसेमंद सैन्य परिवहन विमानों में गिना जाता है.

1. मिसाइल अलर्ट सिस्टम से लैस

C-295 की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसका एडवांस्ड मिसाइल अलर्ट सिस्टम शामिल है. यह सिस्टम एयरक्राफ्ट को दुश्मन की ओर से दागी गई मिसाइलों के खतरे की समय रहते जानकारी देता है. इससे पायलट जरूरी बचाव कदम उठा सकते हैं और विमान की सुरक्षा बढ़ जाती है. युद्ध या संवेदनशील अभियानों के दौरान यह क्षमता बेहद महत्वपूर्ण साबित होती है.

2. रात में भी आसानी से भर सकता है उड़ान

यह विमान मॉर्डन नाइट विजन तकनीक से लैस है. इसकी मदद से पायलट कम रोशनी या रात के समय भी सुरक्षित और प्रभावी तरीके से फ्लाइट ऑपरेट कर सकता है. इससे सेना की ऑपरेशनल क्षमता चौबीसों घंटे बनी रहती है और इमरजेंसी में तुरंत रिएक्शन देना संभव होगा.

3. आर्मर्ड कॉकपिट से बढ़ी पायलट की सुरक्षा

C-295 में आर्मर्ड यानी बख्तरबंद कॉकपिट दिया गया है. यह सिस्टम पायलट और क्रू को बाहरी हमलों या गोलीबारी से ज्यादा सेफ्टी देता है. संवेदनशील सैन्य मिशनों के दौरान यह सुरक्षा फीचर विमान की विश्वसनीयता को और मजबूत बनाता है.

4. छोटे और कच्चे रनवे से भी कर सकता है ऑपरेशन

C-295 विमान की सबसे बड़ी खूबियों में से एक यह है कि यह कई तरह के काम कर सकता है. यह छोटे, कच्चे और कम सुविधाओं वाले रनवे से भी आसानी से उड़ान भर सकता है और उतर सकता है. इसी वजह से यह पहाड़ी और दूर-दराज के इलाकों, सीमा पर मौजूद चौकियों तथा आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामान, जरूरी सामान और सैन्य उपकरण पहुंचाने में काफी मददगार साबित होता है.

5. ट्रांसपोर्ट और खुफिया निगरानी मिशन में भरोसेमंद

C-295 को दुनिया के सबसे भरोसेमंद सैन्य परिवहन विमानों में माना जाता है. यह सैनिकों, हथियारों और जरूरी सैन्य सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करता है. इसके साथ ही यह दुश्मन की गतिविधियों पर नजर रखने और खुफिया जानकारी जुटाने वाले मिशनों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है. खास बात यह है कि इस विमान को चलाने और इसकी देखभाल पर दूसरे कई सैन्य विमानों की तुलना में कम खर्च आता है.

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