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भारत कनेक्शन FBI चीफ के गले की फांस या कुछ और... क्या है वो गलतियां जिस वजह से डगमगाने लगी काश पटेल की कुर्सी?

भारतीय मूल के FBI डायरेक्टर काश पटेल पर चार्ली किर्क मर्डर केस के बाद गंभीर सवाल उठे हैं. हत्या के तुरंत बाद उन्होंने ट्वीट कर दावा किया था कि संदिग्ध गिरफ्तार हो चुका है, लेकिन यह झूठ निकला और FBI की साख को गहरा झटका लगा. असली आरोपी को पकड़ने में एजेंसी को दो दिन लग गए. अब पटेल को अमेरिकी संसद की कमेटियों के सामने जवाब देना होगा.

भारत कनेक्शन FBI चीफ के गले की फांस या कुछ और... क्या है वो गलतियां जिस वजह से डगमगाने लगी काश पटेल की कुर्सी?
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( Image Source:  Sora_ AI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Published on: 15 Sept 2025 10:56 PM

अमेरिका की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय मूल के एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल अब अपनी कुर्सी बचा पाएंगे या नहीं. कंजरवेटिव नेता चार्ली किर्क की हत्या के बाद जिस तरह से एफबीआई की भूमिका पर सवाल उठे हैं, उसने न केवल एजेंसी की साख को हिला दिया है, बल्कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी आलोचनाओं के घेरे में ला खड़ा किया है.

मामले को और पेचीदा बना रहा है भारत-अमेरिका रिश्तों का तनाव, जो ट्रंप द्वारा हाल में लगाए गए टैरिफ से और बढ़ गया है. जानकार मानते हैं कि चूंकि काश पटेल भारतीय मूल के हैं, इसलिए यह विवाद कहीं न कहीं उन्हें सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है. माना जा रहा है कि इस्तीफे की चर्चाओं के पीछे ट्रंप की भारत पॉलिसी का असर भी गहराई से जुड़ा हुआ है. इस कड़ी में आइए जानते हैं कि FBI डायरेक्टर काश पटेल क्यों अपने पद से दे सकते हैं इस्तीफा क्या है उनकी गलतियां..

चार्ली किर्क मर्डर केस बना एफबीआई का सबसे बड़ा फेलियर

कंजरवेटिव कमेंटेटर चार्ली किर्क की गोली मारकर हत्या अमेरिका और दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गई. इस वारदात के तुरंत बाद काश पटेल ने ट्वीट कर दावा किया था कि संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है. लेकिन कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने इस दावे का खंडन कर दिया. एफबीआई ने बाद में साफ किया कि पूछताछ के बाद दोनों संदिग्धों को रिहा कर दिया गया था.

इस गलत सूचना ने एजेंसी की क्रेडिबिलिटी को बड़ा झटका दिया और पटेल की पेशेवर क्षमता पर सवाल खड़े हो गए. असली आरोपी टायलर रॉबिन्सन को पकड़ने में एफबीआई को पूरे दो दिन का समय लग गया.

अमेरिकी संसद में पेश होंगे काश पटेल

इस हफ्ते काश पटेल को अमेरिकी सीनेट और हाउस जुडिशियरी कमेटियों के सामने पेश होना होगा. उनसे न केवल चार्ली किर्क मामले की जांच पर, बल्कि एफबीआई की आंतरिक खींचतान और उनके नेतृत्व पर भी सवाल पूछे जाएंगे.

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस और ट्रंप के करीबी कई लोग अब काश पटेल पर भरोसा नहीं कर रहे. अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी और डिप्टी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच का नाम इस लिस्ट में शामिल है.

ट्रंप की तारीफ भी नहीं बचा पाई भरोसा

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोपी टायलर रॉबिन्सन की गिरफ्तारी के बाद एफबीआई और काश पटेल की तारीफ करते हुए कहा कि 'मुझे एफबीआई पर गर्व है. काश समेत सभी ने बहुत अच्छा काम किया.' लेकिन इसके बावजूद रिपब्लिकन खेमे और थिंक टैंकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है. मैनहटन इंस्टीट्यूट के क्रिस्टोफर एफ. रूफो ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि 'यह समय है रिपब्लिकनों के लिए सोचने का कि क्या काश पटेल एफबीआई चलाने के लिए सही शख्स हैं.'

सोशल मीडिया की गलती और आंतरिक असंतोष

हत्या के तुरंत बाद पटेल का गलत ट्वीट उनकी सबसे बड़ी गलती साबित हुआ. सीनेट माइनॉरिटी व्हिप डिक डर्बिन ने इसे “एमेच्योर आवर” कहते हुए उनकी पेशेवर क्षमता पर सवाल उठाया. एफबीआई के भीतर भी असंतोष गहराता जा रहा है. कई अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध की सही तस्वीर तक समय पर नहीं साझा की गई. वहीं, हाल ही में बर्खास्त हुए तीन अधिकारियों ने ट्रंप प्रशासन पर प्रतिशोध की राजनीति का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है.

भारत कनेक्शन और इस्तीफे की चर्चा

विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने और दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास का असर भी इस विवाद में झलक रहा है. काश पटेल भारतीय मूल के हैं और ट्रंप प्रशासन में उनकी अहम भूमिका मानी जाती रही है. लेकिन अब यही पहचान उनके खिलाफ इस्तीफे के दबाव का कारण बन गई है. रिपब्लिकन हलकों में माना जा रहा है कि ट्रंप की भारत पॉलिसी और उस पर अमेरिकी मीडिया की आलोचना ने पटेल की स्थिति और कमजोर कर दी है.

आखिर काश पटेल की गलतियां क्या?

  • संदिग्ध की गिरफ्तारी का झूठा दावा
  • जांच में शुरुआती देरी
  • सोशल मीडिया पर गलत पोस्ट
  • एफबीआई के भीतर बढ़ता असंतोष
  • भारत-अमेरिका रिश्तों से जुड़ा दबाव
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