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'समय आ गया है', ट्रंप की ईरान को आखिरी चेतावनी; क्या Middle East में होने वाला है कुछ बड़ा?

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि "अब समझौते का समय आ गया है, अन्यथा देश के महान बनने की बची हुई संभावना भी समाप्त हो सकती है."

Donald Trump Warning
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फाइल फोटो)

( Image Source:  X/ @USMilitaryViews )

Middle East Tension: मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर पूरी दुनिया पर देखने को मिल रहा है. अमेरिका और इजरायल मिलकर रोज ईरान पर हमले कर रहे हैं तो वहीं ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हर रोज ईरान को लेकर नया बयान सामने आ रहा है. कई बार ट्रंप ईरान को चेतावनी दे चुके हैं लेकिन ईरान अमेरिका की किसी चेतावनी से डर नहीं रहा है. मिडिल ईस्ट में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि "अब समझौते का समय आ गया है, अन्यथा देश के महान बनने की बची हुई संभावना भी समाप्त हो सकती है."

गुरुवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमले में ईरान का कराज पुल ध्वस्त कर दिया गया है. इस दावे के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जबकि ईरानी मीडिया ने भी हमलों और नुकसान की पुष्टि की है, हालांकि दोनों पक्षों के दावों में अंतर देखने को मिल रहा है.

ईरान के लिए क्यों अहम था पुल?

Fars News Agency की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान को पश्चिमी शहर कराज से जोड़ने वाले राजमार्ग पुल पर गुरुवार को हवाई हमले किए गए. इस हमले में कम से कम दो लोगों की मौत होने की जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि कराज में स्थित यह पुल, जिसे B1 पुल के नाम से पहचाना जाता है, अभी निर्माणाधीन था. यह परियोजना राजधानी और आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने के लिहाज़ से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी.

कितना हुआ पुल को नुकसान?

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, लगभग 136 मीटर ऊंचे इस पुल को हमले में गंभीर नुकसान पहुंचा है और यह आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है. इस घटना ने न केवल बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया है, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर भी नई चिंताएं पैदा कर दी हैं.

ईरानी अधिकारियों का क्या दावा?

ईरानी अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि तेहरान में एक चिकित्सा केंद्र को निशाना बनाया गया. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी तस्वीरों में एक सदी पुराने अनुसंधान संस्थान पाश्चर संस्थान की इमारत को भारी नुकसान होता दिखाया गया है.

क्या जल्द हो पाएगा समझौता?

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है. सैन्य अभियान अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है और दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है. ऐसे माहौल में डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी अमेरिका के आक्रामक रुख को दर्शाती है. एक ओर जहां जमीनी स्तर पर संघर्ष तेज़ हो रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ईरान पर समझौते के लिए दबाव भी बढ़ा रहा है.

ईरान इजरायल युद्धडोनाल्ड ट्रंप
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