'मुसलमानों की कोई एंट्री नहीं', नाम सुनते ही बुजुर्ग की पिटाई; वीडियो देख बोले यूजर्स-यही रोजगार BJP ने दिया है
हरिद्वार में एक मुस्लिम बुजुर्ग को उसका नाम पूछकर पीटा गया है. थाने पहुंचकर मुस्लिम युवक ने पूरी आपबीती बताई कि कैसे उसको नाम पूछने के बाद पीटा गया.
Muslim man beaten
उत्तराखंड से अब हिंदू-मुस्लिम की घटनाएं काफी ज्यादा सामने आ रही है. हाल ही में कोटद्वार में एक मुस्लिम बुजुर्ग को उसकी दुकान के नाम में लिखे बाबा शब्द को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने परेशान किया था, जिसमें एक दीपक कुमार नाम लड़का बजरंग दल भिड़ गया था. मोहम्मद दीपक नाम से मशहूर इस युवक ने देश में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की एक मिसाल कायम की थी, लेकिन अब एक बार फिर से ऐसी ही घटना सामने आई है जिसने फिर से सोचने को मजबूर कर दिया है कि देश किस तरफ जा रहा है.
ताजा मामला उत्तराखंड के हरिद्वार से सामने आया है. जहां एक मुस्लिम बुजुर्ग को उसका नाम पूछकर पीटा गया है. थाने पहुंचकर मुस्लिम युवक ने पूरी आपबीती बताई कि कैसे उसको नाम पूछने के बाद पीटा गया. अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसपर यूजर्स भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल पूरा मामला हरिद्वार का है. जहां 40 साल से फेरी लगा रहे शान मोहम्मद नाम के बुजुर्ग व्यक्ति को उसका नाम पूछकर पीटा गया. इस घटना ने एकबार फिर से विवाद खड़ा कर दिया है. थान में एफआईआर लिखवाने पहुंचे शान मोहम्मद ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि "पहले मेरा नाम पूछा, फिर मुस्लिम नाम सुनते ही मुझसे कहा कि यहां मुसलमानों की कोई एंट्री नहीं है."
क्या बोल रहे यूजर्स?
वीडियो सामने आने के बाद अब यूजर्स भी तरह-तरह की कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने कमेंट करके लिखा 'बेरोजगारों को यही रोजगार बीजेपी ने दिया है.' दूसरे यूजर ने लिखा '40 साल से शान मोहम्मद फेरी लगा रहे थे तब तो किसी ने 'आधार कार्ड' नहीं मांगा! अब क्या हरिद्वार के बोर्ड पर 'नो एंट्री' का स्टीकर चिपका कर खुद को वहां का 'दरबान' समझ बैठे हो? अगली बार गंगा जी से भी पूछ लेना कि वो किसका खेत सींच रही हैं!'
तीसरे यूजर ने लिखा हरिद्वार में 'एक बुजुर्ग रेहड़ी वाले पर मजहबी नफरत के कारण हुआ हमला बेहद शर्मनाक है. दशकों से काम कर रहे व्यक्ति को उसकी पहचान के आधार पर निशाना बनाना मानवता की हार है. देवभूमि की शांति बिगाड़ने वाले इन उपद्रवियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है। यह घृणा समाज के लिए जहर है.'




