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शादी का झांसा देकर किया अपहरण, युवक के परिवार वालों ने नदी में फेंककर कर दी युवती की हत्या; हुआ बड़ा खुलासा

बेरीनाग क्षेत्र में विवाहिता सुनीता देवी की गुमशुदगी और हत्या का मामला आखिरकार सुलझ गया है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुनीता देवी को शादी का लालच देकर बागेश्वर जिले के एक युवक ने पहले बहला-फुसलाकर अपहरण किया और बाद में युवक के परिजनों की आपराधिक साजिश के तहत उसे रामगंगा नदी में फेंककर मौत के घाट उतार दिया गया.

शादी का झांसा देकर किया अपहरण, युवक के परिवार वालों ने नदी में फेंककर कर दी युवती की हत्या; हुआ बड़ा खुलासा
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( Image Source:  AI: Sora )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Updated on: 13 Dec 2025 12:48 PM IST

उत्तराखंड के बेरीनाग क्षेत्र में विवाहिता सुनीता देवी की गुमशुदगी और हत्या का मामला आखिरकार सुलझ गया है. पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सुनीता देवी को शादी का लालच देकर बागेश्वर जिले के एक युवक ने पहले बहला-फुसलाकर अपहरण किया और बाद में युवक के परिजनों की आपराधिक साजिश के तहत उसे रामगंगा नदी में फेंककर मौत के घाट उतार दिया गया. घटना की साजिश और क्रूरता ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है.

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16 सितंबर को दड़मेत कमदीना गांव निवासी बहादुर राम ने अपनी बहू सुनीता देवी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. प्रारंभिक जांच राजस्व पुलिस द्वारा की गई, लेकिन एक महीने बाद मामला गंभीरता को देखते हुए नियमित पुलिस को सौंपा गया.

शादी का झांसा देकर अपहरण

जांच में सामने आया कि सुनीता देवी को विजय प्रसाद नाम का युवक शादी का बहाना बनाकर अपने साथ ले गया था. यह भी पुष्टि हुई कि आरोपी पहले भी कई बार शादी का झांसा देकर सुनीता को अपने साथ घुमाने और घर ले जाने की कोशिश कर चुका था.

रामगंगा में फेंककर की हत्या

पुलिस पूछताछ और जुटाए गए सबूतों से स्पष्ट हुआ कि जब विजय प्रसाद के परिजनों को इस संबंध की जानकारी मिली तो वे नाराज हो गए. इसी नाराजगी में विजय के पिता रमेश राम, हरीश राम और बलवंत राम ने मिलकर एक अपराधी षड्यंत्र रचा. साजिश के तहत सुनीता देवी को रामगंगा नदी तक ले जाकर फेंक दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई.

चार आरोपित गिरफ्तार, अदालत ने भेजा जेल

एसएचओ बेरीनाग नरेश कुमार गंगवार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले में तेजी दिखाते हुए गुरुवार को विजय प्रसाद, रमेश राम, हरीश राम और बलवंत राम को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद चारों को अदालत में पेश किया गया जहां से चारों को जेल भेज दिया गया.

उत्तराखंड न्‍यूज
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