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कितने बार किया गया चढ़ावे में घोटाला, कैसा होगा ड्रेस कोड, 8 प्वाइंट्स में जानें प्रमोद नौटियाल को लेकर क्या-क्या हुए खुलासे

कितने बार किया गया चढ़ावे में घोटाला, कैसा होगा ड्रेस कोड, 8 प्वाइंट्स में जानें प्रमोद नौटियाल को लेकर क्या-क्या हुए खुलासे
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( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत4 Mins Read

Published on: 12 July 2026 2:01 PM

बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी मामले की जांच पूरी होने के बाद कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. बीकेटीसी की जांच रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल सिर्फ 2 जुलाई ही नहीं, बल्कि 29 जून की दान गिनती के दौरान भी संदिग्ध गतिविधियां करता दिखाई दिया. जांच में यह भी बताया गया कि 14 दिनों की सीसीटीवी फुटेज में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं.

रिपोर्ट में सिर्फ प्रमोद नौटियाल की कथित हरकतों का ही जिक्र नहीं है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए भी कई सख्त सुझाव दिए गए है. दान गिनती के दौरान बिना जेब वाली ड्रेस, मोबाइल और पर्स पर रोक, श्रद्धालुओं के लिए नए नियम, हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी और अलग मॉनिटरिंग व्यवस्था जैसे कई बदलावों की सिफारिश की गई है.

1. जांच रिपोर्ट में क्या सामने आया?

बीकेटीसी की चार सदस्यीय जांच समिति ने अपनी जांच पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है. करीब 18 पन्नों की इस रिपोर्ट में पूरे घटनाक्रम का क्रमवार विवरण दिया गया है. साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई अहम सुझाव भी शामिल किए गए हैं.

2. कितने बार नोट निकालते दिखा आरोपी?

जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा में कथित आरोपी कर्मचारी 2 जुलाई को कई बार चढ़ावे के नोट अलग ले जाते हुए दिखाई दिया. इसके अलावा 29 जून की रिकॉर्डिंग में भी उसके संदिग्ध गतिविधियां करने की बात सामने आई है.

3. सीईओ ने क्या बताया?

बीकेटीसी के सीईओ सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. उनके अनुसार, फुटेज में आरोपी कर्मचारी कई बार नोट ले जाता हुआ नजर आया है. अब रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

4. कब तक की मिली रिकॉर्डिंग?

जांच टीम को घटना वाले दिन से पहले केवल 14 दिनों की सीसीटीवी फुटेज ही उपलब्ध हो सकी. बताया गया कि पुराने कैमरों की स्टोरेज क्षमता कम होने के कारण इससे पहले की रिकॉर्डिंग सुरक्षित नहीं रह सकी. उपलब्ध वीडियो के कुछ हिस्से जांच के लिए महत्वपूर्ण पाए गए.

5. कौन-से नियम क

समिति ने सुझाव दिया है कि दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली विशेष ड्रेस अनिवार्य की जाए. साथ ही गणना कक्ष में मोबाइल, पर्स या अन्य निजी सामान ले जाने पर पूरी तरह रोक लगाने की भी सिफारिश की गई है. पूरी प्रक्रिया अधिकारियों की निगरानी में कराने की बात भी कही गई है.

6. श्रद्धालुओं के लिए क्या कहा?

रिपोर्ट में कहा गया है कि परंपरा के अनुसार श्रद्धालु दान की गिनती में शामिल हो सकते हैं, लेकिन उनके मोबाइल, पर्स और बच्चों को गणना कक्ष में ले जाने की अनुमति न हो. इसके अलावा आने वाले श्रद्धालुओं का अलग रजिस्टर भी बनाए जाने का सुझाव दिया गया है.

7. क्या और लगाए जाएंगे सीसीटीवी कैमरे?

जांच समिति ने दान गणना कक्ष के अलावा मंदिर परिसर और परिक्रमा मार्ग के सभी ब्लाइंड स्पॉट पर हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाने की सिफारिश की है, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके.

8. सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए अलग स्टाफ तैनात करने की मांग

रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि दानपात्र उठाने से लेकर बैंक को राशि सौंपने तक की पूरी प्रक्रिया पर लगातार सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी जाए. इसके लिए कंट्रोल रूम में अलग कर्मचारियों की तैनाती हो, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके.

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