Begin typing your search...

आधी रात चला बुलडोजर, 200 साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद हुई जमींदोज; काशी में बड़ी कार्रवाई की क्या है वजह?

वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत करीब 200 साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद को देर रात भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्त कर दिया गया. आखिर प्रशासन ने ऐसा कदम क्यों उठाया?

आधी रात चला बुलडोजर, 200 साल पुरानी अजगैब शहीद मस्जिद हुई जमींदोज; काशी में बड़ी कार्रवाई की क्या है वजह?
X

Varanasi Mosque Demolition: वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़ी एक बड़ी कार्रवाई के तहत मंगलवार देर रात अजगैब शहीद मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया. राजघाट के पास स्थित यह मस्जिद करीब 200 साल पुरानी बताई जाती है और उस क्षेत्र में स्थित थी जो रेलवे स्टेशन विस्तार परियोजना की सीमा में आता है.

अधिकारियों के मुताबिक, काशी रेलवे स्टेशन के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए जिस जमीन की आवश्यकता है, उसमें मस्जिद का क्षेत्र भी शामिल था. इसी कारण प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रात में कार्रवाई को अंजाम दिया. आधी रात के बाद शुरू हुए अभियान में बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों की मदद से ढांचे को हटाया गया और बाद में मलबा भी साफ कर दिया गया.

काशी स्टेशन को आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब बनाने की तैयारी

मस्जिद हटाने की कार्रवाई उस बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का हिस्सा है जिसके तहत काशी रेलवे स्टेशन को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. इस परियोजना का उद्देश्य यात्रियों को एक ही स्थान पर विभिन्न परिवहन सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराना है.

अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन के पुनर्विकास पर लगभग 330 करोड़ से 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है. परियोजना पूरी होने के बाद रेल, सड़क, मेट्रो और जल परिवहन सेवाओं को एकीकृत किया जाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक हो सकेगी.

देर रात मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी

कार्रवाई शुरू होने से पहले वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया. इसके बाद सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की गई और अभियान को आगे बढ़ाया गया. अधिकारियों ने बताया कि पूरी कार्रवाई उनकी निगरानी में संपन्न हुई. ढांचे को हटाने और मलबा साफ करने के लिए कई मशीनों का इस्तेमाल किया गया. अभियान को कम समय में पूरा करने की कोशिश की गई ताकि किसी तरह की अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो.

कड़ी सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई

प्रशासन ने अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे. संयुक्त पुलिस आयुक्त शिव हरि मीणा के नेतृत्व में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई थी. इलाके में कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी भी मौजूद रहे. कार्रवाई के दौरान घटनास्थल तक पहुंच को सीमित रखा गया था और आसपास के क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही थी.

अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद को हटाने के लिए पांच जेसीबी मशीनों और दो पोकलैंड मशीनों का उपयोग किया गया. पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बल तैनात रहे और मलबा हटाने का कार्य पूरा होने तक निगरानी जारी रखी गई.

अभियान के दौरान डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बंगार, एसीपी विजय प्रताप सहित विभिन्न थानों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे. प्रशासनिक अधिकारियों ने भी पूरे अभियान पर नजर बनाए रखी. मलबा हटाने का काम पूरा होने तक पुलिस बल क्षेत्र में तैनात रहा ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.

मस्जिद तोड़े जाने पर क्या बोले अधिकारी?

अधिकारियों का कहना है कि काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के अगले चरण को आगे बढ़ाने के लिए इस जमीन को खाली कराना आवश्यक था. स्टेशन को भविष्य में एक ऐसे केंद्रीय परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया जाना है जहां ट्रेन, बस, मेट्रो और जल परिवहन की सुविधाएं एक ही कैंपस में मौजूद होगी.

प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद वाराणसी में परिवहन व्यवस्था को मजबूती मिलेगी, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और शहर के व्यस्त इलाकों में यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी.

अगला लेख