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सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में एक्शन जारी, अब 2 अवैध मदरसों और 3 लोगों पर FIR दर्ज

सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में प्रशासन और पुलिस का एक्शन लगातार जारी है. जांच के दौरान अब दो अवैध मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है.

सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में एक्शन जारी, अब 2 अवैध मदरसों और 3 लोगों पर FIR दर्ज
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मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा2 Mins Read

Updated on: 3 Jun 2026 12:21 PM IST

गाजियाबाद के थाना खोड़ा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. मंगलवार को दो मदरसों को सील किए जाने के बाद अब पुलिस ने दोनों मदरसों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है. मामले में तीन लोगों को नामजद किया गया है. आरोप है कि मदरसे बिना अनुमति और पंजीकरण के संचालित किए जा रहे थे.

गाजियाबाद ट्रांस हिंडन के डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि थाना खोड़ा क्षेत्र में अवैध संपत्तियों और गैर मान्यता प्राप्त संस्थानों की जांच लगातार जारी है. इसी अभियान के तहत मंगलवार को दो मदरसों को सील किया गया था. जांच में सामने आया कि दोनों मदरसे अल्पसंख्यक विभाग की अनुमति के बिना संचालित किए जा रहे थे और उनका वैध पंजीकरण भी नहीं था.

दो अवैध मदरसों पर FIR

दोनों मदरसों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और भारतीय विद्युत अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. एफआईआर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज की गई.

शिकायत में क्या कहा गया?

शिकायत में कहा गया कि ग्राम खोड़ा के लोकप्रिय विहार स्थित मदरसा रमानिया अरनिया कासीमूल उलूम को मौलवी इमाम मोहम्मद दानिश और मौलवी साजिद द्वारा गैर मान्यता प्राप्त तरीके से संचालित किया जा रहा था. आरोप है कि मदरसा न तो अल्पसंख्यक विभाग में पंजीकृत था और न ही संचालन के लिए आवश्यक स्वीकृति ली गई थी.

मदरसे के पास नहीं हैं कोई भी कागजात

शिकायत में यह भी बताया गया कि मदरसा सोसायटी का जीवित पंजीकरण प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया. इसके अलावा अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र भी नहीं लिया गया था. अधिकारियों ने आशंका जताई कि इस स्थिति में परिसर में किसी भी प्रकार की दुर्घटना होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. प्रशासन का कहना है कि जिले में बिना मान्यता और सुरक्षा मानकों के संचालित संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.

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