कंट्री हेड के साथ संबंध बनाने को कहा, धर्म परिवर्तन का भी दबाव बनाया; विप्रो की पूर्व कर्मचारी ने महिला बॉस पर लगाए गंभीर आरोप
विप्रो में काम कर चुकी एक महिला कर्मचारी ने अपने बॉस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने और धार्मिक आधार पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है. महिला ने पुलिस और मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, जबकि कंपनी ने जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही है,
विप्रो की पूर्व महिला कर्मचारी के आरोपों से मची सनसनी
विप्रो के पुणे कैंपस में काम कर चुकी एक महिला कर्मचारी ने अपनी पूर्व महिला बॉस पर धार्मिक आधार पर उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि लगातार मानसिक प्रताड़ना और कथित दबाव के चलते उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी. मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और राज्य मानवाधिकार आयोग का भी दरवाजा खटखटाया है.
शिकायतकर्ता के अनुसार, पुणे के हिंजवड़ी स्थित विप्रो कार्यालय में काम करने के दौरान कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और टीम लीडर्स ने उनके धार्मिक विश्वासों को लेकर उन्हें निशाना बनाया. महिला का आरोप है कि उन पर इस्लाम अपनाने और उससे जुड़ी धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए लगातार मानसिक दबाव डाला गया. जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कार्यस्थल पर उनके साथ कथित उत्पीड़न बढ़ गया. उनकी मैनेजर ने खराब परफॉर्मेंस रिव्यू देने और नौकरी से निकालने की धमकी भी दी. लगातार तनाव और मानसिक परेशानी के कारण उन्हें अंततः नौकरी छोड़नी पड़ी.
"हिंदू महिलाओं को जाल में फंसाते हैं"
शिकायतकर्ता का कहना है, "ये लोग हिंदू महिलाओं को अपने जाल में फंसाते हैं और उन पर दबाव डालते हैं, जिससे उन्हें इन दोनों में से एक चीज़ चुननी पड़ती है- या तो उनकी मांगें मान लें या फिर अपनी नौकरी छोड़ दें... पिछले दस महीनों में मैंने जिस कदर उत्पीड़न और यातनाएं झेली हैं, उन्हें दुनिया के सामने लाना मेरे लिए ज़रूरी था... जब हम इन घटनाओं की शिकायत कंपनी से करते हैं, तो वे उन्हें नज़रअंदाज़ कर देते हैं और मामला दबा दिया जाता है."
पीड़िता ने कहा,"शाहिना रफ़ीक़ ने नौकरी के पहले ही दिन से मुझे परेशान करना शुरू कर दिया था. उसने मुझे कंट्री हेड रामकुमार के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए राज़ी करने की कोशिश की, ताकि उस संपर्क का इस्तेमाल करके मेरा तबादला दुबई में हो सके; जहां वह किसी शेख़ के साथ मेरी शादी करवा सकती थी, जिससे मुझे आर्थिक तरक्की और यौन संतुष्टि दोनों मिल सकें..."
वह आगे कहती हैं, "मैंने कल शिकायत दर्ज कराई थी. FIR के सिलसिले में मुझे आज बुलाया गया है. उन्होंने कहा है कि वे मामले की जांच करेंगे, जिसके बाद औपचारिक रूप से FIR दर्ज की जाएगी. 24 अप्रैल, 2026 को हमने इस मुद्दे को एक बार फिर उठाया. यह मेरे इस्तीफ़े के बाद हुआ, जब मैंने उनसे यह पूछा कि मुझे नौकरी से क्यों निकाला गया है, और इसका कोई ठोस कारण बताया जाए... मेरी मांग सीधी-सादी है- मुझे अपनी नौकरी वापस चाहिए... मुझे नौकरी से निकालना गैर-कानूनी था. मैंने इस बात को बार-बार दोहराया है. दूसरी बात, हर निजी क्षेत्र के संगठन में एक समर्पित संस्थागत तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए..."
पुलिस ने क्या कहा?
पुणे पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि एक महिला प्रोजेक्ट मैनेजर ने अपनी महिला बॉस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में आपत्तिजनक टिप्पणियां करने और बाद में इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाने जैसे आरोप शामिल हैं. पुलिस अब शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों और कंपनी के आंतरिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है.
विप्रो ने क्या कहा?
इस बीच, विप्रो ने जारी बयान में कहा है कि कंपनी कर्मचारी कल्याण, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है. कंपनी ने किसी भी प्रकार के भेदभाव, उत्पीड़न या मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने वाली गतिविधियों के प्रति शून्य-सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति होने की बात कही है. कंपनी ने यह भी कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा चुकी है.
फिलहाल मामले की जांच जारी है. आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या कानूनी सत्यता अभी स्थापित नहीं हुई है. जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.




