अंधेरे में नहीं दिखा खुला नाला, कई फीट नीचे जा गिरे पूर्व वैज्ञानिक; बोले- कुछ मिनट तक लगा अब नहीं बचूंगा
नोएडा के सेक्टर-122 में ICMR के पूर्व वैज्ञानिक डॉ. आर.एस. शर्मा खुले नाले में गिर गए. अंधेरा और बिना ढका नाला हादसे की वजह बना. हालांकि, राहगीरों की मदद से उनकी जान बच गई. घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं.
Former ICMR साइंटिस्ट डॉक्टर आर एस शर्मा
नोएडा में खुले नालों का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. सेक्टर-122 में रविवार शाम एक बड़ा हादसा उस समय टल गया, जब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. आर. एस. शर्मा खुले नाले में गिर गए. गनीमत रही कि आसपास से गुजर रहे राहगीरो ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. हालांकि, उनको कुछ चोटें भी आई हैं.
स्टेट मिरर से बात करते हुए डॉ आर. एस शर्मा ने बताया अपनी पत्नी और बेटी के साथ शाम को टहलने निकले थे. सेक्टर की मार्केट के पास एक एटीएम के सामने अंधेरा होने के कारण उन्हें खुला नाला दिखाई नहीं दिया और वह सीधे उसमें जा गिरे. नाले की गहराई काफी ज्यादा थी, उनके पैर नीचे तक भी नहीं छू पाया और उन्हें तैरना आता था जिसके बाद वो किसी तरह ऊपर की तरफ आए.
घटना के दौरान उनकी बेटी ने उन्हें गिरते हुए देख लिया था तो उन्होंने तुरंत शोर मचाया. आसपास मौजूद राहगीर मदद के लिए दौड़े और काफी प्रयास के बाद उन्हें बाहर निकाला गया. हादसे में डॉ. आर एस शर्मा को चोटें भी आई हैं.
डॉ आर एस शर्मा ने क्या-क्या बताया?
- डॉ आर एस शर्मा का कहना है कि इलाके में अंधेरा था और नाले को बिना ढके छोड़ दिया गया था. अगर समय रहते लोगों ने मदद नहीं की होती तो बड़ा हादसा हो सकता था. उन्होंने कहा कि इस तरह अधूरा काम छोड़ना बड़ी लापरवाही है.
- पूर्व वैज्ञानिक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऑथोरिटी ने नाला तो बना दिया लेकिन सुरक्षा लेकिन उसे ढका नहीं जिसकी वजह से घटना हुई.
- पूर्व वैज्ञानिक ने यह भी बताया कि घटना के बाद प्राधिकरण के एक अधिकारी की तरफ से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने उनसे कह दिया कि क्या आपने ये जानने के लिए कॉल किया है कि मैं जिंदा हूं या नहीं, जिसके बाद उनके पत्नी से अधिकारी ने बात की.
- उन्होंने कहा कि वह खुद लंबे समय तक सरकारी सिस्टम का हिस्सा रहे हैं और जानते हैं कि किसी भी परियोजना में सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
- डॉक्टर आर एस शर्मा ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद उन्होंने शांत और सुरक्षित जीवन की उम्मीद में नोएडा को चुना था, लेकिन यहां बुनियादी व्यवस्थाओं की हालत चिंता बढ़ाने वाली है. उन्होंने दावा किया कि उनके हादसे के बाद अगले ही दिन नाले को स्लैब से ढक दिया गया.
बता दें कि डॉ. आर. एस. शर्मा स्वास्थ्य और रिसर्च क्षेत्र का बड़ा नाम रहे हैं. वो केवल रिटायर्ड वैज्ञानिक और ICMR के पूर्व डायरेक्टर जनरल ही नहीं, नहीं रहे, बल्कि कई बड़े काम भी किए हैं. कोविड-19 के दौरान देशभर में डायग्नोस्टिक लैब नेटवर्क तैयार करने समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. इसके अलावा स्वास्थ्य नीति और सरोगेसी कानून से जुड़े कार्यों में भी वह योगदान दे चुके हैं,




