Begin typing your search...

दो बीवियां 18 बच्चे, प्रेम प्रसंग में पूर्व प्रधान की हत्या, साथियों संग प्रेमिका ने ऐसी रची खौफनाक साजिश

प्रतापगढ़ में 18 बच्चों के पिता गुलहसन की प्रेम संबंध के चलते हत्या कर दी गई. महिला ने भाई और उसके दोस्त के साथ मिलकर साजिश रचकर शव नहर में फेंक दिया।

दो बीवियां 18 बच्चे, प्रेम प्रसंग में पूर्व प्रधान की हत्या, साथियों संग प्रेमिका ने ऐसी रची खौफनाक साजिश
X
( Image Source:  X: @Viveksagarbjp, AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 23 March 2026 3:09 PM

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले मानधाता थाना क्षेत्र के मिश्रपुर मुस्तरका गांव में रहने वाले पूर्व ग्राम प्रधान गुलहसन उर्फ मुन्ना (उम्र करीब 50 साल) की क्रूर हत्या कर दी गई. वे 18 बच्चों के पिता थे और उनकी जिंदगी में कई उलझनें थीं, जो आखिरकार उनकी मौत का कारण बन गईं. गुलहसन की दो पत्नियां थीं एक का नाम किस्मतुल निशा और दूसरी का अम्बिया बानो। दोनों पत्नियां और उनके कुल 18 बच्चे एक ही घर में साथ रहते थे.

परिवार काफी बड़ा था, लेकिन सिर्फ उनकी एक बेटी की शादी हुई थी. बाकी 17 बच्चे अभी भी छोटे थे और पिता के सहारे पर जी रहे थे. गांव में गुलहसन को मिलनसार और सबके साथ अच्छा व्यवहार करने वाला व्यक्ति माना जाता था, लेकिन उनकी निजी जिंदगी में एक प्रेम संबंध चल रहा था, जिसने सब कुछ बदल दिया.

कैसे रची हत्या की साजिश?

पुलिस की जांच के अनुसार, गुलहसन का सुमन देवी नाम की एक महिला के साथ काफी समय से प्रेम संबंध था. सुमन का कहना है कि गुलहसन उसे लगातार ब्लैकमेल करते थे. वे उसे बार-बार मिलने के लिए मजबूर करते थे और धमकी देते थे. इससे परेशान होकर सुमन ने फैसला किया कि अब गुलहसन को रास्ते से हटा देना चाहिए. इसके लिए उसने एक खतरनाक साजिश रची.18 मार्च को सुमन ने गुलहसन को फोन करके मिलने के बहाने जेठवारा के बगियापुर इलाके में बुलाया. वहां सुमन का भाई अतुल गौतम और उसका दोस्त अरुण पहले से ही छिपकर इंतजार कर रहे थे. जैसे ही गुलहसन वहां पहुंचे, सुमन की मौजूदगी में ही उसके भाई ने लोहे की रॉड से उनके सिर पर जोरदार वार किया. गुलहसन की मौके पर ही मौत हो गई.

कॉल डिटेल्स से खुला राज

हत्या के बाद आरोपियों ने शव की पहचान छिपाने के लिए उसे एक बोरी में बंद कर दिया और पास ही बह रही शारदा सहायक नहर में फेंक दिया. इस तरह वे सबूत मिटाना चाहते थे. गुलहसन 18 मार्च से लापता थे. परिवार वाले कई दिनों तक उन्हें ढूंढते रहे. दो दिन बाद उन्होंने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की. मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) चेक करने पर पता चला कि गुलहसन की आखिरी बातचीत सुमन देवी से हुई थी. इस सुराग के आधार पर पुलिस ने सुमन को हिरासत में लिया. पूछताछ में सख्ती बरतने पर सुमन ने अपना अपराध कबूल कर लिया और पूरी साजिश का खुलासा कर दिया.

गांव में सदमा और मातम

पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम के साथ जाकर सबूत इकट्ठा किए. मुख्य आरोपी सुमन देवी को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके भाई अतुल गौतम और दोस्त अरुण अभी फरार हैं. पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है और उन्हें जल्द पकड़ने की कोशिश में जुटी है. इस घटना से पूरे गांव में सदमा और मातम का माहौल है. इतने बच्चों के पिता का इस तरह बेरहमी से कत्ल होना सबके लिए बहुत दुखद है. एक तरफ बड़ा परिवार बेसहारा हो गया है, तो दूसरी तरफ प्रेम, ब्लैकमेल और साजिश की यह कहानी लोगों के रोंगटे खड़े कर देती है. पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सभी आरोपियों को सजा मिल सके.

अगला लेख