IAS बनकर 25 शादियां! गोरखपुर में ठग दूल्हे का पर्दाफाश, लाखों लूटकर फरार आरोपी
गोरखपुर में एक युवक ने खुद को IAS अधिकारी बताकर लड़की से शादी की और लाखों रुपये ठग लिए. सच्चाई सामने आने पर परिवार ने बेटी को बचाया, पुलिस ने केस दर्ज किया, आरोपी फरार है.
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक बहुत ही चौंकाने वाला और दुखद मामला सामने आया है. यहां एक युवक ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर एक लड़की से शादी रचाई, लेकिन बाद में पता चला कि वह पूरी तरह फर्जी था. इस धोखे में लड़की के परिवार ने लाखों रुपये गंवा दिए और उनकी बेटी की जिंदगी खतरे में पड़ गई.
यह युवक है प्रीतम कुमार निषाद, जो इटावा जिले के इकदिल थाना क्षेत्र के लुधियात मोहल्ले का रहने वाला है, वह 32 साल का है. प्रीतम ने खुद को आईएएस अधिकारी बताया और कहा कि वह मणिकपुर में एसडीएम के पद पर तैनात है. उसने दावा किया कि वह दहेज बिल्कुल नहीं लेगा, जिससे परिवार को बहुत भरोसा हो गया.
कैसे शुरू हुई यह ठगी?
गोरखपुर के मोहद्दीपुर इलाके में रहने वाला एक परिवार अपनी सबसे छोटी बेटी की शादी के लिए रिश्ता ढूंढ रहा था. परिवार में पिता पैरालाइज्ड (लकवाग्रस्त) हैं. उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है. दो बेटियों की शादी हो चुकी है. बड़ी बेटी दिल्ली में रहती है. उसने एक व्हाट्सएप ग्रुप में प्रीतम का प्रोफाइल देखा. प्रोफाइल में उसे आईएएस अधिकारी दिखाया गया था. परिवार ने संपर्क किया तो प्रीतम ने बातचीत में खुद को बहुत अच्छा और ईमानदार बताया. दिसंबर 2025 में प्रीतम गोरखपुर आया. उसने लड़की को देखा और पसंद कर लिया. परिवार को यकीन दिलाने के लिए वह इटावा भी ले गया. वहां उसने एक मकान दिखाया और कहा कि वह अपनी बहन के साथ रहता है. गांव के बारे में पूछने पर उसने कहा कि वह गांव का पहला आईएएस अधिकारी है और गांव में कम आता-जाता है. इन सब बातों से परिवार पूरी तरह आश्वस्त हो गया.
शादी और ठगी का खेल
11 मार्च 2026 को गोरखपुर के नंदानगर इलाके में एक मैरिज हॉल में शादी धूमधाम से हुई. शादी में परिवार ने कुल 30 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए. प्रीतम ने शादी के खर्च के नाम पर 15 लाख रुपये अलग से ले लिए. सगाई से पहले 10 लाख और बाकी तिलक व शादी के दिन दिए गए. शादी के दिन कुछ रिश्तेदारों को शक हुआ क्योंकि प्रीतम पोस्टिंग और काम की साफ-साफ जानकारी नहीं दे पाया. लेकिन फिर भी रस्में पूरी हो गईं.
सच्चाई कैसे सामने आई?
12 मार्च को विदाई होनी थी लेकिन परिवार और रिश्तेदारों को प्रीतम पर शक था. जब पोस्टिंग पूछने पर कुछ ठीक जवाब सामने से नहीं आया. लेकिन तभी प्रीतम ने चाल चली उसने अपने एक पुराने इंटरव्यू की क्लिप दिखाकर अपने रिश्तेदारों पर जलन का आरोप लगाया. जिसके झांसे में आकर परिवार ने बेटी की विदाई कर दी. लेकिन उसकी ठगी का सिलसिला कभी न कभी तो रुकना ही था. प्रीतम के गांववालों ने लड़की के परिवार से संपर्क कर सारा सच बता दिया. गांववालों ने बताया कि प्रीतम आईएएस नहीं है, बल्कि एक ठग है. उसने पहले भी कई लड़कियों से शादी की है और पैसे ठगे हैं. कुछ लोगों ने तो दावा किया कि उसने 25 से ज्यादा शादियां की हैं. परिवार ने तुरंत इटावा पहुंचकर जांच की. वहां प्रीतम के घर की हालत देखकर हैरान रह गए. घर बहुत साधारण था, वहां शौचालय तक नहीं था. सख्ती से पूछने पर प्रीतम ने मान लिया कि वह आईएएस नहीं है. वह पहले किसी निजी कंपनी में काम करता था. पुलिस से पता चला कि इटावा के एकदिल थाने में उसके खिलाफ पहले से दो मुकदमे दर्ज हैं, जहां दो अन्य लड़कियों ने ठगी की शिकायत की थी.
परिवार ने बेटी को बचाया
परिवार ने तुरंत बेटी को वापस गोरखपुर ले आए. लड़की ने बताया कि जिस घर में उसे ले जाया गया, वहां बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं. आरोप है कि प्रीतम की मंशा उसे गोवा ले जाकर बेचने की थी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग). पीड़िता के पिता ने गोरखपुर के कैंट थाने में तहरीर दी. पुलिस ने प्रीतम कुमार निषाद, उसकी बहन और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, दहेज उत्पीड़न जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. लेकिन प्रीतम अभी फरार है. यह मामला दिखाता है कि कैसे लोग सोशल मीडिया ग्रुप्स और फर्जी प्रोफाइल के जरिए दूसरों को ठगते हैं. परिवार सदमे में है और बेटी की जिंदगी बचाने के लिए अब न्याय की लड़ाई लड़ रहा है.




