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मेरठ में कुट्टू की पकोड़ी के पीछे 2 दो बहनों में हुई कहासुनी, एक ने गुस्से में सल्फास खाकर दे दी जान

मेरठ के एक गांव में कुट्टू के आटे को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवती ने सल्फास खाकर जान दे दी. इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिससे परिवार में मातम पसरा है.

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( Image Source:  AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Updated on: 22 March 2026 11:20 AM IST

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक बहुत ही दुखद और सनसनीखेज घटना सामने आई है. यह मामला परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के एच्छीखुर्द नाम के एक छोटे से गांव का है. यहां दो बहनों के बीच एक छोटी-सी बात पर इतना बड़ा विवाद हो गया कि उसकी वजह से एक बहन की जान चली गई. बीते शनिवार की सुबह घर में व्रत रखा हुआ था. ऐसे में परिवार में कुट्टू का आटा इस्तेमाल करके पकौड़ी बनाने की बात चल रही थी. इसी बात को लेकर छोटी बहन लक्ष्मी और उसकी एक बड़ी बहन के बीच बहस शुरू हो गई.

बात शुरू में छोटी-मोटी थी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच तीखी कहासुनी होने लगी. दोनों एक-दूसरे से नाराज हो गईं और गुस्सा बढ़ता चला गया. गुस्से में आकर लक्ष्मी ने घर में रखी सल्फास की कुछ गोलियां गुस्से में निगल लीं. यह काम उसने इतनी जल्दी किया कि किसी को पता भी नहीं चला. कुछ ही देर बाद लक्ष्मी की तबीयत बहुत खराब होने लगी. उसे बार-बार उल्टियां आने लगीं, शरीर कमजोर पड़ने लगा और हालत बिगड़ती चली गई.

लाख कोशिशों के बाद नहीं बची जान

जब परिवार वालों को पता चला तो सब घबरा गए. उन्होंने जल्दी से उसे नजदीकी निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया. लेकिन वहां के डॉक्टरों ने देखा कि हालत बहुत गंभीर है. इसलिए उन्होंने उसे तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन जहर का असर इतना ज्यादा हो चुका था कि लक्ष्मी को बचाया नहीं जा सका. इलाज के दौरान ही उसकी मौत हो गई. लक्ष्मी की मौत की खबर सुनकर पूरे परिवार में कोहराम मच गया. भाई-बहन रो-रोकर बुरा हाल हो गए. घर में सिर्फ आंसू और दुख ही दिखाई दे रहा है.

कैसे है घर में हालात?

परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत साधारण है. लक्ष्मी के पिता सतीश का पहले ही कुछ समय पहले निधन हो चुका था. अब मां कविता मजदूरी करके परिवार का गुजारा चलाती हैं. इस घर में कुल सात बहनें और एक भाई हैं. इनमें से चार बहनों की शादी हो चुकी है. बाकी बहनें और भाई अभी परिवार के साथ हैं. भाई नोएडा की एक कंपनी में नौकरी करता है और वही परिवार की मुख्य कमाई का स्रोत है.

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