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3000 वीडियो, महिलाओं के साथ घिनौनी करतूत; बल्ब होल्डर में कैमरा छिपाकर डॉक्टर करता था रिकॉर्डिंग

गुजरात के राजकोट से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर पर क्लिनिक के अंदर गुप्त कैमरा लगाकर महिलाओं की निजी जिंदगी में दखल देने और उन्हें ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगे हैं.

Rajkot Hidden Camera
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Rajkot Hidden Camera

( Image Source:  AI: Sora )

गुजरात के राजकोट से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक डॉक्टर पर क्लिनिक के अंदर गुप्त कैमरा लगाकर महिलाओं की निजी जिंदगी में दखल देने और उन्हें ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप लगे हैं. इस घटना ने न केवल चिकित्सा पेशे की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पेशेवर स्थानों में निजता की सुरक्षा को लेकर भी बड़ी चिंता पैदा कर दी है.

पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों ने इस मामले को और सनसनीखेज बना दिया है. आरोपी के पास से 3,000 से अधिक वीडियो बरामद हुए हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि यह कोई एक बार की घटना नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहा संगठित शोषण और जबरन वसूली का मामला हो सकता है.

कौन है आरोपी डॉक्टर?

पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान डॉ. कमल नंधा के रूप में हुई है, जिन पर एक महिला सहकर्मी के प्रति एकतरफा प्रेम के चलते यह अपराध करने का आरोप है. बताया जा रहा है कि उन्होंने इसी भावना के चलते अवैध तरीके से रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेलिंग का सहारा लिया.

कैसे करता था रिकॉर्डिंग?

शिकायत के मुताबिक, साधु वासवानी रोड स्थित एक क्लिनिक के प्रसव कक्ष में बल्ब होल्डर के अंदर बेहद चालाकी से जासूसी कैमरा लगाया गया था. यह कैमरा हर बार लाइट जलने पर रिकॉर्डिंग शुरू कर देता था और वीडियो मेमोरी कार्ड में सेव हो जाते थे. पुलिस ने बताया कि आरोपी समय-समय पर मेमोरी कार्ड बदलता रहता था ताकि रिकॉर्डिंग इकट्ठा की जा सके. माना जा रहा है कि यह सिलसिला 2023 से लगातार जारी था.

जांच के दौरान पुलिस को 3,000 से अधिक वीडियो मिले हैं, जिनमें शिकायतकर्ता और एक महिला डॉक्टर के निजी पल शामिल बताए जा रहे हैं. आरोप है कि इन वीडियो क्लिप्स को कुछ ऐसे लोगों के साथ साझा किया गया, जो खुद को पत्रकार बताते थे. इन वीडियो का इस्तेमाल कर पीड़ित को धमकाया गया "अगर 25 लाख रुपये की फिरौती नहीं दी गई तो उसे सार्वजनिक रूप से बेनकाब कर दिया जाएगा."

कितनी की वसूली?

हालांकि आरोपियों ने 25 लाख रुपये की मांग की थी, लेकिन जांच में सामने आया कि अब तक करीब 50,000 रुपये की वसूली की जा चुकी है. पुलिस के अनुसार, 2024 से लगातार पीड़ित को धमकियां दी जा रही थीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था.

क्या बोली पुलिस?

पुलिस उपायुक्त Jagdish Bangarwa ने बताया कि "कैमरा बल्ब होल्डर में छिपा हुआ था और मेमोरी कार्ड पर फुटेज रिकॉर्ड करता था."उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी बिना किसी शक के समय-समय पर डेटा निकालने में सफल होता रहा. इस मामले में कुल 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनके खिलाफ जबरन वसूली, आपराधिक साजिश, धमकी और आईटी एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस अब उन सभी लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रही है, जो इन वीडियो के प्रसार या दुरुपयोग में शामिल थे।

क्यों किया ये अपराध?

शिकायत के अनुसार, इस पूरे मामले की जड़ आरोपी का एक महिला डॉक्टर के प्रति एकतरफा प्रेम था. बताया जा रहा है कि वह महिला किसी और के साथ रिश्ते में थी, जिसे आरोपी स्वीकार नहीं कर सका और उसने अवैध तरीके से दबाव बनाने की कोशिश की.

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