Tinsukia RPG Attack: असम पुलिस के कई कमांडो घायल, इलाके में हाई अलर्ट, क्या इसके पीछे ULFA-I का हाथ है?
तिनसुकिया के जगुन में कमांडो बटालियन कैंप पर RPG हमले में असम पुलिस के चार कमांडो घायल. पुलिस ने ULFA-I के उग्रवादियों पर शक जताया और पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित किया.
असम के तिनसुकिया जिले के जगुन में कमांडो बटालियन कैंप पर उल्फा आई की ओर से हुए रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) हमले में असम पुलिस के कई कमांडो के घायल होने की जानकारी है. इस घटना ने सुरक्षा बलों और स्थानीय जनता के बीच चिंता पैदा कर दी है. 22 मार्च को तड़के लगभग 2 बजे कैंप पर पांच रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड दागे गए, जिनमें से चार फट गए. इस धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया और अफरा-तफरी मचा दी. गोलीबारी की आवाजें सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए.
कितने जवान घायल हुए और उनकी हालत कैसी है?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उल्फा आई के हमले में असम पुलिस के चार कमांडो घायल हुए हैं. शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक तीन कमांडो को मामूली चोटें आई हैं जबकि एक गंभीर रूप से घायल है. घायल कमांडो को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. अस्पताल सूत्रों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बनी हुई है और लगातार निगरानी में रखा जा रहा है.
क्या है ULFA-I का इस हमले में हाथ है?
इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने अभी तक नहीं ली है, लेकिन पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ULFA-I (United Liberation Front of Asom-Independent) के उग्रवादियों की तरफ इशारा किया है. अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में RPG जैसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल और इलाके में ULFA-I की सक्रियता यह संकेत देती है कि इसके पीछे वही समूह हो सकता है. ULFA-I का म्यांमार के साथ सीमा पार संबंध और पिछले सालों में किए गए स्थानीय हमले इस शक को और मजबूत करते हैं.
चुनाव-पूर्व सुरक्षा पर क्या असर पड़ सकता है?
यह हमला 2026 के असम विधानसभा चुनावों से पहले हुआ है, जिससे पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है. अधिकारी मानते हैं कि यह हमला संभावित तौर पर चुनावी माहौल को अस्थिर करने की कोशिश हो सकती है. सुरक्षा बलों ने तिनसुकिया और आस-पास के अंतर-राज्यीय इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है.
तलाशी अभियान कैसे चल रहा है?
सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी और घेराबंदी अभियान चला रही हैं. इसके अलावा, ULFA-I द्वारा हाल ही में स्थानीय व्यापारियों से की गई रंगदारी की मांग और अन्य गतिविधियों की जाँच भी चल रही है. गश्त बढ़ा दी गई है और पुलिस ने इलाके में नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है.
इस हमले से आगे क्या खतरा?
असम के सिक्योरिटी एक्सपर्ट का कहना है कि इस तरह के हमले सिक्योरिटी बलों के मनोबल को प्रभावित कर सकते हैं और स्थानीय व्यापार और जनजीवन में भय उत्पन्न कर सकते हैं. यदि इस तरह की घटनाएं चुनाव-पूर्व बढ़ती हैं, तो यह राजनीतिक स्थिरता और कानून-व्यवस्था पर भी असर डाल सकती हैं.
Assam में सुरक्षा खतरों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी!
फिलहाल, तिनसुकिया में हुए RPG हमले ने असम की सुरक्षा चुनौतियों को फिर से उजागर किया है. चार कमांडो के घायल होने से सुरक्षा बलों में सतर्कता बढ़ी है. ULFA-I के सक्रिय रहने और चुनावी माहौल को देखते हुए अधिकारियों ने हाई अलर्ट जारी किया है. यह हमला यह याद दिलाता है कि असम जैसे सीमावर्ती राज्यों में सुरक्षा खतरों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.




