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पालक की सब्जी खाना चाहता था पति, गर्भवती पत्नी ने किया इंकार; फिर जो हुआ उड़े पुलिस और रिश्तेदारों के होश

खरगोन जिले में एक पति ने पालक की सब्जी को लेकर हुए विवाद में अपनी गर्भवती पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी. घटना के बाद आरोपी ने खुद रिश्तेदार को बताया, पुलिस ने तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

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( Image Source:  AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Updated on: 22 March 2026 1:10 PM IST

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक बहुत ही दिल दहला देने वाली और दुखद घटना हुई है. यह घटना चैनपुर थाना क्षेत्र के जमदा गांव में हुई. यहां एक पति ने सिर्फ एक छोटी-सी बात पर अपनी गर्भवती पत्नी की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपी पति का नाम सुनील है और उसकी पत्नी का नाम शीला बाई था. शीला की उम्र लगभग 25 साल थी और वह गर्भवती थी. दोनों हाल ही में महाराष्ट्र से मजदूरी करके गांव लौटे थे. उनके दो छोटे-छोटे बच्चे हैं एक 3 साल का और दूसरा 5 साल का. सुबह के समय घर में खाने को लेकर छोटा-सा विवाद हो गया.

सुनील ने अपनी पत्नी से कहा कि दोपहर के खाने में पालक की सब्जी बनाओ, क्योंकि उसे पालक बहुत पसंद है. लेकिन शीला ने कहा कि खाना तो पहले से ही बन चुका है, पालक की सब्जी मैं बाद में बना दूंगी. बस इसी छोटी-सी बात पर सुनील का गुस्सा इतना बढ़ गया कि वह पूरी तरह से आपा खो बैठा. गुस्से में आकर सुनील ने अपनी पत्नी को जोर से पकड़ा और घसीटते हुए घर के पीछे वाले खेत में ले गया. वहां उसने कुल्हाड़ी से शीला के गले पर कई वार कर दिए. इतने जोरदार वार किए कि मौके पर ही शीला की दर्दनाक मौत हो गई. उस समय घर में कोई और सदस्य मौजूद नहीं था, इसलिए कोई बचाव नहीं कर सका.

हत्या के बाद भागा रिश्तेदार के पास

हत्या करने के बाद सुनील ने कुछ ऐसा किया जो सुनकर और भी हैरानी होती है. वह सीधे अपने किसी रिश्तेदार के पास गया और पूरी घटना की सारी बातें बता दीं. शायद उसे लगा कि अब सब कुछ खत्म हो गया है. इस खबर के फैलते ही पूरे इलाके में बहुत तनाव फैल गया. शीला के मायके वाले लोग गांव पहुंचे और उन्होंने बहुत गुस्सा जताया. वे आरोपी सुनील को उनके हवाले करने की मांग करने लगे और काफी हंगामा किया. स्थिति बहुत बिगड़ती दिख रही थी, इसलिए पुलिस को गांव में अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा ताकि कोई बड़ी घटना न हो.

गिरफ्तार हुआ आरोपी

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और शनिवार को आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया. उसे कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया. पुलिस वालों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले से अच्छे संबंध थे. कोई बड़ी पुरानी दुश्मनी नहीं थी. लेकिन सुनील का यह सनकी और गुस्सैल व्यवहार एक खुशहाल परिवार को पूरी तरह बर्बाद कर गया. दो छोटे बच्चे अब मां के बिना रह गए हैं और एक निर्दोष महिला की जान सिर्फ एक छोटी-सी बात पर चली गई. यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा कैसे इंसान को इतना अंधा बना देता है कि वह अपनी ही पत्नी और बच्चे की मां की जान ले ले. घरेलू हिंसा के ऐसे मामले बहुत दुखद हैं और समाज को इन पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है.

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