किसी ने पति की आखिरी निशानी दी, तो किसी बच्ची ने अपनी पूरी गुल्लक खोल दी, कश्मीरियों ने Iran के लिए दिखाया बड़ा दिल: Videos
Iran में जारी जंग के बीच कश्मीर से इंसानियत की दिल छू लेने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां लोग खुलकर मदद के लिए आगे आ रहे हैं. किसी महिला ने अपने पति की आखिरी निशानी दान कर दी, तो एक छोटी बच्ची अपनी गुल्लक लेकर राहत के लिए पहुंच गई.
Kashmiri Donates to Iran: ईरान में जंग जारी है और ऐसे में कश्मीरियो नें अपना बड़ा दिल दिखाया है. दरअसल, कश्मीर से ईरान के लिए भारी मात्रा में डोनेशन गया है. इस दौरान कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आईं, जिन्होंने दिल को अंदर से झकझोर कर रख दिया. किसी महिला ने अपने पति की आखिरी निशानी डोनेट कर दी तो कोई बच्ची अपनी पूरी गुल्लक लेकर डोनेशन के लिए चल दी.
भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने रविवार को कश्मीर के लोगों का आभार जताया. इस अभियान के तहत लोगों ने नकद, सोना और अन्य कीमती सामान दान किया. कश्मीर के कई लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तस्वीरें और वीडियो साझा किए, जिनमें लोग स्वेच्छा से ईरान के लिए मदद करते नजर आएय
ईरानी दूतावास ने क्या कहा?
इनमें से एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी दूतावास ने लिखा, “हम दिल से कश्मीर के दयालु लोगों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने ईरान के लोगों के साथ मानवीय समर्थन और एकजुटता दिखाई। आपकी यह दयालुता कभी नहीं भुलाई जाएगी. धन्यवाद, भारत.”
एक अन्य पोस्ट, जिसमें सोने के गहने, नकद, बर्तन और गुल्लक की तस्वीरें थीं, उस पर दूतावास ने लिखा, “हम आपकी इस दयालुता और इंसानियत को कभी नहीं भूलेंगे. धन्यवाद, भारत.”
किस तरह का अभियान चला रहे हैं कश्मीरी?
कश्मीर के लोग ईरान के राहत कोष के लिए नकद, सोना और तांबे के बर्तन दान कर रहे हैं. यह दान अभियान ईद के अगले दिन शुरू हुआ, जब घाटी के शिया बहुल इलाकों में युवाओं ने घर-घर जाकर लोगों से दान इकट्ठा किया.
एक अन्य पोस्ट में दूतावास ने एक कश्मीरी महिला का वीडियो साझा किया, जिसमें वह अपने पति की याद में मिला एक सोने का स्मृति चिह्न दान करती नजर आईं. उनके पति का निधन 28 साल पहले हो गया था.
वहीं एक दसरी वीडियो में एक छोटी बच्ची अपने हाथ में गु्ल्लक लेकर खड़ी है और डोनेश की बात तर रही है. इस अभियान में खासतौर पर महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और सोने के गहने, तांबे के बर्तन और अन्य कीमती घरेलू सामान दान किए.
क्यों कर रहे हैं लोग डोनेट?
ये दान उस समय आए, जब करीब एक हफ्ते पहले 17 मार्च को ईरानी दूतावास ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बैंक खाता विवरण साझा किया था, ताकि युद्ध प्रभावित लोगों के लिए मदद जुटाई जा सके. 17 मार्च की पोस्ट में दूतावास ने लिखा था, “ईरान के इस्लामिक गणराज्य का दूतावास भारत के लोगों का दिल से धन्यवाद करता है, जिन्होंने युद्ध से प्रभावित लोगों के लिए उदारता दिखाई. दान केवल दूतावास के आधिकारिक बैंक खाते में ही करें. किसी भी अनौपचारिक क्यूआर कोड या यूपीआई विवरण की जिम्मेदारी दूतावास की नहीं होगी.”
दान मुख्य रूप से बडगाम और बारामुला जिलों में एकत्र किया गया, जहां शिया समुदाय की बड़ी आबादी रहती है. दान जुटाने में शामिल लोगों का कहना है कि यह सहायता अधिकृत राहत एजेंसियों, जिनमें ईरानी दूतावास भी शामिल है, के माध्यम से भेजी जाएगी, ताकि यह जरूरतमंद लोगों तक सही तरीके से पहुंच सके.
ईरान में जारी जंग के बीच कश्मीर से इंसानियत की दिल छू लेने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां लोग खुलकर मदद के लिए आगे आ रहे हैं. किसी महिला ने अपने पति की आखिरी निशानी दान कर दी, तो एक छोटी बच्ची अपनी गुल्लक लेकर राहत के लिए पहुंच गई.




