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Trump की 48 घंटे वाली धमकी को ईरान ने बताया पागलपन, इन देशों के लिए खुला है Hormuz; पढ़ें युद्ध के अब तक के Top Updates

पश्चिम एशिया में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग खुली धमकियों में बदल गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, तो जवाब में तेहरान ने भी साफ कर दिया कि अब कोई भी हमला हुआ तो उसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ेगी.

Trump की 48 घंटे वाली धमकी को ईरान ने बताया पागलपन, इन देशों के लिए खुला है Hormuz; पढ़ें युद्ध के अब तक के Top Updates
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( Image Source:  @ProfNoorul-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Updated on: 22 March 2026 10:09 PM IST

पश्चिम एशिया में तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग खुली धमकियों में बदल गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, तो जवाब में तेहरान ने भी साफ कर दिया कि अब कोई भी हमला हुआ तो उसकी कीमत पूरी दुनिया को चुकानी पड़ेगी.

इस टकराव ने सिर्फ दो देशों तक सीमित रहने के बजाय वैश्विक ऊर्जा सप्लाई, तेल कीमतों और सुरक्षा संतुलन को भी हिला दिया है. होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव के बीच मिसाइल हमले, लड़ाकू विमानों पर कार्रवाई और बड़े-बड़े दावों ने हालात को और विस्फोटक बना दिया है.

अब तक क्या-क्या हुआ?

Donald Trump ने ‘Truth Social’ पर साफ कहा कि 'अगर ईरान 48 घंटों के भीतर बिना किसी धमकी के स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह नहीं खोलता है, तो संयुक्त राज्य अमेरिका उसके विभिन्न बिजली संयंत्रों पर हमला करेगा और उन्हें पूरी तरह तबाह कर देगा.' यानी अगर 48 घंटे में होर्मुज पूरी तरह नहीं खुला, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्र तबाह कर देगा.

ईरान ने इस धमकी का क्या जवाब दिया?

ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने दो टूक कहा कि 'धमकियां और आतंक हमारे संकल्प को कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत करते हैं.' उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि होर्मुज सभी के लिए खुला है, लेकिन दुश्मनों के लिए नहीं.

क्या State of Hormuz पूरी तरह बंद है?

ईरान ने साफ तौर पर कहा कि यह रास्ता केवल 'दुश्मन देशों' को छोड़कर बाकी के लिए खुला है.International Maritime Organization में ईरान के प्रतिनिधि ने कहा कि जो जहाज सुरक्षा नियमों का पालन करेंगे, उन्हें गुजरने दिया जाएगा.

क्या अमेरिकी फाइटर जेट पर हमला हुआ?

ईरान ने दावा किया कि उसने होर्मुज के पास एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट को इंटरसेप्ट कर निशाना बनाया. हालांकि नुकसान और हताहतों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है.

क्या इससे पहले भी अमेरिकी जेट पर हमला हुआ था?

इससे पहले एक F-35 फाइटर जेट पर भी हमला हुआ था, जिसे आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी. यह पहली बार था जब ईरान ने इतने एडवांस अमेरिकी विमान को निशाना बनाया.

क्या यह जंग अब वैश्विक संकट बन चुकी है?

बिल्कुल, होर्मुज दुनिया का सबसे अहम समुद्री मार्ग है, जहां से करीब 20% तेल और गैस गुजरती है. इस पर तनाव बढ़ते ही वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं.

क्या ईरान ने अमेरिका के ठिकानों को भी निशाना बनाया?

रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी, हालांकि वे लक्ष्य पर नहीं लगीं. यह हमला ईरान की बढ़ती सैन्य क्षमता का संकेत माना जा रहा है. Israel Defense Forces के अनुसार ईरान ने 400 से ज्यादा मिसाइल दागी हैं, जिनमें से 92% को हवा में ही रोक दिया गया. वहीं इजरायल ने भी तेहरान समेत कई इलाकों में जवाबी हमले किए हैं.

क्या इसका असर आम लोगों पर भी पड़ा है?

ईरान में 81,000 से ज्यादा इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि इजरायल में 2,700 से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. यह जंग अब आम नागरिकों तक पहुंच चुकी है.

क्या यह टकराव और बढ़ सकता है?

ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि अगर उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा और बिजली व्यवस्था ठप हो सकती है. यानी यह संघर्ष अब किसी भी वक्त बड़े युद्ध में बदल सकता है.

ईरान इजरायल युद्ध
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