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डिस्लेक्सिया से ऋतिक रोशन के ट्रेनर तक! Dhurandhar 2 के रिजवान उर्फ़ Mustafa Ahmed की अनसुनी कहानी

मुस्तफा अहमद ने 10,000 रुपये की नौकरी से शुरुआत कर मेहनत और जुनून से बॉलीवुड के टॉप फिटनेस ट्रेनर बनने तक का सफर तय किया. अब फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में उनके अभिनय की भी खूब चर्चा हो रही है.

Mustafa Ahmed Inspires in Dhurandhar
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( Image Source:  Instagram: mustafa_thebull_ahmed )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय6 Mins Read

Published on: 23 March 2026 9:43 AM

'वक्त की ख़ास बात यह है कि वो बदलता जरूर है'....यह लाइन मुस्तफा अहमद (Mustafa Ahmed) पर फिट बैठती है. सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेनर मुस्तफा अहमद उन चुनिंदा लोगों में से एक हैं, जो इस विचार को सच में जीते हैं. आज वे फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' (Dhurandhar 2) में रिजवान के किरदार के लिए खूब तारीफ बटोर रहे हैं. लेकिन प्रसिद्धि मिलने से बहुत पहले उनका जीवन बिल्कुल अलग था. मुस्तफा का जन्म और शुरुआती जीवन आसान नहीं था.

वे दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक सामान्य जिम ट्रेनर थे और महीने में सिर्फ 10,000 रुपये कमाते थे. लगभग 15 साल की मेहनत के बाद वे बॉलीवुड के बड़े सितारे ऋतिक रोशन के पर्सनल ट्रेनर बन गए. उनका यह सफर कोई आम कहानी नहीं है. बचपन में मुस्तफा बहुत पढ़ाई में तेज नहीं थे. उन्हें डिस्लेक्सिया (एक तरह की लर्निंग डिसऑर्डर) था, जिसकी वजह से उन्होंने औपचारिक पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी. लेकिन उनका शरीर हमेशा बहुत एक्टिव रहा. वे खेलों में अच्छे थे, नाचना-गाना उन्हें स्वाभाविक रूप से आता था. कोई भी ऐसी चीज जिसमें शरीर का इस्तेमाल होता, उसमें वे माहिर थे.

डिस्लेक्सिया से रहें पीड़ित

एक पॉडकास्ट में उन्होंने बताया, 'मैं कभी स्कूल में होशियार बच्चा नहीं था. डिस्लेक्सिया की वजह से पढ़ाई मुश्किल लगती थी. मेरा परिवार अफगानी बैकग्राउंड से था, लेकिन मैं हमेशा फिजिकल एक्टिविटीज में आगे रहता था.' 21 साल की उम्र में, साल 2001 में, वे एक कॉल सेंटर में काम कर रहे थे और सबसे कम उम्र के टीम लीडर बनकर 1 लाख रुपये महीना कमा रहे थे. यह उस समय किसी के लिए सपने जैसी नौकरी थी. लेकिन जिंदगी ने एक पल में सब बदल दिया. एक दिन जनकपुरी के जिम में ट्रेनिंग करते हुए उन्होंने देखा कि एक ट्रेनर 40 साल की एक महिला को इग्नोर कर रहा था. मुस्तफा ने खुद आगे बढ़कर उसकी मदद की. उन्हें नहीं पता था कि यह छोटा-सा काम उनकी पूरी जिंदगी बदल देगा. कुछ महीनों बाद उस महिला ने उन्हें एक लिफाफा दिया और कहा कि घर जाकर पढ़ना. मुस्तफा डर गए, लेकिन लेटर में महिला ने लिखा कि एक्सरसाइज करने से उनकी शादीशुदा लाइफ में फिर से प्यार और खुशी लौट आई है. उन्होंने मुस्तफा को कहा कि 'यह तुम्हारा जीवन का असली मकसद है, इसे छोड़ना गलत होगा.' ये शब्द मुस्तफा के दिल में घर कर गए. उन्होंने अपनी अच्छी तनख्वाह वाली नौकरी छोड़ दी. उनका मैनेजर उन्हें पागल कहने लगा. उनकी मां भी नाराज हो गईं और उनसे बात करना बंद कर दिया, क्योंकि उन्होंने स्थिर करियर छोड़ दिया था. वो भी तब जब पढ़ाई भी पूरी नहीं की थी. फिर मुस्तफा ने दोबारा सादगी से शुरुआत की.

Instagram: mustafa_thebull_ahmed

कैसे बनें नंबर 1 ट्रेनर?

वेस्टर्न दिल्ली के एक जिम में सिर्फ 10,000 रुपये महीना की नौकरी ली, जहां उन्हें सुबह 4 बजे उठकर जिम खोलना पड़ता था. इसी दौरान कनॉट प्लेस के फिटनेस फर्स्ट जिम में उनकी मुलाकात हुई. कोई डिग्री न होने के बावजूद उनकी ईमानदारी और मेहनत ने उन्हें नौकरी दिला दी. वहां उन्हें 18,000 रुपये फिक्स्ड सैलरी और पर सेशन 600 रुपये मिलने लगे जिसमें से आधे ट्रेनर रख लेते थे. मुस्तफा को यकीन नहीं हुआ कि लोग एक घंटे के लिए इतना पैसा दे सकते हैं. उन्हें लगा अब कोई लिमिट नहीं है. फिर लगातार मेहनत शुरू हुई. तीन महीने में वे एशिया के फिटनेस फर्स्ट के नंबर 1 ट्रेनर बन गए. वे दिन में 14 सेशन लेते थे, हफ्ते में 6 दिन काम करते थे. महीने में करीब 400 घंटे और 14 लाख रुपये से ज्यादा कमाते थे. 2009 तक उन्होंने अपनी काबिलियत साबित कर दी. धीरे-धीरे उनकी सोच बड़ी होती गई. वे सोचते थे कि भारतीय फिटनेस ट्रेनरों को इंटरनेशनल ट्रेनरों जितना सम्मान क्यों नहीं मिलता.

Instagram: mustafa_thebull_ahmed

ऋतिक रोशन का आया फोन और सब बदल गया

उन्होंने खुद से कहा, 'मैं भी उनके बराबर हूं, तो मुझे क्यों नहीं मौका?. फिर किस्मत ने साथ दिया. उनकी पत्नी राधिका ने हेल्दी बेकिंग का बिजनेस शुरू किया, जिसके जरिए उनकी मुलाकात एक सेलिब्रिटी ट्रेनर से हुई, जो ऋतिक रोशन से जुड़े थे. एक मैसेज, हफ्तों की बेचैनी के बाद आखिरकार कॉल आई. ऋतिक ने मैसेज किया कि वे एक ट्रेनर ढूंढ रहे हैं. मिलने के बाद चोटों और ट्रेनिंग की बात हुई. दो दिन बाद ऋतिक ने पूछा क्या तुम मुझे ट्रेनिंग दे सकते हो?. बस ऐसे ही 2015 में ऋतिक उनका पहला बड़ा क्लाइंट बने. उसके बाद मुस्तफा ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वे बॉलीवुड के टॉप फिटनेस कोच बन गए. महामारी के बाद उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग भी शुरू की, ताकि ज्यादा लोग उनके तरीके सीख सकें. एक्टिंग की दुनिया में एंट्री भी एक और संयोग थी. निर्देशक आदित्य धर ने उन्हें मौका दिया. मुस्तफा ने आदित्य को बहुत क्रेडिट दिया है. फिल्म रिलीज से पहले उन्होंने एक इमोशनल पोस्ट लिखा, 'जब भी मुझे खुद पर शक होता था, आदित्य कहते थे मैं हूं ना, तू कर.'

Instagram: mustafa_thebull_ahmed

आदित्य धर ने जताया भरोसा

'धुरंधर: द रिवेंज' 5 दिसंबर 2025 को रिलीज हुई और मुस्तफा ने इंस्टाग्राम पर अपने पहले दिन का अनुभव शेयर किया. उन्होंने लिखा कि वे कोई ट्रेंड एक्टर नहीं हैं, लेकिन दिल से जानते थे कि वे यहीं के हैं. ईमानदारी और सीखने की लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है. 'धुरंधर' फ्रैंचाइजी में मुस्तफा अहमद ने रिजवान का किरदार निभाया है. रिजवान एक RAW एजेंट है, जो अरशद पप्पू के गिरोह में घुसपैठ करता है. प्रीक्वल में गौरव गेरा के किरदार मोहम्मद आलम ने रणवीर सिंह के हमजा से रिजवान की मुलाकात करवाई थी. सीक्वल 'धुरंधर: द रिवेंज' में रिजवान हमजा का सबसे भरोसेमंद साथी और दाहिना हाथ बन जाता है. इस तरह जिम ट्रेनर से बड़े पर्दे तक पहुंचने वाली मुस्तफा की प्रेरणादायक कहानी और मजबूत हो जाती है.

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