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नोएडा के 101 करोड़ के इंडोर स्टेडियम का टेंडर विवादों में, फर्जी दस्तावेज से लेकर Fire NOC तक पर उठे सवाल; आरोपों की जांच शुरू

नोएडा के करीब 101 करोड़ रुपये के इंडोर स्टेडियम के 15 साल के संचालन टेंडर पर गंभीर सवाल उठे हैं. एक निजी संस्था ने फर्जी दस्तावेज, टेंडर की शर्तों के उल्लंघन, जिम को दूसरी कंपनी को देने और बिना फायर NOC संचालन जैसे आरोप लगाए हैं. शिकायत के बाद नोएडा प्राधिकरण ने जांच शुरू कर दी है.

Noida rs101 Crore Indoor Stadium Tender Under Scrutiny
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नोएडा इंडोर स्टेडियम टेंडर में गड़बड़ी के आरोप

मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा3 Mins Read

Updated on: 3 Aug 2026 7:21 PM IST

खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब 101 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए नोएडा इंडोर स्टेडियम का संचालन अब विवादों में घिर गया है. स्टेडियम के संचालन का 15 साल का टेंडर पाने वाली सिक्योरिटी सॉल्यूशन कंपनी पर टेंडर की शर्तों के उल्लंघन, फर्जी दस्तावेज लगाने और बिना आवश्यक अनुमति के संचालन करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. एक निजी संस्था ने इस पूरे मामले को लेकर नोएडा प्राधिकरण को शिकायत दी है.

शिकायत के मुताबिक, कंपनी ने टेंडर हासिल करने के लिए देश के कई नामचीन खिलाड़ियों के नाम और अनुभव का हवाला दिया था. इनमें बॉक्सर विजेंद्र सिंह और पूर्व क्रिकेटर आर.पी. सिंह समेत अन्य खिलाड़ियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं. आरोप है कि जिन खिलाड़ियों को कंपनी में 30 प्रतिशत हिस्सेदार दिखाया गया और जिनके अनुभव प्रमाणपत्रों के आधार पर टेंडर हासिल किया गया, वे अब कंपनी से जुड़े ही नहीं हैं. ऐसे में पूरे टेंडर की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं.

कंपनी को नहीं है स्टेडियम चलाने का अनुभव

आरोप यह भी है कि कंपनी ने टेंडर के दौरान जो अनुभव प्रमाणपत्र (एक्सपीरियंस लेटर) प्रस्तुत किया था, वह भी संदिग्ध है. शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कंपनी के पास स्टेडियम संचालन का आवश्यक अनुभव नहीं था और कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टेंडर प्राप्त किया गया. स्टेडियम संचालन करने वाली कंपनी पर यह आरोप भी है कि उसने स्टेडियम के अंदर संचालित जिम को दूसरी कंपनी को लीज पर देकर किराया वसूला, जबकि टेंडर की शर्तों में जिम को इस तरह संचालित करने या किसी अन्य एजेंसी को देने का कोई प्रावधान नहीं बताया गया है.

फायर एनओसी भी नहीं

मामले का एक पहलू यह है कि इंडोर स्टेडियम में नियमित रूप से खेल प्रतियोगिताएं, बड़े आयोजन और खिलाड़ियों की प्रैक्टिस होती है. इसके बावजूद अब तक स्टेडियम के लिए फायर एनओसी नहीं ली गई है. ऐसे में किसी भी आगजनी जैसी आपात स्थिति में बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है.

नोएडा अथॉरिटी ने क्या एक्शन लिया?

पूरा मामला सामने आने के बाद नोएडा अथॉरिटी के सीईओ कृष्णा करुणेश ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं. प्रारंभिक जांच में टेंडर आवंटन की शर्तों के उल्लंघन के संकेत मिले हैं. अथॉरिटी अब संबंधित कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगी. यदि कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल नोएडा अथॉरिटी पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा.

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